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#धमाका_न्यूज: जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा एक्शन मोड में, समस्त एसडीएम स्थानों को चिन्हित कर निपटेंगे बाढ़ आपदा से, कंट्रोल रूम होगा गठित, पर्यटक स्थल और जल प्रपात पर सुरक्षा के होंगे इंतजाम

गुरुवार, 4 जून 2026

/ by Vipin Shukla Mama
शिवपुरी, 04 जून 2026। आगामी मानसून को दृष्टिगत रखते हुए बाढ़ आपदा नियंत्रण के संबंध में समस्त अनुविभागों के एसडीएम को जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा ने निर्देश दिए हैं कि अपने अनुविभाग में ऐसे स्थलों को चिन्हित करें, जहां पूर्व में जल भराव और बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हुई है और उसको ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारी करें। गत दिवस कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में  बैठक में अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला सहित एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
सूची तैयार करने के निर्देश
एडीएम दिनेश शुक्ला ने बैठक में जिले के समस्त एसडीएम एवं तहसीलदारों को निर्देश दिए कि बाढ़गस्त क्षेत्रों, तैराकों एवं गोताखोरों को चिन्हांकित करें। जिन क्षेत्रों में ज्यादा पानी भर जाता है, उन क्षेत्र के लोगों को विस्थापित करने हेतु राहत शिविरों के लिए स्थानों का चयन तथा पहुंच विहीन ग्रामों की सूची तैयार करें। 
पर्यटक स्थलों पर इंतजाम के निर्देश
उन्होंने कहा कि भदैया कुंड पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए जाए। भदैयाकुंड के गेट पर चेतावनी सूचक बोर्ड लगाना सुनिश्चित करें। बाढ़ बचाव उपकरणों के साथ चिन्हित स्थलों पर गोताखोरों तथा तैराकों की ड्यूटी लगाई जाए।  जिले के अन्य पर्यटक स्थलों पवा जलप्रपात, टुण्डा भरका, सुल्तानगढ़, चिन्हित स्थलों एवं रपटों पर वैरीकेटिंग की व्यवस्था की जाए। जिला स्तर पर ऐसे स्थल जहां नागरिक पर्यटकों की आवाजाही अधिक होती है, वहां विशेष सुरक्षा व्यवस्था एवं सुरक्षा उपकरणों के इंतजाम किए जाए।
ड्रॉपगेट और चेतावनी सूचक लगाने के निर्देश
उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित रपटों, पुलियों पर जल स्तर मापक तथा ड्रापगेट लगाए जाए एवं मड़ीखेड़ा बांध के नीचे जहां पर गेट द्वारा पानी छोड़ा जाता है, उस जगह पर सड़क किनारे बैरीकेटिंग की जाए। जिससे कोई भी नागरिक पानी के बहाव में सेल्फी लेने या नहाने आदि हेतु नहीं जा सके। मड़ीखेड़ा टीम द्वारा प्रतिदिन जलस्तर की सूचना प्रसारित की जाए जिससे आमजन को जानकारी रहेगी। 
कंट्रोल रूम गठित करने के निर्देश
सभी तहसीलों में बाढ़ राहत कंट्रोल रूम की स्थापना कर 24 घण्टे कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। यह कंट्रोल रूम सक्रिय होकर काम करें। यदि कोई समस्या आती है तो लोग संपर्क कर सकें और उन्हें तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।
कम्युनिकेशन टीम गठित करने के निर्देश
अपने अनुविभाग के ग्रामों में स्थानीय अमले के साथ प्रभावी कम्युनिकेशन टीम गठित करें, जो ग्रामीणों के संपर्क में रहे, जिससे किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में अचानक ग्रामीण उनसे संपर्क कर उन्हें जानकारी दे सकें और तत्काल मदद पहुंचाई जा सके।














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