शिवपुरी, 28 मार्च 2026। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिवपुरी द्वारा वन विद्यालय, शिवपुरी के रजत जयंती हॉल में “जल, जंगल एवं जीवन” विषय पर वृहद विधिक सेवा शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र प्रसाद सोनी, विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति एवं जनजाति) अशोक शर्मा, वनमण्डल अधिकारी सुधांशु यादव, अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजीव मूले उपस्थित रहे।इस अवसर पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिवपुरी रंजना चतुर्वेदी सहित न्यायाधीशगण, अधिकारीगण, वनकर्मी एवं वन समितियों के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पॉवर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से जागरूकता विषयक वीडियो का प्रसारण किया गया।
अपर कलेक्टर श्री शुक्ला ने कहा कि ज्ञान एवं जागरूकता दोनों ही आवश्यक हैं तथा वर्तमान समय में ज्ञान ही सबसे बड़ी शक्ति है। पुरातन काल में जिस पर शक्ति होती थी, वहीं नियमों का निर्माण करते थे, पर फिर समय बदला और अब आधुनिक युग में ज्ञान के आधार पर नियमों का निर्माण होता है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मूले ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा कमजोर एवं पीड़ित वर्ग को कानून की जानकारी उपलब्ध कराना एक महत्वपूर्ण पहल है। विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से जिनकों कानून की जानकारी नहीं होती है, उन्हे यह जानकारी भी उपलब्ध कराई जाती है।
वनमण्डल अधिकारी श्री यादव ने “जल, जंगल एवं जीवन” के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जंगलों के संरक्षण से ही जल एवं जीवन की निरंतरता सुनिश्चित होती है तथा उपस्थित जनों से प्राप्त ज्ञान को अपने क्षेत्र में प्रसारित करने का आह्वान किया। वनों के संबंध में सभी उपस्थित जनों को जागरूक किया जाए। इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम वन विभाग के सौजन्य से जिले के अन्य क्षेत्रों में भी आयोजित किए जाए। जिससे लोगों को कानून की जानकारी दी जा सके। वन जिसमें कानून बनाने का अधिकार राज्य एवं केन्द्र दोनों को ही है। इस मंच से उपस्थित वन समितियों के अध्यक्षों को बताना चाहता हूं कि आप इस शिविर से जो सीखकर जाओगे वहीं अपने क्षेत्र को दोगे, इसलिए आप अच्छी चीजें सीखकर इस कार्यक्रम से जाए।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री सोनी ने विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका बताते हुए कहा कि यह संस्था आमजन को कानून संबंधी जागरूकता एवं निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान करती है। माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा नालसा का गठन किया गया, राज्य में सालसा तथा डालसा का गठन किया गया है। ऐसे कैदी जो कानूनी सहायता के अभाव में अपना केस नहीं लड़ पा रहे है, विधिक सेवा प्राधिकरण को उन्हें जागरूक करना है। उन्हें जो निःशुल्क सहायता प्राप्त हो सकती है, उसकी जानकारी देना है। आप यदि सड़क पर गाड़ी लेकर निकले और दुर्भाग्यवश आपका एक्सीडेंट हो जाता है और यदि आपकी गाड़ी का इश्योरेंस नहीं है, तो आपको भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए गाड़ी का इश्योरेंस अवश्य कराएं। यदि हमको कानून का ज्ञान है तो निश्चित ही हम अपराध करने से डरेंगे। वहीं विशेष न्यायाधीश श्री शर्मा ने प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग एवं संरक्षण पर बल दिया।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।













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