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बड़ी खबर: अमेरिका-इज़राइल के हमलों के बाद मध्य पूर्व में महायुद्ध की शुरुआत, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत, अयातुल्ला आराफी अंतरिम सुप्रीम लीडर बने

रविवार, 1 मार्च 2026

/ by Vipin Shukla Mama
Delhi दिल्ली। Israel Attacks Iran News : पश्चिम एशिया में तनाव के बीच अमेरिका और इस्राइल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ईरान पर हमला किया है। ईरान के कई शहरों पर हवाई हमले हुए जो दूसरे दिन भी जारी हैं। जवाब में ईरान ने भी कई देशों में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई बड़े अधिकारी मारे गए हैं। होर्मुज की खाड़ी के पास एक तेल वाले जहाज पर हमला किए जाने की खबर है। इसमें टैंकर वाले इस जहाज पर 15 भारतीय भी सवार थे। माना जा रहा है कि अमेरिका-इज़राइल के हमलों के बाद मध्य पूर्व में महायुद्ध की शुरुआत हो चुकी है। अमेरिका के ईरान पर हमले के साथ सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत हुई उसके बाद अयातुल्ला आराफी को ईरान का अंतरिम सुप्रीम लीडर बनाया गया है। 
बता दें कि वर्तमान वैश्विक संकट (28 फरवरी - 1 मार्च 2026) का भारत और दुनिया पर प्रभाव अत्यंत गहरा है। यहाँ इतिहास से लेकर वर्तमान स्थिति और इसके वैश्विक व भारतीय प्रभावों का विस्तृत विवरण दिया गया है 
1. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से वर्तमान तक (Timeline)
2. अतीत का तनाव: मध्य पूर्व (Middle East) में लंबे समय से इज़राइल-ईरान और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव रहा है। 
3. 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत में परमाणु कार्यक्रमों और क्षेत्रीय प्रभुत्व को लेकर यह विवाद चरम पर पहुँच गया था।
28 फरवरी, 2026 (युद्ध की शुरुआत): अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" (Operation Epic Fury) के तहत भीषण हवाई हमले किए। इसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु की पुष्टि हुई।
1 मार्च, 2026 (वर्तमान स्थिति): ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलें इज़राइल और क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर दागी हैं। युद्ध अब एक क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले चुका है। वैश्विक प्रभाव (Global Impact)ऊर्जा संकट: 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़' (Strait of Hormuz), जहाँ से दुनिया का 20% तेल गुजरता है, अब युद्ध क्षेत्र बन गया है। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें $80 प्रति बैरल के पार जाने की आशंका है।शेयर बाजार में गिरावट: वैश्विक स्तर पर निवेशकों में डर है, जिससे न्यूयॉर्क से लेकर टोक्यो तक के शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी जा रही है। आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain): समुद्री रास्ते बंद होने या जोखिम भरे होने के कारण वैश्विक व्यापार, विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक्स और रसायनों की सप्लाई बाधित हो रही है।भारत पर प्रभाव (Impact on India)
भारत के लिए यह स्थिति दोहरी चुनौती पेश करती है, महंगाई की मार: भारत अपनी जरूरत का 85% से अधिक तेल आयात करता है। तेल की कीमतों में उछाल से पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस महंगी होगी, जिससे सीधे तौर पर खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ेंगे।
 रुपये की कमजोरी: डॉलर की मांग बढ़ने से भारतीय रुपया कमजोर हो रहा है, जिससे आयात और भी महंगा हो जाएगा।
शेयर बाजार (Dalal Street): 2 मार्च (सोमवार) को भारतीय बाजार खुलने पर 'निफ्टी' और 'सेंससेक्स' में भारी गिरावट (Gap Down) की संभावना जताई जा रही है। कूटनीतिक संतुलन: भारत के इज़राइल और ईरान दोनों के साथ अच्छे संबंध हैं। भारत के लिए अपनी "रणनीतिक स्वायत्तता" (Strategic Autonomy) बनाए रखना और शांति की अपील करना एक बड़ी परीक्षा है।
सुरक्षित निवेश: भारतीय बाजारों में सोने (Gold) की कीमतें ₹2 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुँचने का अनुमान लगाया जा रहा है, क्योंकि संकट के समय लोग सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानते हैं।
"28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ यह संघर्ष केवल दो देशों के बीच नहीं, बल्कि एक वैश्विक आर्थिक संकट की आहट है। भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपनी ऊर्जा सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को बचाना है। तेल की बढ़ती कीमतें और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव भारत की विकास दर को प्रभावित कर सकता है। वैश्विक स्तर पर यह युद्ध पुरानी व्यवस्था को बदलकर एक नई और अनिश्चित भू-राजनीति की शुरुआत कर रहा है।
पाकिस्तान सहित विश्व में तनाव
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद पाकिस्तान सहित पूरे विश्व में लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हो गए। हजारों प्रदर्शनकारी कड़ी सुरक्षा वाले रेड जोन इलाके के पास जमा हो गए, जहां दूतावास और सरकारी इमारतें स्थित हैं। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका विरोधी नारे लगाए और अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन करने वालों को गद्दार बताया। भीड़ को रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे और हवाई फायरिंग की। मौके पर कई लोग भावुक होकर रोते नजर आए, जबकि शिया नेताओं ने खामेनेई की बहादुरी और नेतृत्व की प्रशंसा की। इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।














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