"हिम्मते मर्दा मददे खुदा" एक प्रसिद्ध उर्दू/फ़ारसी कहावत है, जिसका अर्थ है कि जो लोग साहस, मेहनत और दृढ़ता (हिम्मत) दिखाते हैं, ईश्वर (खुदा) स्वयं उनकी सहायता करते हैं। इसका अर्थ है कि कर्मठ व्यक्ति की भगवान मदद करते हैं, न कि आलसी या कर्महीन लोगों की। यह कहावत हमें यह सिखाती है कि हमें हार नहीं माननी चाहिए, बल्कि अपनी समस्याओं का सामना खुद करना चाहिए ताकि ऊपर वाला मदद करे।
आज की ये खबर एक ऐसे ही साहसी पुलिस कर्मी की है जिन्हें परिवारजनों और साथियों से हौंसला मिला तो वे सदैव के लिए बिस्तर पर न जाकर कर्तव्य पथ पर चल पड़े और वो कर दिखाया कि उन्हें 26 जनवरी पर सार्वजनिक रूप से मंत्री जी ने पुरस्कृत किया। दरअसल व्हील चेयर पर बैठे और कोई नहीं बल्कि भूपेंद्र सिंह सेंगर (ASI, MP Pollice) हैं। जो बीमार हुए तो रीड की हड्डी ने साथ छोड़ दिया, बिस्तर पर आ गए लेकिन उनकी हिम्मत को सलाम करना होगा, वह इस जटिल बीमारी से ना केवल जूझे बल्कि बीमारी पर भी अपनी इच्छा शक्ति से काबू किया और उनको इस संकट के समय में उनका साथ दिया उनके बच्चों और भाभीजी ने चल नहीं पाते लेकिन सीसीटीवी कैमरों के जाल से पूरे शहर में होने वाले अपराधों और घटनाओं पर नजर रखते हैं! कई ना सुलझने वाले मामलों को सुलझाने में दर्द और तनावपूर्ण स्वास्थ्य के बावजूद जुटकर साथ निभाया।
गणतंत्र दिवस पर उनको सम्मानित होता देख दिल खुश हो गया। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल और एसपी अंकित सोनी ने ख़ुद उनकी व्हील चेयर पर जाकर सम्मानित किया।












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