*वर्ष 2025 नवाचार, रिकॉर्ड निवेश और पर्यटन विस्तार का स्वर्णिम अध्याय
शिवपुरी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विज़न के अनुरूप देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में हो रहे सतत प्रयासों के बीच, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश ने वर्ष 2025 में पर्यटन, संस्कृति और निवेश के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी तथा अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह एवं धार्मिक न्यास और धर्मस्व श्री शिव शेखर शुक्ला के कुशल नेतृत्व में मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के लिए वर्ष 2025 नवाचारों, विस्तार और निवेश आधारित विकास का एक महत्वपूर्ण वर्ष रहा।
वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश पर्यटन को राष्ट्रीय और वैश्विक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा एवं पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा जैसी अभिनव पहलों की शुरुआत की गई, जिससे प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी को सशक्त बनाया गया। इन पहलों ने न केवल पर्यटकों के लिए यात्रा को सुगम बनाया, बल्कि निवेश और रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए।
ग्रामीण पर्यटन को सशक्त करते हुए विगत दो वर्षों में 400 से अधिक होमस्टे प्रारंभ किए गए, जो ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण सिद्ध हो रहे हैं। सरकार का लक्ष्य आगामी समय में 1000 होमस्टे विकसित करने का है। वहीं, रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव और मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट जैसे आयोजनों के माध्यम से लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिसने पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को नई गति दी।
धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में ओंकारेश्वर को अद्वैत लोक के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊँची प्रतिमा की स्थापना के पश्चात अद्वैत लोक के द्वितीय चरण हेतु 2424 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी का परिणाम है कि वर्ष 2024 में प्रदेश में 14 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ और पर्यटक संख्या में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में प्रदेश में संग्रहालयों की एक नई श्रृंखला विकसित की जा रही है। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, सागर, पन्ना, जबलपुर और महेश्वर सहित कई नगरों में विशिष्ट संग्रहालयों का निर्माण प्रगति पर है। इसके साथ ही, श्रीरामचंद्र वनगमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय जैसी योजनाओं ने धार्मिक पर्यटन को नई दिशा दी है।
वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। समावेशी और सुरक्षित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 50 हजार महिलाओं और बालिकाओं को प्रशिक्षित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। आगामी वर्षों में प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन का योगदान 10 प्रतिशत तक बढ़ाने के लक्ष्य के साथ 500 नए होटल, 20 हजार कक्ष और 500 मार्ग सुविधा केंद्र विकसित किए जाने की योजना है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के लिए वर्ष 2025 उपलब्धियों, निवेश और नवाचारों का ऐसा वर्ष रहा, जिसने प्रदेश को भारत के अग्रणी पर्यटन राज्यों की श्रेणी में और अधिक सुदृढ़ किया है।
*मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड की वर्ष 2025 की उपलब्धियां
*नई पर्यटन नीति -2025 एवं नई फिल्म पर्यटन नीति -2025*
● मध्यप्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने तथा पर्यटन के क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के लिये नई पर्यटन नीति 2025 बनाई गई, जिसके तहत पर्यटन के क्षेत्र में निवेश से संबंधित प्रावधानों को अधिक पारदर्शी और सरल किया गया ।
● मध्यप्रदेश में फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने तथा इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के लिये नई फिल्म पर्यटन नीति 2025 बनाई गई, जिसके तहत फिल्म निर्माण से संबंधित अनुमतियों एवं अनुदान संबंधी अधिक पारदर्शी प्रावधान किये गये हैं, साथ ही स्थानीय विषयों एवं मध्यप्रदेश की संस्कृति एवं विरासत से संबंधित विषयों पर फिल्म निर्माण हेतु अतिरिक्त अनुदान की व्यवस्था की गई है।
*एयर टूरिज्म में नवाचार
पीएम श्री वायु पर्यटन सेवा –
● सार्वजनिक निजी भागीदारी (PPP) के तहत “पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा” के अंतर्गत मेसर्स Jet Serve Aviation Pvt. Ltd के साथ अनुबंध निष्पादित।
● मध्यप्रदेश के प्रमुख 8 शहरों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सिंगरौली, खजुराहो एवं उज्जैन शहरों के मध्य वायु सेवा का संचालन प्रारंभ।
*पीएम श्री पर्यटन हेली सेवा
● पीएम श्री पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन लोक निजी भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर
सेक्टर-1 में मेसर्स ट्रांस भारत एविएशन, सेक्टर-2 एवं सेक्टर-3 में मेसर्स जेट सर्व एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के साथ तीन वर्ष के लिये अनुबंध निष्पादित।
● सेवा का शुभारंभ 01 नवंबर 2025 को।
● हेलीकॉप्टर का संचालन तीन सेक्टरों में –
• सेक्टर-1 में इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर के मध्य
• सेक्टर-2 में भोपाल, मढई, पचमढ़ी के मध्य
• सेक्टर-3 में जबलपुर, मैहर, चित्रकूट, कान्हा, बांधवगढ़, अमरकंटक के मध्य
*विश्व धरोहर विस्तार
● वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश के 15 और स्थलों को यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया गया यह दर्शाता है कि राज्य की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधता विश्व मानकों पर खरा उतरती है। भारत के कुल 69 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों में से 18 विरासत स्थल मध्यप्रदेश में हैं।
● भारत सरकार की यूनेस्को नोडल एजेंसी संगीत नाटक अकादमी द्वारा मध्यप्रदेश की तीन विरासतों भगोरिया आदिवासी नृत्य, गोंड आदिवासी चित्रकला (पाटनगढ़) एवं नर्मदा परिक्रमा को 'राष्ट्रीय अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' की सूची में सम्मिलित किया गया है।
● मैहर बैंड, अगरिया लोह, निमाड़ क्षेत्र के आदिवासी व्यंजनों का नवीन प्रस्ताव संगीत नाटक अकादमी को प्रेषित।
*अधोसंरचना विकास
● कुशाभाऊ कन्वेशन सेन्टर, भोपाल को अंतर्राष्ट्रीय कन्वेशन सेंटर के रूप में विकसित किए जाने का कार्य प्रारंभ (राशि रू. 99.38 करोड़)
● फूलबाग क्षेत्र ग्वालियर, चित्रकूट के घाट, पीताम्बरा पीठ दतिया, अमरकंटक, दुर्गादास की छतरी का विकास का कार्य रूपये 300 करोड़ की लागत से प्रारंभ किये गये।
● महेश्वर एवं कुक्षी की क्राफ्ट विलेज के रूप में स्थापना का कार्य प्रारंभ।
*आयोजन एवं विपणन
● राष्ट्रीय स्तर पर 10 नगरों में हितधारकों के साथ पर्यटन प्रदर्शनियों में सहभागिता ।
● राष्ट्रीय स्तर पर चैन्नई, विशाखापट्टनम, लखनऊ, वाराणसी एवं जयपुर में रोड शो आयोजन ।
● ट्रेवल एजेंट एवं टूर ऑपरेटर प्रशिक्षण कार्यक्रम, प्रयागराज एवं नई दिल्ली में आयोजन ।
● अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अरेबियन ट्रैवल मार्केट (ATM) दुबई, IFTM, Top RESA पेरिस (फ्रांस), फुकुयामा (जापान), जापान ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन (JATA) टोक्यो (जापान), Top RESA पेरिस फ्रांस, ITB Asia सिंगापुर, वर्ल्ड ट्रैवल मार्केट (WTM) लंदन, पर्यटन प्रदर्शनियों में सहभागिता ।
● टूरिज्म ट्रेड फेयर (FITUR) मेड्रिड (स्पेन) एवं इंटरनेशनल टूरिज्म बोर्स बर्लिन (ITB ) (जर्मनी) पर्यटन प्रदर्शनियों में सहभागिता प्रस्तावित ।
● मध्यप्रदेश महोत्सव (बैंगलुरु), सूरज कुंड मेला (फरीदाबाद), विक्रमोत्सव (नई दिल्ली), महाकुंभ मेला (प्रयागराज) एवं ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (भोपाल) में सहभागिता
*निवेश संवर्धन
● कुल 85 लैण्ड पार्सल्स एवं 12 हेरिटेज परिसम्पत्तियों का आवंटन किया गया। जिसके तहत 511 हेक्टेयर क्षेत्र में 1323 करोड़ का निवेश किया। जिससे 12 लाख अधिक लोगो को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ है।
● दो अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट परियोजनाओं का आंवंटन जिनमें 385 करोड़ का निवेश प्रस्तावित।
● 97 मार्ग सुविधा केन्द्रों का आवंटन किया गया।
● ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (GIS) 2025 के दौरान 305 लोगों से 64,635 करोड़ के निवेश आशय प्रस्ताव प्राप्त
● रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव (RTC) रीवा में 14 निवेशकों से राशि रु. 3430 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त
● रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव (RTC) ग्वालियर में 19 निवेशकों से राशि रु. 3500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त
● मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट (MPTM) भोपाल में 21 निवेशकों से राशि रु. 3665 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त
● 19 पर्यटन परियोजनाओं को रु. 24.58 करोड़ का पूंजी अनुदान स्वीकृत जिसके तहत 764 नवीन कक्षों का निर्माण, 308 करोड़ निवेश प्राप्त
● अब तक कुल 124 पर्यटन परियोजनाओं को रु. 228.31 करोड़ का पूंजी अनुदान स्वीकृत जिसके तहत 5026 नवीन कक्ष एवं रु. 1788.66 करोड़ का निवेश प्राप्त
*मध्यप्रदेश ट्रेवल मार्ट का आयोजन
● भोपाल में ‘मध्यप्रदेश ट्रेवल मार्ट’ का आयोजन किया गया, जिसके देशभर के स्टेकहोल्डर्स तथा 28 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लए यह एक मील का पत्थर है।
● मार्ट के माध्यम से 7 हजार से अधिक बिजनेस-टू-बिजनेस बैठकों का सफल आयोजन।
● मध्यप्रदेश ट्रेवल मार्ट में रूपये 3665 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्रस्तावित ।
● इससे पूर्व रीवा एवं ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन।
*सिंहस्थ - 2028
● उज्जैन में सम्राट विक्रमादित्य होटल निर्मित एवं विस्तार प्रस्तावित ।
● मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा अन्य होटलों की क्षमता का विस्तार किया जा रहा है।
● उज्जैन के समिपस्थ ग्रामों में ग्रामीण पर्यटन परियोजनाओं का क्रियान्वयन।
● 18 ग्रामों को पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित करने हेतु प्रस्ताव।
● कुल 180 होमस्टे निर्माण प्रस्तावित।
● महेश्वर में देवी अहिल्या बाई लोक के निर्माण हेतु रूपये 100 करोड़ की योजना स्वीकृत
● ओमकारेश्वर में ओमकारेश्वर परिक्रमा पथ एवं ममलेश्वर लोक हेतु रूपये 200 करोड़ की योजना प्रस्तावित।
● धर्मावलम्बियों को उचित पर्यटन हेतु 500 गाइड प्रस्तावित।
*कौशल संवर्धन में अग्रणी
ग्रामीण पर्यटन
(पंचायत विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग के समन्वय से संचालित)
● ग्रामीण पर्यटन परियोजना अंतर्गत 400 से अधिक होमस्टे निर्मित
● • 37517 अतिथियों का आगमन
• 287 विदेशी पर्यटक
• ग्रामीण समुदाय को 7.02 करोड़ से अधिक की आय
(होमस्टे संचालन, ग्रामीण जीवन अनुभव गतिविधियों एवं ग्रामीण उत्पादों के विक्रय से आय)
● स्वदेश दर्शन 2.0 अंतर्गत धरती-आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DAJGUA) में 14 जनजातीय ग्रामों को पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित करने हेतु प्रेषित DPR पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्वीकृत।
महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल – परियोजना
● महिला बाल विकास मंत्रालय (GOI) निर्भया फंड से 50 पर्यटन स्थलों पर संचालित।
● पर्यटक संवेदनकरण एवं महिला सशक्तिकरण – 421 क्षमतावर्धन एवं उन्मुखीकरण कार्यशालाओं में 30,089 महिलाएं उन्मुखीकृत।
● आत्मरक्षा प्रशिक्षण – 37,599 स्थानीय छात्राएं एवं युवतियां प्रशिक्षित।
● पर्यटन एवं सत्कार क्षेत्र से संबंधित 48 विधाओं में 9502 महिलाएं प्रशिक्षित एवं आजीविका से सम्बद्ध शिक्षण प्रदान किया गया एवं आजीविका से जोड़ा गया। (जिप्सी ड्राइवर, नाविक, गाइड, वर्चुअल रियालिटी (VR) सहित कई नए कार्यक्षेत्र में महिलाओं को पदार्पण)।
● हैंडलूम कैफे प्राणपुर एवं होटल अमलतास पचमढ़ी पूर्णतः महिलाओं द्वारा संचालित।
● पर्यटन स्थल पर 20 टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर महिलाओं द्वारा संचालन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन।
● सिंहस्थ 2028 के विशेष संदर्भ में उज्जैन में जेंडर कॉरिडोर बनाने हेतु कोकाकोला इंडिया के साथ MOU संपादित।
*प्रोजेक्ट क्लीन डेस्टिनेशन
● कोकाकोला कंपनी से सीएसआर के तहत जिला पन्ना एवं बांधवगढ़ में क्रियान्वयन।
● पन्ना में 30 ग्राम एवं बांधवगढ़ में 23 ग्रामों में कचरा प्रबंधन हेतु कार्य संचालन।
● लगभग 10000 परिवारों तक पहुंच एवं घर-घर अपशिष्ट संग्रह प्रारंभ, कुल 40 टन सूखे कचरे का संग्रहण एवं प्रबंधन।
● 30 लोगों को ग्रीन जॉब से जोड़ा गया।
● एक Material Recovery Facility (MRF) सेंटर पन्ना में स्थापित, एवं बांधवगढ़ में MRF सेंटर स्थापना प्रक्रियाधीन।
*रिस्पॉन्सिबल सोविनियर परियोजना
● मड़ला (पन्ना) एवं धमना (छतरपुर) में 02 सोविनियर केंद्र संचालित, 192 महिला शिल्पी प्रशिक्षित।
● 10 नवीन केंद्र – धार, बैतूल, छिंदवाड़ा, डिंडोरी, मंडला, सीधी, सिंगरौली, बालाघाट, सिवनी एवं नर्मदापुरम में प्रक्रियाधीन।
● 1000 शिल्पी प्रशिक्षित कर रोजगार से जोड़ना प्रस्तावित।
*एडवेन्चर गतिविधियां
● गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट, कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट, चंदेरी इको रिट्रीट, हनुवंतिया में जल महोत्सव जैसे बड़े आयोजन किये गये।
● एयर-बेस्ड गतिविधियाँ – निरंतर 4 वर्षों से निरंतर स्काई-डाइविंग का आयोजन।
● NATRAX, इंदौर – TSD Car Rally, मोटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का आयोजन केंद्र।
● बाइकिंग गतिविधियाँ – “Riders in the Wild” एवं “Queens on the Wheel” को लोकप्रिय स्थायी गतिविधि के रूप में विकसित।
● मैराथन आयोजन – पर्यटन स्थलों (पेंच, खजुराहो, पचमढ़ी, जबलपुर, भोपाल) में स्थायी गतिविधि के रूप में प्रोत्साहित।
● मोटर स्पोर्ट्स – इंदौर एवं जबलपुर में TSD कार रैली का आयोजन।
● नवीन ट्रैकिंग ट्रेल्स – इंडिया हाइक्स जैसी प्रतिष्ठित कंपनी से अनुबंध कर बहुदिवसीय ट्रैकिंग ट्रेल का विकास।
● रॉक क्लाइम्बिंग – जटाशंकर, पचमढ़ी में आयोजन।
● बर्ड वॉचिंग – प्रदेश में Bird Tourism को बढ़ावा देने हेतु Ataavi Bird Foundation के साथ MoU।
● साइक्लिंग ट्रेल्स – राष्ट्रीय उद्यानों के बफर क्षेत्र में आयोजन:
(मढ़ई–तवा साइक्लिंग, टूर-डी सतपुड़ा, टूर-डी मोगलीलैंड, टूर ऑफ कान्हा)
● Global Sustainable Tourism Council (GSTC) के तहत पचमढ़ी को ‘ग्रीन डेस्टिनेशन’ प्रमाणन हेतु अनुबंध।
● पर्यटकों की सुविधाओं में विस्तार करते हुये पर्यटकों के लिये 11 नए जंगल सफारी वाहन तथा 10 नई केंटर बसों का संचालन राष्ट्रीय उद्यानों एवं टाइगर रिजर्व में प्रारंभ किया गया ।
● पर्यटकों के लिए भोपाल स्थित बोट क्लब में 20 शिकारा बोट, चप्पू बोट तथा 5 नई वाटर साइकिल का संचालन प्रारंभ किया गया है।
*साहसिक पर्यटन सुरक्षा
● राज्य आपदा प्रबंधन संस्थान से सहयोग।
● राष्ट्रीय उद्यानों में हितधारकों हेतु कार्यशालाएँ।
*जल पर्यटन गतिविधियां
● मेघनाथ घाट, तहसील कुक्षी, जिला धार से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, केवाडिया गुजरात तक 120 कि.मी. लंबाई के जलमार्ग पर क्रूज़ संचालन – कार्यवाही प्रचलित।
● मेघनाथ घाट, तहसील कुक्षी, जिला धार एवं सकर्जा जिला अलीराजपुर पर टर्मिनल निर्माण कार्य प्रक्रियाधीन।
● बजट, लग्जरी एवं स्थानीय क्रूज़ संचालन हेतु 05 LOA प्रदत्त।
● महेश्वर में 40 पारंपरिक नावों का CSR के माध्यम से 4-स्ट्रोक इंजन से उन्नयन।
● गांधी सागर एवं राजघाट (चंदेरी) में क्रूज़ संचालन हेतु इंडियन पोर्ट एसोसिएशन से सहयोग।
● अधिसूचित जल क्षेत्रों में 41 गतिविधियों हेतु लाइसेंस प्रदत्त।
*फिल्म पर्यटन
● 400+ परियोजनाएँ सफलतापूर्वक पूर्ण, अनुमानतः 700 करोड़ से अधिक निवेश राजस्व और 1.5 लाख से अधिक अस्थायी रोजगार सृजित।
● “मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति 2025” लागू, जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत, बच्चों और महिलाओं पर केंद्रित सिनेमा को प्रोत्साहन, अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा आकर्षित करने हेतु विशेष प्रावधान।
● गत वर्ष 52 परियोजनाओं को LOA (Letter of Acknowledgement) प्रदत्त, लगभग 102 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावित।
● फिल्म सेल पोर्टल अद्यतन किया जाकर भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (फिल्म अनुमति पोर्टल) से सम्बद्ध, अंतरराष्ट्रीय सिनेमा की सीधे प्रदेश में पहुंच बनेगी।
● गोवा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव एवं मुंबई में आयोजित Waves (World Audio Visual Entertainment Summit) में सहभागिता।
● प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय सिनेमा को बढ़ावा देने हेतु स्पेन फिल्म कमीशन से MOU हस्ताक्षरित।
● प्रदेश में फिल्मांकित प्रमुख फिल्म परियोजनाएं –
(स्त्री, महारानी, गुल्लक, पंचायत, भूल भुलैया, लापता लेडीज, होमबाउंड)
● होमबाउंड – Oscar 2026 के लिये नामांकित।
● विमुक्त – TIFF (Tournto फिल्म फेस्टिवल-2025) में पुरस्कृत।
*प्रमुख सम्मान एवं पुरस्कार
● 8वें ट्रैवल एंड हॉस्पिटेलिटी अवार्ड्स (हॉस्पिटेलिटी इंडिया) सर्वश्रेष्ठ राज्य पर्यटन बोर्ड और 'प्रचार-प्रसार के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य' पुरस्कार ।
● वर्सेटाइल एक्सीलेंस ट्रैवल अवॉर्ड्स (VETA) - (Travel Scape मैगजीन) "लीडिंग हेरिटेज टूरिज्म डेस्टिनेशन' (Leading Heritage Tourism Destination)" पुरस्कार ।
● साउथ एशिया ट्रैवल एवं टूरिज्म एग्जीबिशन (SATTE) (Travel Trends Today (T3) मैगजीन) "सर्वश्रेष्ठ राज्य पर्यटन पुरस्कार" ।
● इंडिया ट्रैवल अवॉर्ड्स (DDP Publication) बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड पुरस्कार ।
● हेरिटेज टूरिज्म - बेस्ट स्टेट' अवॉर्ड (द वीक मैगजीन) "गोल्डन बैनयन अवॉर्ड" पुरस्कार ।
● 11वां वार्षिक माइस् पर्यटन शिखर सम्मेलन एवं इंडिया माइस् अवार्ड्स 2025 (M/s TravTour MICE Guide) "Most Focused MICE Destination of India" पुरस्कार
● नेशनल अवार्ड फॉर एक्सीलेंस 2025 - रिस्पांसिबल टूरिज्म परियोजना को "Most Effective & Transformational Responsible Tourism Project of the Year" अवार्ड प्राप्त
● MP Excellence Awards 2025 "ग्रामीण एवं जनजातीय पर्यटन अंतर्गत होमस्टे संचालन हेतु 02 महिलाओं को एवं STDW अंतर्गत सतपुडा नेशनल पार्क में गाईडिंग हेतु माननीय मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश शासन द्वारा उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित ।
● ATOAI के 16वें अधिवेशन (तवांग, अरुणाचल प्रदेश) में ‘’Best State of Adventure Tourism Award’’ प्राप्त।
● Best nature and wildlife conservation effort-2025
● TOFTiger wildlife Tourism Award-2025
*कला एवं हस्तकला
● वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार “क्राफ्ट हैंडलूम विलेज, महेश्वर” हेतु रु. 5.1171 करोड़ की परियोजना स्वीकृत।
● वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार“क्राफ्ट टूरिज़्म विलेज, कुक्षी” (जिला–धार) हेतु ₹20.60 करोड़ की परियोजना स्वीकृत।
*प्रदेश में संग्रहालयों की नवीन शृंखला
● उज्जैन में ‘वीर भारत न्यास संग्रहालय’ का कार्य प्रारंभ।
● भोपाल में ‘सिटी म्यूजियम’ का कार्य अंतिम चरण में है।
● ग्वालियर में ‘म्यूजियम ऑफ म्यूजिक’ का कार्य शीघ्र प्रारंभ होना प्रस्तावित।
● ग्वालियर में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी पर आधारित ‘अटल म्यूजियम’ का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है।
● सागर में रू. 100 करोड़ की लागत से ‘संत रविदास संग्रहालय’ निर्माणाधीन ।
● पन्ना में ‘डायमंड म्यूजियम’ का कार्य स्वीकृत ।
● जबलपुर के भेड़ाघाट में ‘जियोलॉजिकल म्यूजियम’ का कार्य स्वीकृत।
● महेश्वर में 100 करोड़ की लागत से देवी अहिल्याबाई के जीवन पर आधारित म्यूजियम स्वीकृत।
● जबलपुर में 100 करोड़ की लागत से रानी दुर्गावती संग्रहालय स्वीकृत।
सांस्कृतिक एवं धार्मिक लोकों का निर्माण
● 900 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश में 20 लोकों का निर्माण
● ओरछा में श्रीरामराजा लोक के निर्माण हेतु प्रथम चरण का कार्य अंतिम स्तर पर है।
● सलकनपुर में देवीलोक के निर्माण हेतु सिविल कार्य पूर्ण तथा म्यूरलस एवं मूर्तियां का कार्य अंतिम स्तर पर है।
● अमरकंटक में माँ नर्मदा का महालोक निर्माण कार्य हेतु प्रथम चरण का कार्य अंतिम स्तर पर है।
● चंदेरी में जागेश्वरी माता मंदिर लोक निर्माण हेतु कार्य प्रगति पर है।
● चित्रकूट में श्रीराम चंद्र वन पथ गमन योजना अंतर्गत कामदगिरी परिक्रमा मार्ग विकास कार्य प्रगति पर है।
● जानापाव में भगवान परशुराम लोक के निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है।
● जामसावली में हनुमान लोक का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है, मूर्तियां स्थापन का कार्य अंतिम स्तर पर है।
● दतिया में मां पीतांबरा माई लोक के निर्माण हेतु केंद्र शासन से परियोजना स्वीकृत तथा निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।
● महेश्वर में देवी अहिल्या संग्रहालय का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। सिंहस्थ मद अंतर्गत महेश्वर में देवी अहिल्या लोक स्वीकृत।
● मैहर में शारदा लोक के निर्माण हेतु डीपीआर/ कॉन्सेप्ट प्लान तैयार है। कॉन्सेप्ट अनुमोदन की प्रक्रिया प्रचलन में है।
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