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#धमाका_धर्म: खनियांधाना में गजरथ फेरी के साथ पंचकल्याणक का ऐतिहासिक समापन

सोमवार, 16 फ़रवरी 2026

/ by Vipin Shukla Mama
* मुनिसंघ के सानिध्य में 'बड़ा मंदिर' में विराजमान हुए प्रभु
खनियांधाना। बुंदेलखंड की धर्मनगरी खनियांधाना में आयोजित पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं त्रयगजरथ महोत्सव का आज श्रद्धा और उल्लास के साथ भव्य समापन हुआ। मुनि पुंगव 108 श्री सुधासागर जी महाराज एवं मुनि 108 श्री निरापद सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में 'मोक्ष कल्याणक' की मांगलिक क्रियाएं संपन्न की गईं।
भव्य गजरथ फेरी और मंदिर प्रवेश:
 महोत्सव का मुख्य आकर्षण त्रयगजरथ फेरी रही, जिसमें सुसज्जित रथों पर श्रीजी को विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया। गजरथ फेरी के उपरांत मुनिसंघ के सानिध्य में श्रीजी को बड़े ही भक्तिभाव के साथ श्री पारसनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर ले जाया गया। भगवान के मंदिर जी में विराजमान होने के पावन अवसर पर समूचे नगर में मिठाई वितरण कर हर्षोल्लास मनाया गया। पूरा आयोजन प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी प्रदीप भैया सुयश (अशोकनगर) एवं अनुभव जैन शास्त्री के कुशल निर्देशन में विधि-विधान से संपन्न हुआ।
भोजनशाला की व्यवस्था रही आकर्षण का केंद्र:
महोत्सव में भोजनशाला की व्यवस्थाएं अद्वितीय रहीं, जहाँ प्रतिदिन सुबह-शाम हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार किया गया। नगरवासियों द्वारा 'बादशाह दारू वाले बाबा' के नाम से प्रसिद्ध व्यवस्थापकों, भोजनशाला प्रभारी और उनकी टीम ने शानदार प्रबंधन किया। यहाँ वॉलिंटियर्स और सेवा दल के सदस्यों ने पूरे पंचकल्याणक के दौरान अपनी नि:स्वार्थ सेवाएं प्रदान कीं, जिसकी सभी आगंतुकों ने मुक्तकंठ से सराहना की।
समिति ने व्यक्त किया आभार: 
समस्त पंचकल्याणक महोत्सव समिति एवं मीडिया प्रभारी संजीव जैन चौधरी ने बताया कि मुनिसंघ के आशीर्वाद, नगरवासियों के अटूट सहयोग और सेवादारों के परिश्रम से यह महोत्सव खनियांधाना के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है।
 समस्त पंचकल्याणक महोत्सव समिति के सदस्यों ने इस सफल आयोजन के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी धर्मप्रेमियों का हृदय से आभार व्यक्त किया है।













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