* कोतवाली पुलिस को भेजा पत्र
शिवपुरी। शहर की एक भूमि का गलत तरीके से अनुबंध कराए जाने के मामले को लेकर सीजेएम न्यायालय शिवपुरी ने स्कूल वाले शिवकुमार गौतम के विरुद्ध कोतवाली पुलिस को केस दर्ज करने का आदेश दिया है। इस मामले में न्यायालय ने जमीन के मामले में कराए गए अनुबंध पत्र (एग्रीमेंट) को गलत मानते हुए यह आदेश दिया है। उक्त प्रकरण में शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता श्री करण कटारिया, अधिवक्ता, पिली कोठी कमालगंज शिवपुरी द्वारा पैरवी की गई। उन्होंने बताया कि माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट,शिवपुरी ने 85 वर्षीय वृद्ध कृषक श्री रामजीलाल वर्मा की शिकायत पर थाना कोतवाली, शिवपुरी को भारतीय न्याय संहिता की धोखाधड़ी एवं जाली दस्तावेज तैयार करवाने सम्बंधित धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं। प्रकरण के अनुसार श्री रामजीलाल वर्मा, जो कि लगभग 85 वर्ष के वृद्ध कृषक हैं, राजस्व अभिलेखों में दर्ज भूमि के वैधानिक एवं वास्तविक स्वामी हैं। उनके नाम पर वर्ष 2023-24 के राजस्व रिकॉर्ड में प्रश्नगत भूमि दर्ज है। शिकायत के अनुसार आरोपी शिवकुमार गौतम द्वारा उक्त भूमि को अपनी भूमि बताते हुए दिनांक 05 फरवरी 2024 को एक अनुबंध निष्पादित कराया गया, जबकि भूमि का स्वामित्व रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से शिकायतकर्ता के नाम पर दर्ज था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह समस्त कार्यवाही सुनियोजित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनकी संपत्ति पर अवैध दावा स्थापित करने तथा आर्थिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस थाना फिजीकल, शिवपुरी एवं पुलिस अधीक्षक शिवपुरी के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की गई थी, जिसके बाद मेल को क्षेत्र अधिकारिता के कारण कोतवाली पुलिस को सौंप दिया गया। किन्तु कोई प्रभावी आपराधिक कार्यवाही नहीं किए जाने पर उन्हें न्यायालय की शरण लेना पड़ी। इसके बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 175(3) के अंतर्गत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय, शिवपुरी में आवेदन प्रस्तुत किया गया।
प्रकरण की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता श्री करण कटारिया द्वारा राजस्व अभिलेख, खसरा प्रतिलिपियां, नोटरी रजिस्टर एवं अन्य दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। माननीय न्यायालय ने उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण करने के उपरांत पाया कि विवादित खसरा क्रमांक 609/02 वर्ष 2023-24 के राजस्व अभिलेखों में शिकायतकर्ता रामजीलाल वर्मा के नाम दर्ज है, जबकि इसी भूमि के संबंध में आरोपी द्वारा अनुबंध संपादित किया गया था।
माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि प्रस्तुत दस्तावेजों से प्रथम दृष्टया अपराध परिलक्षित होता है तथा शिकायतकर्ता की भूमि के संबंध में अनुबंध संपादित किया जाना गंभीर प्रकृति का मामला है। न्यायालय ने यह भी संज्ञान लिया कि शिकायतों के बावजूद पुलिस द्वारा अपेक्षित कार्यवाही नहीं की गई तथा न्यायालय द्वारा प्रतिवेदन तलब किए जाने के बावजूद संतोषजनक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई।
उपलब्ध साक्ष्यों एवं अभिलेखों के आधार पर माननीय न्यायालय ने आवेदन स्वीकार करते हुए थाना प्रभारी, थाना कोतवाली, शिवपुरी को आरोपी शिवकुमार गौतम के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) एवं 336(3) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विधि अनुसार विवेचना करने तथा अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि आरोपी शिवकुमार गौतम पूर्व में भी विभिन्न न्यायिक विवादों में संलिप्त रहे हैं। उनके विरुद्ध एक अन्य आपराधिक प्रकरण दर्ज करवाए जाने की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय, शिवपुरी में विचाराधीन है, जिसकी आगामी सुनवाई दिनांक 10 जून 2026 को नियत है। इसके अतिरिक्त उनके द्वारा संचालित किये जाने वाले किड्स गार्डन स्कूल से संबंधित अतिक्रमण कारवाही का एक प्रकरण ए डी एम् न्यायालय के समक्ष भी लंबित है, जिसमें कथित अतिक्रमण के आरोपों की जांच की जा रही है तथा अतिक्रमण हटाने संबंधी कार्यवाही प्रचलन में है।
इधर गौतम ने मीडिया से कहा कि इस तरह के किसी भी आदेश की जानकारी मुझे नहीं है। जब मेरे पास कोई कागज आएगा, तभी बता पाऊंगा।














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