टीईटी परीक्षा को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय से जारी आदेश को निरस्त करने की मांग
शिवपुरी। शिक्षक पात्रता परीक्षा के आदेश जारी होते ही पूर म.प्र. में शिक्षकों में भारी आक्रोश उत्पन्न हो गया। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 लागू होने के पूर्व नियुक्त शिक्षकों की नियुक्ति मध्य प्रदेश शासन द्वारा जारी राजपत्र तथा उस समय प्रभावी नियमों के आधार पर विधिवत रूप से की गई है। अतः उन शिक्षकों के लिए बाद में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य कर देना तथा 2 वर्ष के भीतर पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण न करने की स्थिति में सेवा समाप्ति जैसा कठोर प्रावधान लागू करना न्यायसंगत प्रतीत नहीं होता है। शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर म.प्र. सरकार द्वारा रिव्यू पिटीशन करने की मांग को लेकर शासकीय शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष राकेश दुवे, प्रांतीय शिक्षक संघ के प्रातांध्यक्ष मनोहर प्रसाद दुवे, राज्य शिक्षक कांग्रेस के प्रांताध्यक्ष राकेश नायक के संयुक्त आव्हान पर शिवपुरी जिले के शिक्षक अमर शहीद तात्याटोपे स्मारक पार्क पर एकत्रित हुये जहां से कलेक्ट्रेट पहुॅचकर समस्त शिक्षको ने संयुक्त मोर्चे में शामिल जिलाध्यक्षों में पवन अवस्थी, राजेन्द्र पिपलौदा, कौशल गौतम, राजकुमार सरैया, स्नेह रघुवंशी, सुनील वर्मा, अमरदीप श्रीवास्तव, अवधेश श्रीवास्तव, जिला संयोजक विपिन पचौरी, अरविंद सरैया आदि के नेत्रत्व में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधीश की ओर से डिप्टी कलेक्टर मोतीलाल अहिरवार को संयुक्त रूप से सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख रूप से म.प्र. सरकार द्वारा शिक्षकों के हित में संवेदनशीलता के साथ माननीय सर्वोच्य न्यायालय में रिव्यू पिटीशन दायर कर शिक्षकों का पक्ष रखने की मांग की गई है। इस संदर्भ में अन्य प्रदेशों की सरकारों ने भी शिक्षकों के हित में रिव्यू पिटीशन दायर कर शिक्षकों का पक्ष मजबूत किया है।














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