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#धमाका_shivpuri_न्यूज: सिंधिया का 'मास्टरस्ट्रोक' या शिवपुरी में तख्तापलट की तैयारी? दिल्ली दरबार में हुई 'मोबाइल बैन' बैठक, शिवपुरी नपा अध्यक्ष को बिना बताए लिखी गई नई पटकथा, प्रत्येक वार्ड को 25 लाख फंड आवंटन के भी दावे!

मंगलवार, 9 जून 2026

/ by Vipin Shukla Mama
shivpuri शिवपुरीदिल्ली में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवपुरी के नगर पालिका पार्षदों के साथ शहर के विकास और अंदरूनी खींचतान को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और गोपनीय बैठक की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस सीक्रेट मीटिंग की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली बात यह रही कि इसमें शिवपुरी नगर पालिका की अध्यक्ष गायत्री शर्मा को आमंत्रित ही नहीं किया गया, जिससे स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
मोबाइल बाहर जमा, कमरे में 'सीक्रेट मंथन'पूर्ण गोपनीयता
दिल्ली में हुई इस बैठक को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया था।
सुरक्षा प्रोटोकॉल
बैठक कक्ष में प्रवेश करने से पहले ही सभी पार्षदों के मोबाइल फोन बाहर जमा करा लिए गए, ताकि कोई भी जानकारी या फोटो बाहर न जा सके।
सीक्रेट एजेंडा
मीडिया और आम जनता से दूरी बनाए रखने के कारण इस बैठक को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
प्रथम नागरिक (नपा अध्यक्ष) को 'नो एंट्री'न्योता गायब
शिवपुरी नगर पालिका की अध्यक्ष गायत्री शर्मा को इस पूरी बैठक और दिल्ली दौरे से पूरी तरह दूर रखा गया।
गुटबाजी की चर्चा
नगर पालिका अध्यक्ष को दरकिनार किए जाने के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है।
मूलभूत समस्याओं पर पार्षदों का फूटा गुस्सा
धरातल की हकीकत: पार्षदों ने केंद्रीय मंत्री ⁠ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने खुलकर अपनी नाराजगी व्यक्त की।शिकायतों का अंबार
पार्षदों का कहना था कि जनता आज भी पानी, बिजली और खस्ताहाल सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए त्रस्त है, जबकि योजनाएं सिर्फ कागजों पर चल रही हैं।
अधिकारियों पर निशाना
पार्षदों ने नगर पालिका प्रशासन और अधिकारियों के सुस्त रवैये की भी शिकायत की।
सिंधिया का मास्टर स्ट्रोक
हर वार्ड को ₹25 लाख का फंडविकासीय मरहम: नाराज पार्षदों को शांत करने और शहर की सूरत बदलने के लिए संगठन और सिंधिया की तरफ से बड़ा आश्वासन मिला है।बजट का आवंटन: प्रत्येक वार्ड में प्रारंभिक तौर पर 25-25 लाख रुपये के विकास कार्य तुरंत स्वीकृत करने की बात कही गई है।ब्लूप्रिंट की मांग: सिंधिया ने सभी पार्षदों से अपने-अपने वार्डों की प्राथमिकताओं के आधार पर जल्द से जल्द कार्ययोजना (ब्लूप्रिंट) तैयार कर सौंपने को कहा है।
क्या है इसके राजनीतिक मायने?
पुराना विवाद
शिवपुरी नगर पालिका में काफी समय से पार्षदों और अध्यक्ष के बीच तनातनी चल रही है, जहां पहले भी भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर 18 पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफे की पेशकश कर बगावत कर दी थी।
नई पटकथा
दिल्ली में अध्यक्ष को छोड़कर बाकी पार्षदों को एकजुट करना और सिंधिया द्वारा सीधे वन-टू-वन चर्चा करना शिवपुरी की स्थानीय सत्ता और नेतृत्व में किसी बड़े बदलाव या नई राजनीतिक पटकथा की ओर इशारा कर रहा है।




















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