बचपन में ही पैरों ने दे दिया था जबाव
सत्येंद्र बचपन से ही दिव्यांग हैं. जब वह 15 दिनों के थे, उन्होंने ग्लूकोज ड्रिप के रिएक्शन के चलते अपने पैर खो दिए थे. सत्येंद्र को बचपन से ही तैराकी का शौक था, लेकिन उन्होंने दिव्यांगता को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया और गांव की ही बैसली नदी में तैराकी करने लगे. जिसके बाद तैराकी उनका पैशन बन गया और आज उसी तैराकी ने उन्हें यह मुकाम दिलाया.
सतेंद्र सिंह लोहिया की प्रमुख उपलब्धियां और पुरस्कार:
सतेंद्र जी ने 70% शारीरिक दिव्यांगता के बावजूद अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से कई वैश्विक कीर्तिमान बनाए हैं:
*पैरा-तैराक: वे मध्य प्रदेश (भिंड/ग्वालियर) के रहने वाले हैं और 70-75% दिव्यांग (दोनों पैर काम नहीं करते) हैं.
* 2026 कुक स्ट्रेट (New Zealand) इसे पार करने वाले एशिया के पहले पैरा तैराक बने.
* 2024 पद्मश्री (Padma Shri) खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा सम्मानित.
* 2022 नॉर्थ चैनल (Ireland) इसे पार करने वाले एशिया के पहले पैरा तैराक (36 किमी, 14:39 घंटे).
* 2020 तेनजिंग नोर्गे अवार्ड राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार पाने वाले देश के पहले दिव्यांग खिलाड़ी.
* 2019 कैटालिना चैनल (USA) 42 किमी की दूरी 11 घंटे 34 मिनट में तय कर एशियाई रिकॉर्ड बनाया.
* 2018 में रिले टीम के साथ इंग्लिश चैनल (UK) को पार करने वाले पहले एशियाई पैरा तैराक सत्येंद्र सिंह लोहिया (Satendra Singh Lohiya) हैं.
*2014 में उन्हें मध्य प्रदेश के विक्रम अवार्ड से सम्मानित किया गया था.
भिंड में पैदा हुये इंदौर में पदस्थ पैरा स्विमर ने रचा इतिहास
मूल रूप से मध्य प्रदेश के भिंड जिले के गाता गांव में पैदा हुए सतेंद्र लोहिया वर्तमान में इंदौर में कमर्शियल टैक्स डिपार्टमेंट में पदस्थ हैं. पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद वे एक बहतरीन पैरा स्विमर हैं और उन्होंने अपनी ये काबिलियत एक नहीं बल्कि कई बार साबित की है. 12 फरवरी 2026 को सतेंद्र ने दुनिया के सबसे मुश्किल समुद्री चैनल्स में से एक न्यूज़ीलैंड के कुक स्ट्रेट समुद्री चैनल पार को किया. इसके साथ ही वे ऐसा करने वाले एशिया के पहले पैरा स्विमर बन गए हैं.
मौसम की वजह से रद्द हुआ था पहला अटेम्प्ट
सतेंद्र लोहिया ने अपने दूसरे अटेम्प्ट में ये कारनामा हासिल किया. वे 18 जनवरी 2026 से न्यूज़ीलैंड में इस अभियान की तैयारी कर रहे थे और लगातार ठंडे पानी में कठिन अभ्यास व अक्लिमेटाइजेशन कर रहे थे. उन्होंने 28 जनवरी को पहला प्रयास किया लेकिन खराब मौसम के कारण रुकना पड़ा था. इसके बाद उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और 70 प्रतिशत दिव्यांग होने के बावजूद 12 फरवरी को उन्होंने अपने दूसरे अटेम्प्ट में कुक स्ट्रेट को 9 घंटे 22 मिनट तैरकर पार कर इतिहास रच दिया.
सीएम डॉ मोहन यादव ने दी बधाई
उनकी इस उपलब्धि पर खेल जगत के साथ साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी बधाई दी है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "पद्म श्री और तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवार्डी, मध्य प्रदेश के इंटरनेशनल पैरास्विमर श्री सतेंद्र सिंह लोहिया ने दुनिया के सबसे मुश्किल समुद्री चैनलों में से एक, न्यूज़ीलैंड के कुक स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार करके इतिहास रच दिया है. इस शानदार कामयाबी के साथ, वह कुक स्ट्रेट को जीतने वाले एशिया के पहले पैरास्विमर बन गए हैं. मैं इस असाधारण कामयाबी के लिए उन्हें दिल से बधाई देता हूं. देश और मध्य प्रदेश के लिए यह गर्व का पल उनके जज़्बे और पक्के इरादे को दिखाता है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा."
पहले पार कर चुके हैं इंग्लिश फिर कैटलीना चैनल
सतेंद्र सिंह लोहिया के नाम पूर्व से दो बड़ी उपलब्धियां जुड़ी हुई हैं. उन्होंने पहली बार 2018 में अपनी टीम के साथ 36 किलोमीटर लंबा इंग्लिश चैनल 12 घंटे 26 मिनट में पार किया था. इसके बाद उन्होंने 2019 में यूनाइटेड स्टेट्स का कैटलीना चैनल पार किया. इसके बाद मुंबई के स्विम सर्किट जो करीब 33 किलोमीटर लंबा है उसे 5 घंटे 42 मिनट में पूरा किया था. और अब कुक स्ट्रेट सी चैनल पार कर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है.












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