सरकार ने 2020 में संवेदनशील सूचनाएं लीक होने की आशंका के चलते जवानों और अधिकारियों को 89 एप हटाने का आदेश दिया था। इसमें फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक, जूम और पबजी शामिल थे। इन एप के जरिए उस वक्त हनीट्रैप के कई मामले सामने आए थे।
जवानों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर नई पॉलिसी
इंस्टाग्राम
इजाजतः फोटो, रील्स और वीडियो देख सकेंगे।
मनाही: पोस्ट पर लाइक और कमेंट करना।
स्काइप, वॉट्सएप, टेलीग्राम और सिग्नल
इजाजतः गैर गोपनीय जानकारी शेयर की अनुमति।
मनाही: अनजान पर्सन से बातचीत करना।
यूट्यूब, एक्स (द्विटर), कोरा और इंस्टाग्राम
इजाजत
जानकारी और नॉलेज पार्ट के लिए।
मनाही
यूजर-जनरेटेड कंटेंट, पोस्ट अपलोड करना।
लिंक्डइनः लिंक्डइन का उपयोग केवल रिज्यूमे अपलोड करने और कर्मचारियों से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जा सकेगा।
नए और पुराने नियमों में अंतर
इंस्टाग्राम /फेसबुक / एक्स (द्विटर) पर पहले
पोस्ट न करने की सलाह, टिप्पणी से परहेज था। नए नियम के अनुसार इन पर
केवल देखने और निगरानी की अनुमति, कोई पोस्ट/कमेंट नहीं कर सकेंगे।
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वॉट्सएप/टेलीग्राम / सिग्नल / स्काइप
पहले निजी बातचीत तक सीमित रहने की हिदायत थी नए नियम के अनुसार केवल गैर-गोपनीय जानकारी साझा करने की अनुमति, वह भी परिचित लोगों से।
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यूट्यूब / कोरा
पहले नियम सावधानी बरतने के निर्देश, स्पष्ट नियम नहीं। अब नए नियम के अनुसार
केवल जानकारी प्राप्त करने की अनुमति, कोई कंटेंट अपलोड नहीं।
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लिंक्डइन
पहले कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं थे अब
केवल रिज्यूमे अपलोड और संभावित नियोक्ता/कर्मचारी की जानकारी के लिए उपयोग कर सकेंगे।
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फोटो/वीडियो शेयरिंग
पहले यूनिफॉर्म, हथियार, कैंप की फोटो पर रोक थी। अब नए नियम के अनुसार सभी ऐप्स पर पूरी तरह प्रतिबंध, नियम और सख्त।
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लोकेशन/मूवमेंट जानकारी
पुराने नियम में साझा न करने की सलाह अब नए नियम में किसी भी रूप में साझा करना सख्त मना है।
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अनजान लोगों से संपर्क
पहले थी सावधान रहने की हिदायत अब नए नियम के अनुसार केवल परिचित लोगों से संवाद की अनुमति।
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यूजर-जनरेटेड कंटेंट
पहले नियम में पूरी तरह मनाही थी। नए नियम में सभी प्लेटफॉर्म्स पर स्पष्ट प्रतिबंध।
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उल्लंघन पर कारवाई
पहले संभव, लेकिन नियम बिखरे हुए अब
नए नियम में स्पष्ट जवाबदेही और कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई।
बदलते परिवेश में आवश्यक
सेना से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि गाइडलाइंस में यह बदलाव कुछ दिन पहले किया गया था। जानकारी अब सामने आई है और यह भारतीय सेना के सभी रैंकों पर लागू होता है।
सूत्र ने बताया कि बदलाव के पीछे बड़ी वजह यह है कि इंफॉर्मेशन की दुनिया बदल रही है और सेना खुद को इससे दूर नहीं रख सकती। सोशल मीडिया के जरिए सेना के जवान जानकारी देख सकते हैं, ऑब्जर्व कर सकते हैं और देश और विदेश में होने वाली घटनाओं से खुद को अपडेट रख सकते हैं।
2020 में हनी ट्रैप के बढ़ते मामलों के चलते बैन लगा था
2020 से पहले जवानों के सोशल मीडिया इस्तेमाल करने पर हनी ट्रैप के मामले बढ़ गए
थे। इसके जरिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को संवेदनशील सूचनाएं लीक होने की कई घटनाएं सामने आ चुकी थीं।
सेना का दावा था कि एप के जरिए सूचनाएं जुटाकर पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसी देश सीमा और नियंत्रण रेखा पर लगातार परेशानी पैदा कर रहे थे। इसी वजह से 2024 में सेना ने अपने अधिकारियों व जवानों से आधिकारिक कामकाज में वॉट्सएप के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी थी। बाद में पूरी तरह बैन लगा दिया था।










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