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#धमाका_धर्म: 18 से 26 मार्च तक होने जा रहे "गुड़ी पड़वा महा महोत्सव" के लिए हवाई पट्टी के पीछे नर्सरी गार्डन में हुआ भूमि पूजन, इस महा महोत्सव के मुख्य आकर्षण और केंद्र बिंदु होंगे विश्व प्रसिद्ध कथा वाचक देवकी नंदन ठाकुर जी, 7 दिन तक चलेगी इनके श्रीमुख से कथा, आयोजन से पूरे विश्व में मिलेगी शिवपुरी को नई पहचान

बुधवार, 25 फ़रवरी 2026

/ by Vipin Shukla Mama
ऋषि शर्मा की प्रस्तुति
* 18 से 26 मार्च तक होगा शिवपुरी में पांचवां महा कुंभ
चंद्रपाल सिंह सिकरवार की कलम से
शिवपुरी। संत समागम हरि कथा  तुलसी दुर्लभ दोय, सुत दारा अरु लक्ष्मी पापी घर भी होय। ये दोनों ही दुर्लभ काम भगवान शिव की नगरी शिवपुरी में होने जा रहे हैं। यहां पर संतों का भी समागम होने जा रहा है और हरि कथा भी होने जा रही है। इसके अलावा इस आयोजन के माध्यम से बहुत कुछ होने जा रहा है जो अपने आप में ऐतिहासिक होगा। शायद ये हमारा सौभाग्य है या हमारे पूर्व जन्मों का पुण्य प्रताप है जो शिवपुरी में भक्ति, शक्ति के साधना, आराधना और उपासना  की पंच गंगा बहने जा रही है। गुड़ी पड़वा महा महोत्सव के माध्यम से शिवपुरी से सनातन का शंखनाद होगा जो पूरे विश्व में गूंजेगा, भारतीय संस्कृति का संचार होगा और एक नए भारत का आगाज होगा जो अपने आप में स्वर्णिम इतिहास होगा।
अति प्राचीन और प्रसिद्ध सिद्ध स्थल खेड़ापति सरकार की कृपा से शिवपुरी में अगले माह 18 से 26 मार्च तक चलने वाले शिवपुरी महाकुंभ के बारे में इस आयोजन के जनक हमारे शिवपुरी के गौरव और विश्व धरोहर श्री श्री 1008  महा मंडलेश्वर नीलमणि महाराज और खेड़ापति सरकार के महंत मोहित दास जी ने आयोजन स्थल हवाई पट्टी के पीछे नर्सरी गार्डन में भूमि पूजन के बाद पत्रकार को संबोधन करते हुए गुड़ी पड़वा महा महोत्सव के औचित्य इस आयोजन की महत्ता और सार्थकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस महापर्व से शिवपुरी का नाम पूरे विश्व में पहचाना जाएगा। क्योंकि इस कार्यक्रम की विशालता और भव्यता का अंदाजा इस से लगाया जा सकता है कि इसमें देश के लगभग जाने माने साधु संतों और महंतों के साथ साथ कम से कम से 50 देशों के विदेशी भक्त भी आएंगे। जब ये विदेशी भक्त हमारी शिवपुरी की पावन धरा पर आएंगे तो वो यहां से जो अनुभव लेकर जायेंगे तो वो सभी अपने अपने देशों में इसका बखान करेंगे।
गुड़ी पड़वा महा महोत्सव के मुख्य सूत्रधार शिवपुरी में जन्मे पले बढ़े हुए फिर अध्यात्म की ओर बढ़ते हुए महा मंडलेश्वर की उपाधि प्राप्त कर विश्व भर सनातन का शंखनाद करने नीलमणि दास  महाराज ने आयोजन की महत्ता समझाते हुए बताया कि विदेशी और विधर्मी के चलते हमारी भारतीय संस्कृति और सभ्यता का हास होता जा रहा हमारे तीज त्यौहार खत्म होते जा रहे। अब त्यौहारों के नाम पर हमारे पास सिर्फ होली और दिवाली ही बचे है लेकिन दोनों त्योहारों पर कटाक्ष किए जाते है। होली पर कहा जाता हम पानी और वनों की बरबादी कर रहे है। दिवाली पर कहा जाता है हम पटाखा चला कर पर्यावरण को दूषित कर रहे है। इसलिए मन ख्याल आया कि जो लोग हमारे देश हमारी संस्कृति को तोड़ रहे हैं क्यों न मुंह तोड़ जवाब दिया जाए। बकौल नीलमणि महाराज , हम दुनिया को बताना चाहते है कि हमारा नया साल एक जनवरी नहीं गुड़ी पड़वा है जो चैत नवरात्रि से शुरू होता है इसलिए हमने श्रीमद भागवत कथा और सहस्त्र महा चंडी यज्ञ को गुड़ी पड़वा महा महोत्सव का नाम दिया है।
अनंत विभूषित श्री श्री नीलमणि महाराज और खेड़ापति सरकार के महंत मोहित दास जी ने पत्रकार वार्ता में गुड़ी पड़वा महोत्सव में होने वाले आयोजन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस महा महोत्सव के मुख्य आकर्षण और केंद्र बिंदु विश्व प्रसिद्ध कथा वाचक देवकी नंदन ठाकुर जी रहेंगे। इनकी पूरे साथ दिन तक कथा चलेंगीं। देवकीनंदन जी के साथ साथ हमें और भी कई ख्याति प्राप्त संत महंतों का सानिध्य प्राप्त होगा। गुड़ी पड़वा  महा महोत्सव का आरंभ 18 मार्च को मां राज राजेश्वरी से 5100 कलशों की विशाल कलश यात्रा के साथ होगा लेकिन इस से पहले 11 मार्च को मां बलारी से विशाल पदयात्रा निकाली जायेगी। गुड़ी पड़वा महा महोत्सव की विधिवत 19 मार्च से होगी जिसमें 26 मार्च तक सुबह 6 बजे से लेकर रात 11 बजे तक भक्ति रस की गंगा बहती रहेगी। इस आयोजन की खास बात ये रहेगी कि रात 8 बजे से 11 बजे तक चलने वाली भजन संध्या में हमे जर्मन, यूक्रेन, अमेरिका, इंडोनेशिया, जैसे कई देशों के भक्ति संगीत सुनने को मिलेंगे।














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