छात्र-छात्राओं ने निकाली भव्य सम्मान रैली
श्री श्रीवास्तव के अध्यापन और उनके स्नेहमयी व्यवहार से प्रभावित होकर छात्रों ने शहर के प्रमुख बाजार से एक विशाल रैली निकाली। इस रैली का उद्देश्य अपने प्रिय शिक्षक के प्रति कृतज्ञता प्रकट करना था। विदाई के इस ऐतिहासिक क्षण में शिक्षक श्री राजीव श्रीवास्तव कार में खड़े होकर हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे।उनकी आँखों में संतोष और विदाई की भावुकता साफ देखी जा सकती थी।
विभिन्न सामाजिक संगठनों ने किया पलक-पावड़े बिछाकर स्वागत
राजीव जी का योगदान केवल स्कूल की चारदीवारी तक सीमित नहीं था, बल्कि समाज के हर वर्ग में उनका गहरा जुड़ाव था। यही कारण रहा कि रैली के दौरान रास्ते भर विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक संगठनों ने लगातार पुष्पहार पहनाकर उनका स्वागत किया। मालाओं का यह अंतहीन क्रम यह दर्शा रहा था कि समाज में एक सच्चे और ईमानदार शिक्षक का स्थान कितना ऊंचा होता है।
व्यवहार और नेक कार्य ही असली पूंजी
शासकीय उमा विद्यालय क्रमांक 2 के स्टाफ और छात्रों का कहना है कि राजीव सर ने हमेशा बच्चों को किताबी ज्ञान सेऊपर उठकर संस्कार और व्यावहारिक ज्ञान दिया। उनका हमेशा मुस्कुराता हुआ चेहरा और हर किसी की मदद के लिए तैयार रहने वाला स्वभाव ही आज इस जनसैलाब के रूप में लौटकर आया है। यह विदाई समारोह समाज को यह संदेश देता है कि पद और पैसा अस्थायी हैं, लेकिन अच्छा बर्ताव और नेक कार्य ही इंसान की असली और स्थायी पूंजी हैं।














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