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#धमाका_डिफरेंट: सिंधिया परिवार की तीसरी पीढ़ी अपना स्वयं का दर्द भूलकर जनता के बीच पहुँची....MPCA के प्रेसिडेंट Mahanaaryaman Rao Scindia कार में लगी चोट से पसली में हुए दर्द के बाबजूद जनता के बीच पहुँचे.... जब दर्द असहनीय हुआ तब अस्पताल में दिखाने आये...video

मंगलवार, 6 जनवरी 2026

/ by Vipin Shukla Mama
शिवपुरी।  #सिंधिया परिवार की तीसरी पीढ़ी अपना स्वयं का दर्द भूलकर जनता के बीच पहुँची....MPCA के प्रेसिडेंट Mahanaaryaman Rao Scindia कार में लगी चोट से पसली में हुए दर्द के बाबजूद जनता के बीच पहुँचे....जब दर्द असहनीय हुआ तब अस्पताल में दिखाने आये ये बात वायरल video ने साबित कर दी है। बेहद सहज, सरल और अपने दादा, पिता की शैली पर चलने की कोशिश कर रहे युवराज महाआर्यमन सिंधिया ने जनता से मिले अभूतपूर्व प्यार के लिए अपना दर्द तक
भुला दिया, उन्हें याद ही नहीं रहा कि उन्हें चोट लगी है और दर्द हो रहा है। शायद यही कारण रहा कि वे अपने हाथ पसलियों तक ले जाते रहे लेकिन उफ तक नहीं की
जब शाम को ज्यादा दर्द हुआ तो जिला अस्पताल पहुंचे  जहां परीक्षण के बाद आराम करने की सलाह पर उन्हें गुना, अशोकनगर का दौरा बीच में छोड़ना पड़ा। आज मंगलवार को उन्हें अपोलो हॉस्पिटल ग्वालियर में भी चेकअप के लिए ले जाना पड़ा। बता दें कि युवराज महाआर्यमन सिंधिया का न सिर्फ शिवपुरी बल्कि कोलारस, पिछोर में भी ऐतिहासिक स्वागत किया गया। शहर के शिवपुरी पब्लिक स्कूल में युवराज महाआर्यमन सिंधिया ने युवाओं से संवाद में कहा कि दादा जी, पिताजी की तरह वे भी जनसेवा के पथ पर चलेंगे। यानि कि साफ है कि सिंधिया परिवार जनसेवा के लिए राजनीति करता है न कि सिर्फ राजनीति और इसीलिए वह गुना, शिवपुरी, अशोकनगर ही नहीं अंचल को परिवार कहते नहीं थकते। 
जनता के नाम युवराज महाआर्यमन का संदेश 
आप सभी की चिंता, दुआओं और शुभकामनाओं के लिए दिल से धन्यवाद।
ईश्वर की कृपा से मैं ठीक एवं सकुशल हूँ और डॉक्टरों की सलाह पर कुछ समय आराम कर रहा हूँ।
इस समय मिले आप सभी के स्नेह, संवेदना और आशीर्वाद के लिए मैं हृदय से आभारी हूँ।
ईर्ष्यालु, प्रतिद्वंदी पासंग में नहीं
सिंधिया राजघराने ने पूरे संभाग को अनेक सौगात दी हैं। लाखों, करोड़ों की सौगातें उनकी बदौलत ही मिली है लेकिन जब सांसद से कोई नपाध्यक्ष या विधायक के स्तर वाले कार्यों की अपेक्षा करता है तो हंसी आती है। लोगों की ध्यान रखना चाहिए कि उन्होंने स्वाद बदलकर शर्मिंदगी झेली है, जिसे जिताकर लाए थे उसने एक रेल का डिब्बा तक अंचल को नहीं दिया था। तब लोगों ने उनसे उद्योग क्यों नहीं मांगे ? राजनीति के जानकार यहां तक कहते हैं कि शिवपुरी के युवा प्रतिभाशाली होकर देश ही नहीं वरन विदेश तक उच्च पदों पर सेवारत हैं उन्हें पलायन की सूची में लाना गलत है। रही बात उद्योग की तो माधव टाइगर रिजर्व लाख विरोध के बाद जल्द एक बड़ा पर्यटन उद्योग बनकर उभरेगा  और तब पन्ना, रणथंभोर, कार्बेट की तरह देश विदेश के पर्यटक शिवपुरी आएंगे।











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