* समुद्री खाद्य उत्पादों की प्रोसेसिंग के लिए शुल्क मुक्त आयात की सीमा बढ़ाई गई है। यह सस्ते होंगे। इसके जरिए मछलीपालन उद्योग से जुड़े लोगों को राहत मिलेगी।
* जूतों के ऊपरी हिस्सों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए इनके शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी गई है। यानी विदेश भेजे जाने वाले जूतों की निर्माण लागत कम होगी। इससे देश में बिकने वाले जूते भी सस्ते होंगे।
* चमड़े और वस्त्र परिधानों के निर्यात में व्यापारियों की सहायता करने के लिए इनके कच्चे माल के आयात पर छूट की समयसीमा एक साल बढ़ाई गई है। भारत में इनकी कीमत जस-की-तस बनी रहेगी।
* लिथियम आयन सेल विनिर्माण में प्रयोग होने वाली वस्तुओं पर सीमा शुल्क में छूट दी जाएगी। इससे लिथियम आयन तकनीक से संचालित होने वाली बैटरी देश में सस्ती होंगी। इससे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) के क्षेत्र को मदद मिलेगी और यह सस्ते हो सकते हैं।
* सोडियम एंटीमोनेट के आयात शुल्क पर मूल सीमा शुल्क में छूट। इसका इस्तेमाल टेलीविजन ट्यूब्स के फाइनिंग और ऑप्टिकल ग्लास में किया जाता है। साथ ही दमकल उपकरणों में इनका प्रयोग होता है। यानी टीवी-शीशे की बनी चीजें और दमकल उपकरण सस्ते हो सकते हैं।
* अहम खनिजों की प्रोसेसिंग के लिए जरूरी वस्तुओं के आयात पर छूट मिलेगी। इससे सेमीकंडक्टर क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा खनन और इसका प्रसंस्करण सस्ता होगा।
* बायोगैस मिश्रित सीएनजी पर केंद्रीय सीमा शुल्क की गणना में बायोगैस के मूल्य पर छूट मिलेगी। यह सस्ती होगी।
* एयरक्राफ्ट विनिर्माण के घटकों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट का प्रस्ताव। भारत में विमान बनाना सस्ता होगा। मेक इन इंडिया को प्रोत्साहन मिलेगा।
* तेंदुपत्ता पर 'स्रोत पर कर संग्रह' (टीसीएस) को पांच फीसदी से घटाकर दो प्रतिशत किया गया। यह सस्ते होंगे।
* शिक्षा और चिकित्सा जरूरतों के लिए रेमिटेंस (भेजे जाने वाली रकम) पर टीसीएस को पांच प्रतिशत से दो प्रतिशत पर लाने का प्रस्ताव। इन जरूरतों के लिए विदेश से 10 लाख रुपये तक का लेन-देन सस्ता होगा। बाकी जरूरतों पर 20 फीसदी टीसीएस लगता रहेगा।
* रक्षा क्षेत्र के विमानों के पुर्जे के लिए आयातित कच्चे माल पर मूल सीमा शुल्क में छूट। भारत में रक्षा उपकरण बनाना भी सस्ता होगा। विदेशी कंपनियां भारतीय कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ा कर आत्मनिर्भर भारत पर जोर दे सकेंगी।
* निजी उपयोग के लिए आयातित सभी शुल्क योग्य वस्तुओं पर टैरिफ घटकर 10 फीसदी होगा। यह सभी सस्ते होंगे।
" कैंसर रोगियों के लिए 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट। 7 अन्य गभीर रोगों की दवाओं के लिए निजी आयात शुल्क में छूट। यह सभी सस्ती होंगी।
* 10 लाख रुपये तक के पर्यटन पैकेज टीसीएस पांच फीसदी से दो फीसदी पर लाने का प्रस्ताव। यह सस्ता होगा। 10 लाख रुपये से ऊपर के टूर पैकेज पर 20 फीसदी का टीसीएस लागू रहेगा।
यहाँ सस्ते और महंगे होने वाले सामानों की पूरी सूची दी गई है:
क्या सस्ता हुआ?
बजट में सीमा शुल्क (Customs Duty) और अन्य करों में कटौती के कारण ये चीजें सस्ती होंगी:
दवाएं: कैंसर की 17 नई जीवन रक्षक दवाओं और 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर आयात शुल्क हटा दिया गया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स: मोबाइल फोन, टैबलेट और उनके पुर्जे सस्ते होंगे। इसके अलावा माइक्रोवेव ओवन के पुर्जों पर भी ड्यूटी कम की गई है।
विदेश यात्रा और शिक्षा: विदेशी टूर पैकेज और विदेश में पढ़ाई के खर्च पर TCS (Tax Collected at Source) को 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है।
व्यक्तिगत आयात: विदेश से व्यक्तिगत उपयोग के लिए मंगवाए जाने वाले सामानों पर ड्यूटी 20% से घटाकर 10% कर दी गई है।
ग्रीन एनर्जी और ईवी: इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की लिथियम-आयन बैटरी और सोलर पैनल के लिए इस्तेमाल होने वाला सोलर ग्लास सस्ता होगा।
अन्य: चमड़े के उत्पाद (जूते-चप्पल), खेल का सामान (Sports Equipment), और समुद्री उत्पाद (जैसे झींगा मछली का चारा) भी सस्ते होंगे।
क्या महंगा हुआ?
इन चीजों पर टैक्स या ड्यूटी बढ़ने से इनके दाम बढ़ सकते हैं:
नशा और तंबाकू: सिगरेट, गुटखा और पान मसाला पर स्वास्थ्य उपकर (Health Cess) और ड्यूटी बढ़ाई गई है।
लक्जरी और आयातित सामान: आयातित शराब (Alcohol) शराब के लिए इस्तेमाल होने वाले एल्कोहल पर 'स्रोत पर कर संग्रह' (टीसीएस) एक फीसदी से बढ़ाकर दो प्रतिशत किया गया। यानी शराब महंगी होगी।
* महंगी घड़ियाँ और महंगी हो जाएंगी।
रसोई और घरेलू उपकरण: 19 किलो वाला कमर्शियल LPG सिलेंडर ₹49 महंगा हुआ है। साथ ही, कॉफी बनाने वाली मशीनें और वेंडिंग मशीनें भी महंगी होंगी।
शेयर बाजार में ट्रेडिंग: फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ा दिया गया है, जिससे ट्रेडिंग करना महंगा होगा।
अन्य: आयातित छतरियां (Umbrellas), एटीएम मशीन के पुर्जे और कुछ उर्वरक (Fertilisers) भी महंगे होने की सूची में हैं।
कबाड़ पर भी टीसीएस को एक प्रतिशत से दो प्रतिशत किया गया। यानी कबाड़ महंगा होगा।
आयकर की गलत जानकारी देने पर टैक्स की राशि का 100% जुर्माने का प्रावधान।
चल संपत्ति का खुलासा न करने पर जुर्माना लगेगा।
स्टॉक ऑप्शन्स और फ्यूचर ट्रेडिंग महंगी होंगी। लेन-देन पर टैक्स 0.02 से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत किया गया।
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