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#धमाका_बड़ी_खबर: शिवपुरी MLA देवेंद्र जैन का नपा को लेकर नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे को लिखा 1 सितंबर का पत्र वायरल, जैन बोले, नहीआज तक नहीं हुई कारवाई, शहर में आज वायरल हुआ वो पत्र, "जैन ने पुलिस को दिया आवेदन, फर्जी है ये पत्र दोषी ढूंढकर दर्ज कीजिए केस

बुधवार, 1 अक्टूबर 2025

/ by Vipin Shukla Mama
शिवपुरी। शिवपुरी नगर पालिका परिषद आज एक बार फिर चर्चा में आ गई जब शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन का 1 सितंबर को नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे को लिखा पत्र  वायरल हो गया। हालांकि एक महीने पहले लिखे इस पत्र को लेकर बीजेपी विधायक जैन ने उक्त पत्र को फर्जी बताते हुए पुलिस में आवेदन देकर पत्र जारी करने वाले के विरुद्ध केस दर्ज करने की मांग कर डाली है। जिससे पूरी कहानी की हवा निकल गई है। उक्त पत्र को लेकर भोपाल में चार दिन पहले खबरें भी प्रकाशित हो चुकी हैं लेकिन जब जैन ने कहा है कि पत्र कूट रचित षड्यंत्र है तो फिर कोई सवाल ही नहीं उठता। ये निम्नलिखित पत्र पुलिस को जैन ने लिखा है।

ये पत्र हुआ था वायरल
खैर आज जो पत्र वायरल हुआ था और बाद में फर्जी बताया जा रहा है उसमें शिवपुरी से भाजपा विधायक देवेन्द्र जैन ने सवाल उठाए थे। जैन के हवाले से नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे को पत्र लिखा कि शिवपुरी नगर पालिका में घोटाले के चलते जो प्रकरण दर्ज कराया है, उसमें फर्जी भुगतान करने वाले सभी प्राधिकारियों को आरोपी नहीं बनाया है। विधायक देवेन्द्र जैन ने आयुक्त को सितंबर महीने के शुरुआत में पत्र लिखा। जिसमें उन्होंने शिवपुरी कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा जांच के बाद दर्ज कराए गए अपराधिक प्रकरण 504/25 में घोटाले से जुड़े मुख्य प्राधिकारियों को आरोपी नहीं बनाए जाने पर सवाल उठाए। जैन ने कहा कि अपराधिक प्रकरण में भुगतानकर्ता प्राधिकारियों को आरोपी ही नहीं बनाया गया है। जबकि नगर पालिका में भ्रष्टाचार व घपले करने वालो वालो का एक गिरोह है। 
नगरीय प्रशासन आयुक्त बोले, अन्य दोषियों पर होगी कारवाई
नगरीय प्रशासन संचालनालय की जांच में  खुलासा हुआ है कि कई काम या तो अधूरे हैं या शुरू ही नहीं हुए हैं। साथ ही साथ भुगतान में भी बड़ी गड़बडिय़ां मिलीं हैं। जांच में सामने आया कि कुछ ठेकेदारों को एक-दो माह में भुगतान कर दिया गया। वहीं, कई ठेकेदार लंबे समय से भुगतान के लिए चक्कर काट रहे हैं। परिषद और पीआईसी की बैठकों में वित्तीय स्थिति की अनदेखी की गई है।  जांच रिपोर्ट में उजागर हुए तथ्यों के अनुसार, बजट प्रावधानों को नजर अंदाज करते हुए करोड़ों के प्रस्ताव पास कर दिए गए। एक-एक लाख की फाइल बनाकर फर्जी भुगतान कराए गए। कई फाइलें नगर पालिका कार्यालय की बजाय अध्यक्ष के घर से संचालित की गईं, जिन पर अध्यक्ष ने अपनी तरफ से भुगतान करने की अनुमति देते हुए मामले में खुद को शक के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है, जिसकी अब जांच की जा रही है। जांच में पता चला है कि भवन निर्माण स्वीकृति पोर्टल पर 55 प्रकरण समय सीमा से बाहर लंबित मिले। आयुक्त भोंडवे ने इन सभी अनियमितताओं को देखते हुए कार्रवाई की है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि अन्य जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई होगी।
तो सच निकलेगा पार्षदों का आरोप
गर जांच में घोटाला उजागर हुआ और जांच का दायरा बढ़ा तो पार्षदों की बात सिद्ध हो जाएगी, जो पहले से ही उनके खिलाफ मोर्चा तैयार लिए बैठे हैं। 18 पार्षदों ने नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सामूहिक रूप से इस्तीफा दिया है। इस्तीफा देने वाले पार्षदों में 12 भाजपा के हैं, जबकि चार पार्षद कांग्रेस तो दो पार्षद निर्दलीय हैं। बता दें कि शिवपुरी नगर पालिका में फर्जी भुगतान करने के मामले में पहले ही दो इंजीनियर सहित एक ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो चुकी है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अध्यक्ष और सीएमओ को अपराधिक प्रकरण से दूर रखा
नगर पालिका की व्यवस्था में सभी बड़े भुगतान अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीएमओ) के हस्ताक्षर से ही होते हैं। शिवपुरी नगर पालिका में 57 करोड़ का फर्जी भुगतान हुआ था। जो अध्यक्ष गायत्री शर्मा, सीएमओ ईशांक धाकड़ के हस्ताक्षर से किया गया। शिवपुरी कलेक्टर ने घोटाले की जांच कराने के बाद अपराधिक प्रकरण दर्ज कराया, जिसमें ठेकेदार और उपयंत्री को आरोपी बनाया है जबकि फर्जी भुगतान करने वाले अध्यक्ष और सीएमओ को आरोपी नहीं बनाया है। हालांकि इस मामले में नगरीय प्रशासन संचालनालय ने सीएमओ ईशांक धाकड़ समेत दो पूर्व सीएमाओ निलंबित कर दिया था, जो कोर्ट से स्टे लेकर मैदान में फिर उतर चुके है, जबकि नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा को आरोप पत्र तक नहीं दिया गया है।
ये बोले अधिकारी, जांच चल रही है, जांच में जो नए तथ्य आएंगे, कार्रवाई करेंगे 
शिवपुरी कलेक्टर की रिपोर्ट पर कुछ लोगों को निलंबित भी किया जा चुका है। इस मामले की जांच चल रही है। जांच में जो नए तथ्य आएंगे। कार्रवाई करेंगे। 
संकेत भोंडवे, आयुक्त, नगरीय प्रशासन संचालनालय भोपाल। 
पार्षद विजय बिंदास ने लिखा विधायक के नाम पत्र 
आज पत्र वायरल होने और बाद में फर्जी घोषित किए जाने से पहले पार्षद विजय बिंदास ने एक पत्र जारी किया था जिसमें लिखा था कि विधायक जी आपकी छवि नम्र और ईमानदारी की है लेकिन शहर में कई लुटेरे जो आपको नम्र और ईमानदारी के चलते लगातार शहर लूटने में लगे है जिससे शहर का विकास तो पानी में डूब गया जनता अपनी मूलभूत सुविधा बिजली, पानी, सड़क को तरस गई पैसा खर्च हुआ पर जिम्मेदारों की जेब में समा गया और इन जिम्मेदारो के लूटने से आपकी छवि भी धूमिल हो रही है जिससे आने वाले समय में पार्टी और शहर का विनाश , छबि  खराब होना तय है क्योंकि आपके अधीनस्थ नगरपालिका में इतने घोटाले इन जिम्मेदारों ने किए है अगर उनकी जांच हो जाए तो इन भ्रष्ट जिम्मेदारों  का काला मुंह होना भी आपकी आंखों के सामने होना तय है आपकी ईमानदारी की मिशाल ये है कि आपने नगर पालिका श्रेत्र को 18 करोड़ से अधिक राशि का आवंटन अपनी विधायक निधि से किया है लेकिन मजाल क्या कोई आप पर कोई एक पैसे का आरोप भी लगा दे इसका गवाह में खुद भीं हु जो मेरे अनुरोध पर दो ट्रांसफर निशुल्क मेरे प्रियजनों के आपने अपने लेटर के माध्यम से कराए है। जब हम विकास और शहर हित के लिए चुनकर आए है तो ऐसे भ्रष्ट जिम्मेदारों  पर कार्यवाही करने से क्यों पीछे रहे ! 
धन्यवाद आपका विधायक जी जो आपने भी भिंड विधायक की तरह गलत को गलत कहने का साहस दिखाया।















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