अवैध रूप से प्लॉट और मकान बेचकर जनता की गाढ़ी कमाई हड़पने वाले भूमाफियाओं के खिलाफ कलेक्टर अर्पित वर्मा की अगुआई में जिला प्रशासन ने अब आर-पार की जंग छेड़ दी है। राज्य सरकार के सख्त रुख के बाद जिला स्तरीय कॉलोनी सेल को मैदानी स्तर पर कड़ी कानूनी कार्यवाही करने के अधिकार दे दिए गए हैं। नए निर्देशों के तहत अब जहाँ भी बिना अनुमति के अवैध कॉलोनी विकसित होती पाई जाएगी, वहाँ के कॉलोनाइजर के खिलाफ सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी और सुसंगत धाराओं के तहत सख्त केस दर्ज करने का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
प्रशासन अब केवल कागजी कार्यवाही तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसकी 'सतत निगरानी' के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में हर महीने जिला स्तरीय कॉलोनी सेल की विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में जमीनी निरीक्षण रिपोर्ट, अवैध कॉलोनियों की ताजा स्थिति, लंबित मामलों और कॉलोनाइजरों को जारी किए गए नोटिसों पर हुई कार्यवाही की समीक्षा खुद आला अधिकारी करेंगे।
अपर कलेक्टर होंगे प्रमुख भूमिका में
जिला स्तरीय कॉलोनी सेल का प्रभारी अधिकारी अपर कलेक्टर को बनाया गया है। सेल में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शिवपुरी, संबंधित नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री, विद्युत वितरण कंपनी के महाप्रबंधक, संबंधित उप पंजीयक तथा संबंधित तहसीलदार सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे।
हर प्रस्ताव का पहले होगा परीक्षण
जिले के नगरीय क्षेत्रों के लिए प्राप्त होने वाले समस्त नवीन कॉलोनाइजर लाइसेंस आवेदनों एवं नवीन कॉलोनी विकास अनुमति संबंधी प्रस्तावों का नियमानुसार प्रारंभिक परीक्षण जिला स्तरीय कॉलोनी सेल द्वारा किया जाएगा तथा परीक्षण उपरांत अपने स्पष्ट अभिमत सहित प्रकरण कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। नवीन कॉलोनी विकास अनुमति संबंधी प्रस्तावों पर कॉलोनी सेल द्वारा यह परीक्षण किया जाएगा कि आवेदक द्वारा मध्यप्रदेश नगरपालिका (कॉलोनी विकास) नियम 2021, मध्यप्रदेश कॉलोनाइजर रजिस्ट्रेशन एवं शर्तें नियम 1998 तथा अन्य प्रचलित नियमों के अंतर्गत अपेक्षित समस्त दस्तावेज यथा स्वामित्व संबंधी अभिलेख, प्रस्तावित कॉलोनी क्षेत्र मास्टर प्लान, विकास योजना, क्षेत्रीय योजना अथवा अन्य स्वीकृत नगरीय नियोजन प्रावधानों के अनुरूप है अथवा नहीं। प्रस्तावित कॉलोनी में सड़क, पेयजल, विद्युत, जल निकासी, उद्यान, सार्वजनिक उपयोग की भूमि एवं अन्य आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत किए गए हैं अथवा नहीं, भूमि स्वामित्व, भूमि उपयोग, डायवर्सन की स्थिति, भू-अभिलेखीय प्रविष्टियों तथा किसी प्रकार के न्यायालयीन अथवा राजस्व विवाद का परीक्षण किया जाएगा। विकास हेतु प्रस्तावित कॉलोनी के संबंध में नगरीय निकाय एवं अन्य संबंधित विभागों से आवश्यक तकनीकी अभिमत प्राप्त कर समेकित प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा तथा अंतिम निर्णय हेतु कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
अवैध कॉलोनी नहीं काटी जा सकेंगी
कॉलोनाईजर लायसेंस नवीनीकरण अथवा अनुमति निरस्तीकरण संबंधी समस्त महत्वपूर्ण प्रकरण प्रभारी अधिकारी, जिला स्तरीय कॉलोनी सेल की अनुशंसा सहित अंतिम निर्णय हेतु कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। कॉलोनी सेल यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी कॉलोनी बिना सक्षम अनुमति एवं वैधानिक स्वीकृतियों के विकसित न हो। कॉलोनी सेल द्वारा जिले में विकसित हो रही कॉलोनियों का सर्वेक्षण कराया जाएगा तथा ऐसी कॉलोनियों की सूची तैयार की जाएगी जिनके पास वैध कॉलोनाइजर लाइसेंस, विकास अनुमति, स्वीकृत नक्शा, अधोसंरचना विकास योजना तथा अन्य आवश्यक अनुमतियाँ उपलब्ध हैं अथवा नहीं। जहाँ कहीं भी अनाधिकृत कॉलोनी विकसित होना पाई जाती है, वहाँ कॉलोनी सेल सुसंगत प्रावधानों के तहत कार्यवाही प्रारंभ करने एवं प्रकरण दर्ज करने के प्रस्ताव अनुशंसा सहित प्रस्तुत करगी।
हर महीने बैठक में होगी समीक्षा
जिला स्तरीय कॉलोनी सेल द्वारा प्रत्येक माह समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में प्राप्त शिकायतों, निरीक्षण प्रतिवेदनों, अवैध कॉलोनियों की स्थिति, लंबित कार्यवाहियों, जारी नोटिसों एवं प्रवर्तन कार्यवाहियों की समीक्षा की जाएगी। जिला स्तरीय कॉलोनी सेल द्वारा वैध एवं अवैध कॉलोनियों की अद्यतन सूची तैयार कर विधिवत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से बचाया जा सके।
वैध और अवैध कॉलोनियों की सूची होगी सार्वजनिक
जनता को धोखाधड़ी से बचाने के लिए प्रशासन अब जिले की सभी वैध और अवैध कॉलोनियों की एक अप-टू-डेट (अद्यतन) सूची तैयार कर रहा है। इस सूची को पूरी पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक किया जाएगा। इससे कोई भी नागरिक प्लॉट खरीदने से पहले यह आसानी से जांच सकेगा कि जिस जमीन को वह खरीद रहा है, वह कानूनी रूप से सही है या नहीं। कॉलोनी सेल सबसे पहले टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (T&CP) से स्वीकृत नक्शा, बिजली-पानी-सड़क जैसी अधोसंरचना विकास योजना और डायवर्शन जैसी जरूरी सरकारी अनुमतियों की कड़ाई से जांच करेगा।
आम जनता से विशेष अपील: सस्ते के फेर में न गंवाएं जीवन भर की पूंजी!प्रशासन ने नागरिकों के लिए एक जरूरी चेतावनी और अपील जारी की है:प्रलोभन में न आएं: शहर के बाहरी इलाकों या विकासशील क्षेत्रों में "सस्ते दाम", "आसान किस्तों" या "लोन की सुविधा" के विज्ञापनों और भूमाफियाओं के झांसे में बिल्कुल न आएं।
"अनुमतियां जरूर देखें: कोई भी प्लॉट या मकान बुक करने से पहले कॉलोनाइजर से टीएंडसीपी (T&CP) का स्वीकृत नक्शा, रेरा (RERA) रजिस्ट्रेशन नंबर और स्थानीय प्रशासन की विकास अनुमति की मूल कॉपियां मांगें।
*अवैध कॉलोनियों के नुकसान: अवैध कॉलोनियों में निवेश करने पर न तो आपको बैंक लोन मिलेगा, न ही भविष्य में वहां सड़क, पानी, सीवरेज और बिजली जैसी मूलभूत सरकारी सुविधाएं मिल पाएंगी। इतना ही नहीं, ऐसी अवैध संपत्तियों पर प्रशासन का पीला पंजा (बुलडोजर) भी चल सकता है। सावधान रहें, सुरक्षित रहें! प्लॉट खरीदने से पहले जिला कॉलोनी सेल या संबंधित कार्यालय में जाकर उसकी वैधता की जांच अवश्य कर लें।














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