शिवपुरी। चैक बाउंस के एक महत्वपूर्ण मामले में निर्णय सुनाते हुए माननीय प्रथम श्रेणी दंडाधिकारी श्री जितेन्द्र मैहर ने आरोपी सतेन्द्र रघुवंशी पुत्र कैलाश रघुवंशी निवासी लुकवासा पानी की टंकी के पास को एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है और अपील अवधि के पश्चात 19,81,733 रुपए की प्रतिकर राशि परिवादी हरिबल्लभ वर्मा पुत्र बद्रीप्रसाद वर्मा निवासी देवीपुरम कालोनी सोनचिरैया होटल के पास को दिये जाने का निर्णय आदेश दिया है। परिवादी की ओर से मामले की पैरवी गोपाल व्यास और अजय गौतम एडवोकेट्स ने की।
मामले के अनुसार मण्डी में माल खरीदने बेचने के व्यावसाय के लिए धन की आवश्यकता के चलते आरोपी सतेन्द्र रधुवंशी जो कि नैना ट्रेडिंग कंपनी का प्रोपराईटर है उसने अपने परिचित हरिबल्लभ वर्मा से अलग अलग तारीखों में अपने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 35,20,000 रुपए उधार ली। आरोपी ने अलग-अलग तारीखों में परिवादी के बैंक खाते में कुल 18,50,000 रुपए वापस कर दिये।शेष धनराशि की अदायगी हेतु 16,70,000 रुपए का भारतीय स्टेट बैंक का एक स्वहस्ताक्षरित चैक दिनांकित 10/08/2023 का दिनांक 16/04/2021 को परिवादी हरिबल्लभ वर्मा दिया। भुगतान हेतु परिवादी ने चैक इंडियन ओवरसीज बैंक शाखा शिवपुरी के अपने खाते में जमा किया तो दिनांक 19/08/2023 को चैक बाउंस (अनादरण) की टीप के साथ परिवादी को प्राप्त हुआ।
तब परिवादी हरिबल्लभ ने आरोपी को एक विधिक सूचना पत्र अपने एडवोकेट्स के माध्यम से प्रेषित किया। सूचना पत्र का आरोपी ने उत्तर नहीं दिया न ही परिवादी को भुगतान हेतु कोई आशय दर्शित किया तब परिवादी ने अपने एडवोकेट्स के माध्यम से मामला माननीय प्रथम श्रेणी दंडाधिकारी श्री जितेन्द्र मैहर के न्यायालय में पेश किया। दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के विश्लेषण करते हुए निर्णय में टिप्पणी करते हुए लिखा कि परिवादी पक्ष ने अपने मामले को संदेह से परे साबित किया है।
निर्णय आदेश में कहा गया है कि प्रतिकर की राशि की अदायगी में व्यतिक्रम की दशा में 6 माह का सश्रम कारावास पृथक से भुगताया जायेगा।











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