शिवपुरी। विद्यार्थियों को अपनी गौरवशाली विरासत और इतिहास से रूबरू कराने के उद्देश्य से दून पब्लिक स्कूल, शिवपुरी द्वारा 'अतीत की यात्रा' के अंतर्गत एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण (Educational Tour) का सफल आयोजन किया गया। इस टूर में कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जहाँ उन्होंने झाँसी और ओरछा के ऐतिहासिक महत्व को करीब से समझा।
ओरछा की वास्तुकला और बेतवा का संगम
भ्रमण की शुरुआत ऐतिहासिक नगरी ओरछा से हुई, जहाँ छात्रों ने विश्व प्रसिद्ध जहांगीर महल और कलात्मक छतरियों की भव्य वास्तुकला को देखा। पवित्र बेतवा नदी के तट पर प्रकृति और इतिहास के मेल को देखकर विद्यार्थी मंत्रमुग्ध हो गए। यहाँ उन्हें बुंदेला काल के वैभव को समझने का अवसर मिला।
बुंदेला राजा वीर सिंह जी देव ने 17वीं शताब्दी में बादशाह जहांगीर के स्वागत के लिए बनवाया था ।यह महल इंडो इस्लामिक वास्तु कला का शानदार नमूना है।
जरूरी है गिद्धों का संरक्षण
ओरछा स्थित छतरियों पर बड़ी संख्या में लुफ्तप्राय पक्षी गिद्ध आज स्वतंत्र विचरण करते दिखे। दून स्कूल के डायरेक्टर शाहिद खान ने छात्रों को बताया कि पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता के लिए गिद्ध महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं ।सरकारी प्रयासों से गिद्ध संरक्षण का कार्य सराहनीय है हमें भी पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना चाहिए।
झाँसी का किला और स्पेस म्यूजियम का रोमांच
इसके पश्चात दल झाँसी पहुँचा, जहाँ रानी लक्ष्मी बाई के किले का भ्रमण कर बच्चों ने वीरांगना के बलिदान और अदम्य साहस को महसूस किया। टूर का एक अन्य मुख्य आकर्षण स्पेस म्यूजियम रहा, जहाँ छात्रों ने ब्रह्मांड की गहराइयों और खगोलीय रहस्यों को जानकर विज्ञान की दुनिया में गोते लगाए।
मार्गदर्शन और प्रबंधन
रेडिएंट ग्रुप शिवपुरी के डायरेक्टर शाहिद खान ने इस टूर में गाइड की भूमिका निभाते हुए प्रत्येक दर्शनीय स्थल के ऐतिहासिक और वैज्ञानिक पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी। वहीं, स्पोर्ट्स प्रशिक्षक एवं टूर इंचार्ज समी खान के नेतृत्व में पूरे भ्रमण का प्रबंधन कुशलतापूर्वक संपन्न हुआ।
दून पब्लिक स्कूल की डायरेक्टर डॉक्टर खुशी खान ने यू पी टूरिज्म के होटल वीरांगना के सभागार में छात्र-छात्राओं से भ्रमण की समीक्षा करते हुए कहा इतिहास हमें प्रगतिशील रखने के लिए प्रेरित करता है इससे हमें मानव व्यवहार, सांस्कृतिक विरासत, राजनीतिक बदलाव, आर्थिक सामाजिक परिस्थितियों के साथ भौगोलिक जानकारियां हासिल होती हैं।
इस शैक्षिक यात्रा की सफलता पर आपने कहा कि ऐसे आयोजन किताबी ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव में बदलते हैं और बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। इस सफल यात्रा में स्कूल का समस्त स्टाफ भी सम्मिलित रहा।












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