Gwalior ग्वालियर। ग्वालियर संभाग में वर्षों से लापता नाबालिग बच्चियों के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, ग्वालियर खंडपीठ ने सख्त रुख अपनाया है। इस मामले में एक जनहित याचिका शिवपुरी की अधिवक्ता ऋतु शर्मा के माध्यम से दायर की गई है। पायल धनावत बनाम राज्य शासन एवं अन्य नामक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पुलिस प्रशासन से वर्ष 2014 से 2025 तक का विस्तृत और तथ्यात्मक ब्यौरा पेश करने के निर्देश दिए हैं।
अधिवक्ता ऋतु शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस गंभीर और संवेदनशील मामले में दिनांक 07 जनवरी 2026 को हुई सुनवाई में माननीय न्यायमूर्ति जी. एस. अहलुवालिया एवं न्यायमूर्ति अनिल वर्मा की खंडपीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि नाबालिग बच्चियों का इस प्रकार लापता होना एक अत्यंत गंभीर और चिंताजनक विषय है। इस मामले अब अगली सुनवाई 19 जनवरी 2026 को होगी।
आईजी और एसपी को कोर्ट में किया तलब
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने पुलिस महानिरीक्षक, ग्वालियर ज़ोन तथा पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से तलब किया।
कोर्ट के सामने रखे एडवोकेट ऋतु ने चौंकाने वाले आंकड़े
एडवोकेट शर्मा के अनुसार वर्तमान में शिवपुरी जिले से 30 नाबालिग बच्चियां अब भी लापता हैं। वर्ष 2025 में 228 नाबालिग बच्चियां लापता हुई, जिनमें से 210 की वापसी बताई गई। हालांकि इस मामले में शिवपुरी एसपी अमन सिंह राठौड़ का कहना है कि वर्ष 2025 में 228 बच्ची लापता हुई हमने 235 बरामद की है, इसका साफ मतलब है कि उनमें से कुछ पूर्व की लापता बच्चियां पुलिस ढूंढकर लाई है। हम लगातार इस दिशा में काम कर रहे हैं।
शर्मा ने इनमें से अब भी लापता बच्चियों का वर्षवार विवरण दिया
जिसमें 2014-1, 2015-1, 2019-2, 2021-1, 2022-1, 2023-3, 2024-3, 2025-18 बच्चियां बताई हैं।











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