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#धमाका_धर्म: मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा: डॉ विकास दीप शर्मा मंशापूर्ण ज्योतिष

सोमवार, 12 जनवरी 2026

/ by Vipin Shukla Mama
* मकर संक्रांति 14 या 15 को कब है, जानिए विश्लेषण
शिवपुरी। श्री मंशापूर्ण ज्योतिष अनुसार मकर संक्रांति का महत्व  सूर्य के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करने पर है,जिस समय सूर्य  धनु राशि से मकर राशि मे प्रवेश करते है  ओर  सूर्य उत्तरायण होते हैं और शुभ समय की शुरुआत को मकर संक्रांति कहा जाता  है
इस समय काल में किया गया  स्नान, दान (तिल, गुड़, अन्न) इस पर्व का महत्व माना जाता है।
मकर संक्रांति का पर्व सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही मनाया जाता है। यह वह क्षण होता है, जब सूर्य उत्तरायण हो ते हैं और खरमास के बाद शुभ काल आरंभ होता है। धार्मिक दृष्टि से यह समय आत्मशुद्धि और पुण्य अर्जन के लिए अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है।
2026 में मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा। इस दिन का पुण्य काल दोपहर 03:13 बजे से आरंभ होगा। वहीं महा पुण्य काल दोपहर 03:13 बजे से शाम 04:58 बजे तक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार, इस अवधि में किया गया स्नान-दान और पूजा कई गुना पुण्य फल प्रदान करती है। माना जाता है कि इस शुभ काल में दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और साधक के जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है ।
डॉ विकासदीप शर्मा
श्री मंशापूर्ण ज्योतिष
शिबपुरी 9993462153
उदय तिथि अनुसार 15  को  संक्रांति कुछ विद्वान मान रहे है लेकिन हमेशा सूर्य के गोचर पर निर्भर होता है। मतलब संक्रांति उसी दिन मनाई जाती है जिस दिन सूर्योदय के बाद सूर्य का गोचर होता है। 
पंचांग के मुताबिक सूर्य देव 14 जनवरी 2026, बुधवार की दोपहर 3 बजकर 13 मिनट गोचर करेंगे। इसलिए मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा।
14 जनवरी 2026 को मकर संक्रान्ति  का पुण्य काल 15:13 बजे से 17:45 बजे के बीच का रहेगा। इसकी अवधि 02 घंटे 32 मिनट की रहेगी। 2026 में मकर संक्रांति का महा पुण्य काल 15:13 से 16:58 के बीच का रहेगा। इसकी अवधि 01 घंटा 45 मिनट की होगी।











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