प्रश्न: गांधी पार्क में जो मेला लग रहा है क्या उसने राशि जमा कर अनुमति ली है साथ ही क्या परिषद से स्वीकृति है?
उत्तर: जी हां ठेकेदार ने निर्धारित 12 लाख राशि जमा कर दी है। साथ ही हमने नपा परिषद की सहमति के अनुसार तय राशि का शुल्क वसूला है। परिषद ने नपा की वित्तीय हालत में सुधार को लेकर ही प्रस्ताव पास किया था। इससे हम अपने उद्देश्य को पूरा कर सकेंगे।
प्रश्न: क्या ये सिद्धेश्वर पर लगने वाला प्राचीन महा शिवरात्री वाला मेला है जिसका लोग विरोध कर रहे हैं?
उत्तर: जी नहीं ये महाशिवरात्रि वाला मेला नहीं है उसका टेंडर तो अप्रैल में होगा। जिसे नियत स्थल सिद्धेश्वर पर ही लगाया जाएगा।
अब आइये आपको बताते है कि ठेकेदार ने क्या कहा
प्रश्न : जब हमने ठेकेदार से पूछा कि क्या ये महाशिवरात्रि पर सिद्धेश्वर पर लगने वाला प्राचीन मेला है या कोई और ?
उत्तर: ठेकदार ने बताया कि ये मेला वो नहीं है बल्कि उसके तो टेंडर अगले माह होने वाले हैं और उसमें भी वह निविदा डालेगा।
प्रश्न : हमने सुना है कि इस मेला के ठेकेदार पर पुलिस केस दर्ज हैं ?
उत्तर: ये बात गलत है बल्कि मुझे पता लगा था तो खुद थाने जाकर पता किया कि किसी ने मुझ पर कोई केस तो दर्ज नहीं करवा रखा, लेकिन खुशी की बात है मुझ पर कोई केस दर्ज नहीं.
नपा में पैसे जमा कर लगा रहे मेला
ठेकेदार के अनुसार मेला लगाने की उसने अनुमति ली है। साथ ही निर्धारित शुल्क नपा में जमा किया है।














सच्ची और अच्छी खबरें पढ़ने के लिए लॉग इन कीजिये "मामा का धमाका डॉट कॉम"।
ये है, आपकी अपनी आवाज।
फोन कीजिये। खबर भेजिये वाट्सअप नम्बर 98262 11550 या मेल कीजिये 550vip@gmail.com
कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें