*786 दिव्यांगजनों से स्वयं मिलकर केंद्रीय मंत्री ने वितरित किए सहायक उपकरण, ट्राइसाइकिल देते समय हेलमेट पहनने की भी दी सीख
*शिवपुरी में 5260 दिव्यांगजनों को वितरित किए 22,475 सहायक उपकरण, कहाः ‘हर व्यक्ति आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े’
शिवपुरी/ग्वालियर/भोपाल। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा स्थानीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज शिवपुरी में श्रीमंत माधवराव सिंधिया सेवा स्वास्थ्य मिशन और रोटरी रीजनल मेडिकल मिशन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित विशाल निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन किया। साथ ही दिव्यांगजन किट वितरण शिविर में शिवपुरी में 5260 दिव्यांगजन भाइयों-बहनों को 22,475 सहायक उपकरण सौंपे और 786 दिव्यांगजनों को स्वयं अपने हाथों से सहायक उपकरण प्रदान किए। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा की यह परंपरा नई नहीं है, बल्कि इसकी नींव वर्षों पहले उनके पिता माधवराव सिंधिया ने रखी थी। उन्होंने दूरदराज के ग्रामीण अंचलों तक आधुनिक चिकित्सा सेवाएँ पहुँचाने के उद्देश्य से बड़े शहरों से डॉक्टरों को गांव-गांव भेजने की परिकल्पना की थी, जो आज एक व्यापक मिशन के रूप में साकार होती दिखाई दे रही है।
‘ज्ञानदाता’ और ‘अन्नदाता’ के बाद सिंधिया ने किया ‘जानदाता’ को नमन
केंद्रीय मंत्री ने चिकित्सक को “जानदाता” की संज्ञा देते हुए कहा कि चिकित्सकों के यह नाम एक दम सही है क्योंकि वे जीवन देने का कार्य करते हैं। जिस प्रकार शिक्षकों को “ज्ञानदाता” और किसानों को “अन्नदाता” के रूप में सम्मान दिया गया है, उसी प्रकार चिकित्सक को “जानदाता” कहकर सम्मानित किया जाना चाहिए।उन्होंने मंच से कहा कि उनके लिए ये तीनों ही वर्ग इस धरती पर ईश्वर के समान हैं और वे “जानदाता, ज्ञानदाता और अन्नदाता” तीनों को हृदय से प्रणाम करते हैं।
शिवपुरी में लग रहा आधुनिक सुविधाओं के विशाल निशुल्क स्वास्थ्य शिविर
स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 17 से 24 मार्च तक लगने जा रहे इस विशाल स्वास्थ्य शिविर में एम्स दिल्ली, एम्स भोपाल और मेदांता जैसे देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों से सैकड़ों विशेषज्ञ चिकित्सक शिवपुरी पहुँचे हैं और विभिन्न आधुनिक मशीनों से सुसज्जित चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। इस स्वास्थ्य शिविर में प्रतिदिन 25,000 ओपीडी और 500 से 700 ऑपरेशन की व्यवस्था की गई है। जिस स्तर की चिकित्सा व्यवस्था आज शिवपुरी में स्थापित हुई है, वह शायद आसपास के कई जिलों में भी उपलब्ध नहीं है।
दिव्यांगजनों को वितरित किए जा चुके हैं कुल 7 करोड़ रुपये के सहायक उपकरण
इसके साथ ही केन्द्रीय मंत्री ने शिवपुरी में दिव्यांगजन किट वितरण शिविर के दौरान दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि समाज का दायित्व है कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्रदान किए जाएँ। उन्होंने बताया कि अशोकनगर में आयोजित शिविर में 1456 दिव्यांगजनों को 5172 उपकरण प्रदान किए गए, जबकि कल गुना में 1929 दिव्यांगजनों को लगभग 8500 उपकरण वितरित किए गए।
आज शिवपुरी में 5260 लाभार्थियों के लिए 22,475 सहायक उपकरण, लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से प्रदान किए जा रहे हैं। इस प्रकार पूरे संसदीय क्षेत्र में कुल 8640 दिव्यांगजनों को लगभग 35,884 सहायक उपकरण, लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
786 दिव्यांगजनों से स्वयं मिलकर दिया उपकरण, हेलमेट पहनने की दी सीख
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने शिविर में उपस्थित सभी 786 दिव्यांगजनों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उन्हें सहायक उपकरण प्रदान किए। उन्होंने कई लाभार्थियों को स्वयं ट्राइसाइकिल सौंपते हुए उन्हें सम्मानित भी किया। इस दौरान उन्होंने दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल चलाते समय हेलमेट अवश्य पहनने की सलाह दी और मंच से ही यह भी दिखाया कि हेलमेट को किस प्रकार लॉक और अनलॉक किया जाता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सर्वोपरि है और सभी लाभार्थियों को सुरक्षित तरीके से इन उपकरणों का उपयोग करना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनके जीवन का उद्देश्य है कि क्षेत्र का प्रत्येक व्यक्ति सशक्त, स्वावलंबी और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने वर्ष 2047 तक “विकसित भारत” लक्ष्य तभी संभव होगा जब देश का प्रत्येक नागरिक इस यात्रा का सहभागी बने।

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