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#धमाका_खास_खबर: दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े अपने नवाचार, जनता के अतिप्रिय होने के चलते देश भर में लोकप्रिय, क्या शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा भी चल पड़े उन्हीं की राह, लगातार नवाचार और जनता के बीच पहुंच रहे अर्पित वर्मा, देखिए video

बुधवार, 6 मई 2026

/ by Vipin Shukla Mama
शिवपुरी। दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े अपने नवाचार, जनता के अतिप्रिय होने के चलते देश भर में लोकप्रिय हैं। प्रभार क्षेत्र माई पीतांबरा की नगरी दतिया भले सही लेकिन जनता की सुनवाई और अधिकारियों, कर्मचारियों को मीठी गोली से दिल जीतने के हुनर ने उन्हें किसी फिल्मी हीरो सी शोहरत प्रदान कर दी है। अब देखिए न उनकी ही शैली इन दिनों शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा की देखने को मिल रही है। हालाकि अभी पानी बहना बाकी है लेकिन श्योपुर से आने के बाद से उन्होंने जिले को जनता के बीच जाकर समझने का जो सिलसिला शुरू किया है वो काबिले तारीफ है। अगर ये क्रम जारी रहा तो बहुत सालों बाद शिवपुरी को एक अच्छे अधिकारी की फिर सौगात मिलेगी। फिलहाल उनके प्रत्येक दौरे से कुछ न कुछ छाप छूट रही है। आज की ही बात करें तो कलेक्टर जनता के पेयजल दर्द को देखने खुद सतनवाडा जा पहुंचे, रिजल्ट घोषित हुआ है कि मोटर ठीक हो चुकी है और मड़ीखेड़ा जनता की प्यास बुझाएगी। अगर सब ठीक रहा तो जनता जिसे नेताओं या अधिकारियों से अब तक सिर्फ शिकायत थी वह दूर हो सकती है। खैर दूसरी पहल आज ग्राम सिंह निवास में देखने मिली। यहां उन्होंने खटिया बुनकर से बातचीत की और उसके परिवारजनों के साथ ग्राम के लोगों के दिलों पर हस्ताक्षर किए तो दूसरी तरफ ग्राम में हैंडपंप के पास बेकार बहते पानी को रोकने का संदेश देकर जल की महत्ता समझाई। 
आइए पूरी खबर पढ़िए विस्तार से...
कलेक्टर वर्मा ने ग्राम सिंहनिवास में पारंपरिक खटिया निर्माण का किया अवलोकन
कलेक्टर ने पीढ़ियों से चल रहे खटिया बुनाई व्यवसाय को सराहा
शिवपुरी में 6 मई 2026 को कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने जिले के भ्रमण के दौरान ग्राम सिंहनिवास में पारंपरिक तरीके से तैयार की जा रही खटिया निर्माण प्रक्रिया का अवलोकन कर ग्रामीण कारीगर सिरनाम परिहार का उत्साहवर्धन किया। मार्ग में खटिया बुनते ग्रामीणों को देखकर उन्होंने वाहन रुकवाया और मौके पर पहुंचकर कारीगर सिरनाम परिहार से आत्मीय संवाद स्थापित करते हुए निर्माण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। 
कलेक्टर अर्पित वर्मा को कारीगर परिहार ने बताया कि उनका परिवार पीढ़ियों से इस पारंपरिक व्यवसाय से जुड़ा हुआ है और स्थानीय स्तर पर अपने कौशल से आजीविका अर्जित कर रहा है। उन्होंने बताया कि खटिया निर्माण के लिए लोहे की पट्टियां बाहर से मंगाई जाती हैं, जो आधार के रूप में उपयोग होती हैं, तत्पश्चात नायलॉन, नारियल अथवा सूती रस्सियों से कुशलतापूर्वक बुनाई कर लगभग दो से तीन दिवस में एक मजबूत एवं टिकाऊ चारपाई तैयार की जाती है।
कलेक्टर वर्मा ने इस पारंपरिक कला एवं श्रमशीलता की सराहना करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की और स्वयं चारपाई पर बैठकर निर्माण प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने तैयार उत्पाद की गुणवत्ता एवं मूल्य की जानकारी ली, जिस पर बताया गया कि सूती एवं नारियल डोरी से बनी चारपाई 1000 रुपये तथा नायलॉन रस्सी से बनी चारपाई 1200 रुपये में विक्रय की जाती है। कलेक्टर ने इसे स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए इसकी सराहना की। इस दौरान उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों से भी संवाद कर उनके कार्य एवं आय के स्रोतों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय जाने, शिक्षा ग्रहण करने एवं अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर की इस संवाद से ग्रामीणों में उत्साह का वातावरण निर्मित हुआ है तथा पारंपरिक व्यवसायों के संरक्षण एवं संवर्धन को बल मिला है।
परंपरा के धागों में बुना,
आत्मसम्मान और ग्रामीण हुनर!
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने लिखा ग्राम सिंहनिवास में आज परंपरा और परिश्रम का सुंदर संगम देखने मिला। वर्षों से चारपाई बुनते कारीगर श्री सिरनाम परिहार से मिलकर आत्मीय संवाद हुआ। 
उनकी मेहनत, कौशल और आत्मनिर्भरता ने मन को छू लिया। पीढ़ियों से चल रही यह कला आज भी जीवंत है। यह देखकर गर्व और प्रसन्नता दोनों हुई। ऐसे हुनरमंद हाथ हमारी असली पहचान हैं।
कलेक्टर ने ग्राम सिंहनिवास में रुकवाया व्यर्थ जल बहाव, दिया जल संरक्षण का संदेश
“हर बूंद है कीमती” कलेक्टर की अपील, जल बचाकर भविष्य सुरक्षित बनाने का आह्वान
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने आज शिवपुरी जिले के ग्राम सिंहनिवास के भ्रमण के दौरान जल संरक्षण के प्रति अनुकरणीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। निरीक्षण के दौरान जब उन्होंने कुछ स्थानों पर पानी को व्यर्थ बहते देखा, तो उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए स्वयं मौके पर हस्तक्षेप कर जल बहाव को बंद करवाया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों से संवाद कर जल के महत्व को रेखांकित किया तथा जिम्मेदारीपूर्वक इसके उपयोग के लिए प्रेरित किया।
 अपील
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने जिले के सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे जल का दुरुपयोग न करें, अनावश्यक रूप से पानी बहाने से बचें तथा “जल है तो कल है” के संदेश को आत्मसात करते हुए जल संरक्षण को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की छोटी-सी पहल भी बड़े परिवर्तन का आधार बन सकती है और सामूहिक प्रयासों से ही हम अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं।














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