शिवपुरी। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चारों खाने चित पड़ी हुई है। शहर का कोई भाग ऐसा नहीं जिससे होकर आप आराम से निकल सकें। शहर में नो एंट्री में भारी वाहनों का प्रवेश जारी है। नगर में हाथ ठेलों से लेकर ऑटो की बेशुमार भीड़ से सड़कें सिकुड़ गई हैं। मनमर्जी से सड़क, चौराहों पर इनकी अवैध पार्किंग से लोग परेशान हैं। नगर में ट्रैफिक व्यवस्था ठीक करने की बड़े पैमाने पर दरकार है। #spshivpuri शादियों में सड़कों पर जाम के पूर्व से इंतजाम किए जाना भी अब आवश्यक हो गए है। बारात के डीजे बैंड के बड़े बड़े ट्रकों के साइज छोटे करवाने की आवश्यकता है वहीं झाड़ आदि के साइज भी छोटे होने आवश्यक हैं जो तत्कालीन कलेक्टर आरके जैन के समय करवाए गए थे जिससे सड़कों पर छोटे बैंड बाजे के साथ बारात से जाम नहीं लगते थे। नगर की जनता ने नवागत एसपी यांगचेन भूरिया से शहर की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने की मांग की है।
इन पॉइंट्स पर आवश्यक है काम
* नो एंट्री में हैवी ट्रकों की एंट्री
नगर ने भारी वाहनों की एंट्री बंद होनी चाहिए। रेत के डंपर देर रात गंतव्य तक जाएं और ग्राहकों के घर भी रात को सप्लाई दी जाया करे जिससे ट्रेफिक जाम, हादसे नहीं होंगे।
कोर्ट रोड का इलाज आवश्यक, ठंडी सड़क का उपयोग नहीं
शहर के मुख्य मार्ग की बात करें तो कोर्ट रोड मुख्य मार्ग है। ज्ञापन देना हो, रैली निकालनी हो, प्रदर्शन करने जाना हो, सरकारी दफ्तर जाना हो, अस्पताल जाना हो, सब्जी लेनी, फल लेना हो, बर्तन लेने हो, दवाई लेनी हो, बाजार के कई काम इसी कोर्ट रोड से करने होते हैं। लेकिन इसी मुख्य मार्ग कोर्ट रोड पर फोर व्हील की सुबह 9 से रात 9 तक एंट्री बंद कर दी है जो किसी समस्या का हल नहीं है, बल्कि लोग परेशान हो रहे है। पहले कोर्ट रोड अस्पताल चौराहे से ठंडी सड़क से होकर माधव चौक तक प्रवेश मिलता था लेकिन अचानक व्यवस्था बदल दी गई है। लोगों का कहना है कि ठंडी सड़क का उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उस रोड को बंद और बेकार पड़ी रहने देने से पूरा लोड कोर्ट रोड पर आ गया है। अगर ऐसा ही करना है तो पूरी ठंडी सड़क पर फल, सब्जी और अन्य सामान के वे ठेले लगवाए जो कोर्ट रोड को कब्जाए हुए हैं और ट्रैफिक जाम करते हैं। करोड़ों की दुकानों के आगे ठेले लगाए रहते हैं। हालत ये है कि पूरी कोर्ट रोड पर फल ठेलों ने कब्जा जमा रखा है। केंद्रीय सहकारी बैंक के पास शाम 7 से 9 के बीच रास्ता हर दिन जाम रहता है। गांधी चौक से लेकर पूरी कोर्ट रोड पर फल, सब्जी और अन्य सामान के ठेलों से बाजार गिरा है, लोगों का कहना है कि एसपी साहब कोई रणनीति तो बनाइए?
ट्रेक्टर ट्रॉली पर रोक किसने हटाई, दिन भर थोक सब्जी मंडी पर जाम
नगर में हादसे होते हैं इसलिए शहर की सीमा में ट्रेक्टर ट्रॉली पर रोक लगी थी लेकिन थोक सब्जी मंडी के व्यापारियों की शह पर शहर में सैकड़ों ट्रेक्टर ट्रॉली का प्रवेश धड़ल्ले से हो रहा है। प्याज कहने को तो पीपरसमा मंडी में खरीदी जा रही हैं लेकिन भोले भाले किसानों को भुगतान के लिए पर्ची देकर व्यवसाई उन्हें नगर की थोक मंडी में बुलाते हैं ऐसे में किसान ख़ाली ट्रेक्टर ट्रॉली के साथ थोक सब्जी मंडी में आते हैं और फिर नगर में जाम लगता है। जनता का कहना है कि आखिर किसके कहने पर नगर में ट्रेक्टर ट्रॉली को छूट दे दी है।
कमलागंज मंडी, गुरुद्वारा चौक, पुराना बस स्टैंड चाबीघर रोड, नीलगर चौराहे से लेकर उत्तम डेयरी तक जाम
नगर में कमलागंज सब्जी मंडी, गुरुद्वारा चौक पर बेतहाशा जाम लगता है। इसी तरह चाबीघर के पास जाम लगता है फल के ठेले सड़क घेरे रहते हैं। नीलगर चौराहे के साथ उत्तम डेयरी पर भी जाम रहता है।
झांसी तिराहे के हार्डवेयर वालों पर कृपा किसलिए ?
नगर में झांसी तिराहे पर लोहे के बड़े व्यवसाई मौजूद है इन पर दिन भर भारी वाहन से लेकर छोटे ट्रक, ट्रेक्टर ट्रॉली सड़क पर खड़ी होकर जाम लगाती है। इनको हटवाया जाए।
एसबीआई की शाखा के सामने जाम
ग्वालियर बायपास पर जाम के हालात
ग्वालियर बायपास पर ग्वालियर जाने वाले हिस्से पर और वापसी आने वाले दूसरे कॉर्नर पर हाथ ठेले, ऑटो, बस के अवैध स्टॉपेज से दुर्घटना का भय रहता है, सड़क पर जाम लगता है इस व्यवस्था में सुधार आवश्यक है।
बदहाल सड़कें, टूटे बेरीकेट, नपा की आँखें बंद
नगर की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था के लिए अकेली ट्रैफिक पुलिस जिम्मेदार हो ऐसा नहीं है लेकिन नगर पालिका अपनी जिम्मेदारी से आंख बंद किए बैठी है।
* न तो नगर की बदहाल सड़कों को ठीक किया जा रहा जिन्हें नगर पालिका ने ही पानी के नाम पर खोदकर निपटा दिया। अब दुरुस्त नहीं की जा रही।
* हॉकर्स जॉन की कोई बात ही नहीं करता नगर में पार्किंग नाम की कोई चीज ही नहीं है। पूरे बाजारों में हाथ ठेले लगे रहते है। इनकी संख्या तक नगर पालिका नहीं बता पाएगी। अगर रिकॉर्ड बनाकर उन्हें व्यवस्थित लगाने की जगह दी जाए तो नगर सुधर सकता है।
* पूरे देश के ऑटो शिवपुरी में आए
नगर में देश भर के अलग नंबरों के ऑटो संचालित हो रहे है। लेकिन इनकी संख्या का कोई हिसाब शायद ही नगर पालिका या ट्रैफिक विभाग के पास हो।
* आज तक नपा नगर में एक भी व्यवस्थित चाट बाजार, फल या सब्जी बाजार लगवा सकी। यहां तक कि नगर में टेकरी, सदर बाजार में एक भी पेड़ सुलभ कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया गया जो कि महिला बाजार में आवश्यक है।
* टेकरी, सदर बाजार में सड़कों की हालत खराब है इन्हें नया नहीं तो दुरुस्त ही करें तो बात बन सकती है।
* सीएमओ इशांक धाकड़ यहीं पढ़े लिखे फिर भी शहर को बदलने की कोशिश नहीं
बड़ा सौभाग्य होगा जो कोई उसी नगर की बागडोर संभाले जिसमें बचपन बीता हो नपा के सीएमओ इशांक धाकड़ शिवपुरी में पले बढ़े लेकिन नगर को विकसित करने में उनकी रुचि नहीं लगती। केबल पॉलीथिन कुछ दुकानों पर पकड़ना समस्या का हल नहीं है बल्कि उनकी थोक सप्लाई रोकी जानी चाहिए ? सड़कों पर नगर के तीनों भाग कमलागंज, पुरानी शिवपुरी और शिवपुरी शहर इनमें पृथक पृथक ऑटो चलवाने, हाथ ठेले की व्यवस्था पूरे रिकॉर्ड के साथ की जानी चाहिए, नगर में पार्किंग तैयार होना चाहिए जिससे ट्रेफिक का स्वरूप निखरे।
ट्रैफिक प्रभारी रणवीर की ऐसी भाई शिवपुरी की तीसरी बार भी ट्रैफिक का प्रभार, तीसरी पारी फेल!
ट्रैफिक प्रभारी रणवीर सिंह यादव को शिवपुरी ऐसी भाई है कि वे लगातार तीसरी बार ट्रांसफर करवाकर शिवपुरी आए हैं। उन्हें ट्रैफिक प्रभार किसी वरदान की तरह लगता है जिसे बे छोड़ना नहीं चाहते। लेकिन जिस तरह उन्होंने पहली पारी बेहतरीन खेली और ट्रैफिक सुधार किए उन्हीं व्यवस्था को दूसरी और अब तीसरी पारी में पूरी तरह निपटा डाला है। उनकी सफलता अब असफलता में बदल चुकी है। केवल चालान या ब्लैक स्पॉट पर जाकर उसे ठीक करने के वादे के सिवाय पूरे नगर की ट्रैफिक व्यवस्था औंधे मुंह पड़ी नजर आ रही है और ट्रैफिक प्रभारी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे। बात उनके राजनीतिक रसूख की करें तो प्रदेश से इकलौता आदेश उनके ट्रांसफ़र का निकला था। लेकिन जनता की उम्मीदों पर उनकी तीसरी पारी भारी और बोझिल पड़ रही है। अब देखना होगा कि नवागत एसपी नगर की ट्रैफिक व्यवस्था को बना पाएंगी या जैसा चल रहा है वैसा ही चलता रहेगा!













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