तीन रूप बदलना:
माना जाता है कि माता की मूर्ति दिन में तीन बार अपना स्वरूप बदलती है—सुबह एक कन्या, दोपहर में युवती और शाम को एक वृद्ध महिला के रूप में दर्शन देती हैं।लोककथाओं के अनुसार, प्रसिद्ध व्यापारी लाखा बंजारा माता को यहाँ लेकर आया था। माता ने शर्त रखी थी कि वह पीछे मुड़कर नहीं देखेगा, लेकिन शर्त टूटने पर माता यहीं स्थापित हो गईं।
चैत्र नवरात्र मेला:
हर साल चैत्र नवरात्रि में यहाँ तीन दिवसीय भव्य मेला लगता है, जहाँ सप्तमी के दिन विशेष पूजा-अर्चना और भारी भीड़ होती है। मंदिर टाइगर रिजर्व के घने जंगल में स्थित है। मेले के दौरान वन विभाग और प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध किए जाते हैं ताकि जंगली जानवरों (जैसे तेंदुए और बाघ) से सुरक्षा बनी रहे।













सच्ची और अच्छी खबरें पढ़ने के लिए लॉग इन कीजिये "मामा का धमाका डॉट कॉम"।
ये है, आपकी अपनी आवाज।
फोन कीजिये। खबर भेजिये वाट्सअप नम्बर 98262 11550 या मेल कीजिये 550vip@gmail.com
कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें