शिवपुरी, 31 मई 2026। जिले के शीर्षस्थ अधिकारी अगर चाहें तो आसमान में सुराख हो सकता है बशर्ते एक पत्थर तो जरा जोर से उछाला जाए। हम बात कर रहे हैं जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा की जो स्पष्ट निर्णय लेने के आदि हैं और किसी भी चुनौती को सादगी के साथ हल करने का माद्दा रखते हैं। शहर की किस्मत हल्की खराब कहेंगे कि उन्होंने देर से पदभार संभाला अन्यथा शहर में टैंकर उद्योग फिर से शुरू ही नहीं हो पाता जिसे पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने बड़ी मुश्किल से बंद करवाया था। नगर पालिका के बड़े मगरमच्छ जिनके मुंह टैंकरों की काली कमाई का खून लगा हुआ है उन्होंने जान बूझकर भरी गर्मी का इंतजार किया जिससे नगर को पेयजल की भट्टी में झोंकने के बाद टेंकर की दौड़ शुरू कराई जा सके। इधर कलेक्टर अर्पित वर्मा बाद में आए तो उधर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सिपहसालार जिन्हें अभी तो जनता से कोई सरोकार नहीं रहा वे भी अगर सचेत होते तब भी कोई षड्यंत्रपूर्वक जल संकट खड़ा नहीं कर पाता। खैर गनीमत रही कि अब कलेक्टर अर्पित वर्मा जिले में हैं और उनके सामने जब जल संकट का पहाड़ खड़ा किया गया तो मौजूदा हालातों से ही निपटना संभव लगा। उनकी दूरदृष्टि की दाद देनी होगी कि उनके अधिकारी शहर की सड़कों पर उतर चुके हैं और लगातार निगरानी करते हुए अब जल वितरण होने लगा है।
आइए देखिए क्या क्या कदम उठाये हैं सजग और तेज तर्रार कलेक्टर अर्पित ने
शिवपुरी शहर की पेयजल समस्या निराकरण के लिए न केवल नगर पालिका की व्यवस्थाओं में सुधार कराया है, बल्कि ए डी एम और डिप्टी कलेक्टर सहित अन्य विभागीय अधिकारियों को शहर के वार्डों में निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी है, जिससे शहरवासियों की समस्या सीधे प्रशासन तक पहुंचेगी और पेयजल समस्या का तुरंत निराकरण किया जा सकेगा। उन्होंने एडीएम श्री दिनेश शुक्ला को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वह शहर में भ्रमण करेंगे और पेयजल आपूर्ति की वास्तविक स्थिति का जायजा लेंगे। जिला प्रशासन द्वारा शिवपुरी शहर की पेयजल व्यवस्था को सुदृढ बनाने के लिए कड़े प्रयास किया जा रहे हैं। कलेक्टर श्री वर्मा ने इसे प्राथमिकता से लेते हुए कड़े कदम उठाए हैं। उनकी तत्परता का ही परिणाम है कि मोटर खराब होने के बावजूद शहर में व्यवस्थित तरीके से पानी पहुंचाया जा रहा है।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण
कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार वार्डवार नियुक्त अधिकारियों ने शहर में निरीक्षण किया और शहर में पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। पानी की सप्लाई को लेकर शहरवासियों से चर्चा की। शहर में नगर पालिका द्वारा टैंकरों के माध्यम से भी पानी की सप्लाई की जा रही है। आज जब अधिकारियों ने निरीक्षण किया तो टैंकर से पानी सप्लाई की भी वास्तविकता देखी और शहरवासियों से पानी की उपलब्धता की जानकारी ली।एडीएम श्री दिनेश शुक्ला भी सुबह शहर भ्रमण पर निकले। उन्होंने शहर के सिद्धेश्वर मंदिर रोड के सामने स्थित कॉलोनी में मोटर में पाइप बढ़वाने को कहा है।
कमियों को सुधारने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जहां भी पाइपलाइन खराब होने, शहर में पेयजल आपूर्ति के अलावा साफ सफाई आदि की शिकायतें मिली तत्काल कलेक्टर श्री वर्मा ने सीएमओ नगरपालिका को सुधार के निर्देश दिए है।
शिवपुरी में जल संकट पर सीएमओ इशांक धाकड़ के मैदान में उतरे 28 टैंकरों से सप्लाई शुरू और दबंग के कब्जे से बोर कराया मुक्तशिवपुरी। शहर में गहराते जल संकट से निपटने के लिए नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। आमजन को पानी की किल्लत से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका सीएमओ इशांक धाकड़ खुद मैदान में उतर चुके हैं। बैठकों के दौर के साथ-साथ जमीनी स्तर पर हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सीएमओ ने आज शहर के चारों जोनों का तूफानी दौरा कर पेयजल व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया।
28 टैंकरों से वार्ड, बड़े टैंकरों से भरे जाएंगे संपवैल
सीएमओ इशांक धाकड़ ने बताया कि शहर के विभिन्न वार्डों में पानी की निर्बाध सप्लाई के लिए 28 टैंकर मैदान में उतार दिए गए हैं। इनमें 24,000 लीटर क्षमता वाले 6 बड़े टैंकर विशेष रूप से शामिल हैं, जो लगातार संपवैल को रीचार्ज करेंगे ताकि मुख्य सप्लाई व्यवस्था प्रभावित न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो टैंकरों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ठेकेदारों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि यदि कहीं मोटर खराब होती है या पाइप बढ़ाने की जरूरत है, तो तत्काल कार्रवाई की जाए; इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
दबंग के कब्जे से मुक्त कराया बोर, फल मंडी में बढ़े पाइप
नगर पालिका की इस मुहिम में उन वार्डों को प्राथमिकता दी जा रही है जहाँ बोर या पाइपलाइन की सुविधा नहीं है। एक बड़ी कार्रवाई के तहत वार्ड 29 और 30 में भूरा बाथम नाम के व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से कब्जे में लिए गए बोर को सीएमओ धाकड़ ने मौके पर पहुंचकर तत्काल मुक्त कराया, जिससे अब वहां जनता को पानी मिल सकेगा। इसके अलावा, पूरे शहर की जलापूर्ति को प्रभावित करने वाले फल मंडी स्थित मुख्य बोर में भी नए पाइप डलवाकर उसकी क्षमता बढ़ाई गई है।
मंगलवार से मिलेगी बड़ी राहत
सीएमओ ने शहरवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आगामी मंगलवार से शहर में मणिखेड़ा जल आवर्धन योजना की सप्लाई पूरी तरह सुचारू हो जाएगी। साथ ही नई मोटरें आते ही पेयजल व्यवस्था और अधिक मजबूत हो जाएगी।
सीएमओ इशांक धाकड़ की इस त्वरित कार्यप्रणाली और मुस्तैदी की शहरवासी जमकर सराहना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर अधिकारी इसी तरह फील्ड में डटे रहे, तो शहर को भीषण गर्मी में भी जल संकट का अहसास नहीं होगा।
पानी रोका तो सीधे होगी 2 साल की जेल, शिवपुरी में जल संकट के बीच कलेक्टर का हंटर चला!
मड़ीखेड़ा पंपिंग स्टेशन की मोटर खराब होने से शिवपुरी में गहराए जल संकट के बीच प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। शहर में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एसडीएम आनंद सिंह राजावत ने जनहित में 4 प्रमुख निजी नलकूपों (मुन्ना सूद, सरमन कुशवाहा, सुनील ओझा और विनोद राठौर) का 10 दिनों के लिए अधिग्रहण कर लिया है।
इन नलकूपों का उपयोग 24,000 और 25,000 लीटर क्षमता के टैंकरों को भरने के लिए किया जाएगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जलापूर्ति में बाधा डालने या आदेश का उल्लंघन करने पर मध्य प्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम के तहत 2 साल की जेल और जुर्माना हो सकता है।
कलेक्टर श्री वर्मा के कुशल नेतृत्व में शिवपुरी की पेयजल व्यवस्था को मिली नई दिशा
मड़ीखेड़ा पंपिंग स्टेशन की तकनीकी समस्या के बावजूद आमजन को राहत पहुंचाने के लिए युद्धस्तर पर किए जा रहे प्रयास
भीषण गर्मी और बढ़ती पेयजल मांग के बीच शिवपुरी शहर में उत्पन्न जल संकट से निपटने के लिए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा व्यापक और प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। शहर की पेयजल व्यवस्था को सुव्यवस्थित एवं सुचारू बनाए रखने के लिए कलेक्टर श्री वर्मा स्वयं लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं तथा विभिन्न स्तरों पर आवश्यक निर्णय लेकर व्यवस्थाओं को मजबूत बना रहे हैं।
मड़ीखेड़ा पंपिंग स्टेशन की मोटर में आई तकनीकी खराबी के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री वर्मा ने जनप्रतिनिधियों, नगर पालिका अधिकारियों और संबंधित विभागों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में शहर की पेयजल व्यवस्था को सुधारने और नागरिकों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
पेयजल व्यवस्था की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त
जलापूर्ति व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने अपर कलेक्टर श्री दिनेश शुक्ला को पेयजल व्यवस्था का नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। इसके साथ ही वार्डवार निरीक्षण, सतत निगरानी, समन्वय और त्वरित समस्या समाधान के लिए विभिन्न अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह व्यवस्था प्रशासन की जवाबदेही और निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत बनाएगी।














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