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#धमाका_खास_खबर: शिवपुरी की 95 वर्ष की श्रीबाई की भक्ति और पर्यावरण प्रेम: 2017 में लगाया पौधा आज बना विशाल वटवृक्ष, परिक्रमा मार्ग में भक्तों को मिल रही ठंडी छाँव

शनिवार, 13 जून 2026

/ by Vipin Shukla Mama
shivpuri शिवपुरी/वृंदावन:कान्हा की नगरी श्रीधाम वृंदावन में भगवान बांके बिहारी और राधा रानी के प्रति भक्तों की अटूट आस्था के अनूठे उदाहरण अक्सर देखने को मिलते हैं। ऐसी ही एक मिसाल पेश की है मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिला अंतर्गत सिद्धेश्वर कॉलोनी की निवासी 95 वर्षीय श्रीबाई उपाध्याय ने। कान्हा की भक्ति में लीन श्रीबाई पिछले कई वर्षों से वृंदावन में ही निवास कर रही हैं। इस उम्र में भी वे पूरी तरह आत्मनिर्भर हैं और अपना काम स्वयं करती हैं। उनकी इस सात्विक जीवनशैली और भक्ति से सुप्रसिद्ध संत स्वामी प्रेमानंद जी महाराज भी भली-भांति परिचित हैं। 
जन्मदिन पर लिया था पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
श्रीबाई उपाध्याय ने केवल भक्ति ही नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण का भी एक अनूठा संदेश समाज को दिया है। साल 2017-18 में वट सावित्री अमावस्या के दिन उनका जन्मदिन था। इस विशेष अवसर पर उन्होंने स्वयं की प्रेरणा से वृंदावन की एक नर्सरी से पौधा लिया और उसे यमुना जी के पावन तट पर रोप दिया। चुनौतियों के बीच बेटे ने किया पौधे का संरक्षण
मध्य प्रदेश पुलिस में सेवारत उनके सुपुत्र रामसेवक उपाध्याय बताते हैं कि शुरुआत में इस पौधे को बचाना बेहद चुनौतीपूर्ण था। वृंदावन के बंदरों ने कई बार इस पौधे को क्षति पहुँचाई, लेकिन माँ-बेटे ने हार नहीं मानी। उन्होंने पौधे की सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड लगाया और लगातार इसकी देखरेख की। समय बीतने के साथ उनकी मेहनत रंग लाई।
आज मिल रहा भक्तों को सहारा, पक्षी चहक रहे
9 साल पहले लगाया गया वह छोटा सा पौधा आज बिहार घाट, वृंदावन में यमुना जी के निकट एक विशालकाय वटवृक्ष का रूप ले चुका है। चूँकि यह वृक्ष मुख्य परिक्रमा मार्ग पर स्थित है, इसलिए यहाँ से गुजरने वाले हजारों श्रद्धालु इसकी ठंडी छाँव में बैठकर विश्राम करते हैं। इस घने पेड़ पर दिनभर पक्षियों का कलरव गूंजता रहता है। इतना ही नहीं, अब हर वर्ष वट सावित्री अमावस्या के दिन ब्रज की अनेक महिलाएँ इस वृक्ष की पूजा-अर्चना करने आती हैं।
समाज के लिए बड़ी सीख
यह कहानी हमें सिखाती है कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए केवल जंगलों के कटने या विकास के नाम पर पेड़ों की बलि दिए जाने पर चिंता जताना काफी नहीं है। अगर हम वाकई बदलाव चाहते हैं, तो हमें समय बर्बाद करने के बजाय स्वयं आगे आकर कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिए और उसकी वृक्ष बनने तक देखभाल करनी चाहिए।
#shivpuri #varandavan #mamakadhamakanews 














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