शिवपुरी। बहुचर्चित उत्कर्ष शिवहरे आत्महत्या मामले में नया मोड़ आ गया है। कोतवाली पुलिस ने जांच के बाद उत्कर्ष की पत्नी रिया शिवहरे सहित पांच लोगों के खिलाफ कथित फर्जी दस्तावेजतैयार कर न्यायालय में पेश करने को लेकर केस दर्ज किया है। आरोप है कि आरोपियों ने जमानत प्राप्त करने के लिए कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। जानकारी के अनुसार, उत्कर्ष शिवहरे ने शादी के करीब एक साल बाद 19 अप्रैल 2026 को आत्महत्या कर ली थी। मामले में फिजिकल थाना पुलिस ने रिया शिवहरे, उनके पिता जितेंद्र शिवहरे, भाई ध्रुव शिवहरे सहित अन्य के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रकरण दर्ज किया था।
आवेदन में लगाया गया था फर्जी दस्तावेज
आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले की सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से न्यायालय में एक आवेदन प्रस्तुत किया गया था। इसमें दावा किया गया था कि घटना वाले दिन सुबह 10:15 बजे रिया शिवहरे ने भोपाल के गौतम नगर थाने में ससुराल पक्ष की प्रताड़ना को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। इसी दस्तावेज का उल्लेख जमानत आवेदन में भी किया गया था। दस्तावेज की सत्यता की जांच के दौरान मामला संदिग्ध पाया गया। कोतवाली पुलिस ने गौतम नगर थाना भोपाल से जानकारी जुटाई। जांच में सामने आया कि जिस समय शिकायत दर्ज कराने का दावा किया गया था, उस दौरान रिया शिवहरे के थाने पहुंचने के कोई साक्ष्य सीसीटीवी फुटेज में नहीं मिले। इसके अलावा पुलिस रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों के बयानों में भी कई विसंगतियां पाई गईं। पांच लोगों के खिलाफ नया अपराध दर्ज पुलिस जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि आरोपियों ने जमानत हासिल करने के उद्देश्य से कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किए। इसके आधार पर कोतवाली पुलिस ने गीता शिवहरे, रिया शिवहरे, जितेंद्र शिवहरे, ध्रुव शिवहरे और रियम शिवहरे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत नया प्रकरण दर्ज किया है। मामला अब केवल आत्महत्या के लिए उकसाने तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसमें न्यायालय को कथित रूप से गुमराह कर जमानत हासिल करने के गंभीर आरोप भी जुड़ गए हैं। पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।
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