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#mamakadhamakanews: शिवपुरी में बिजली संकट पर भड़का जन-आक्रोश: 24 घंटे में दो बड़े प्रदर्शन, कहीं चक्काजाम तो कहीं ऊर्जा मंत्री की निकाली शवयात्रा

बुधवार, 29 जुलाई 2026

/ by Vipin Shukla Mama
shivpuri शिवपुरी। जिले में अघोषित और लगातार हो रही बिजली कटौती ने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। प्रशासनिक दावों को धता बताते हुए बिजली संकट से परेशान लोगों का गुस्सा अब सड़कों पर उतर आया है। महज 24 घंटे के भीतर जिले में दो ऐसे बड़े विरोध प्रदर्शन देखने को मिले, जिसने शासन-प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए हैं।
सड़क पर उतरे 15 गांवों के किसान: मंगलवार को सीहोर थाना क्षेत्र के वहगवां के पास एक बड़ा नजारा देखने को मिला। बिजली व्यवस्था से त्रस्त 15 गांवों के किसान और ग्रामीण एकजुट हुए और करेरा-भितरवार मार्ग पर करीब दो घंटे तक चक्काजाम कर दिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। हालांकि, मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जल्द सुधार का आश्वासन देकर जाम तो खुलवा दिया, लेकिन जमीन पर हालात जस के तस रहे।
ऊर्जा मंत्री की अनोखी 'शवयात्रा': 
जब अधिकारियों के आश्वासन खोखले साबित हुए, तो बुधवार को सिरसौद क्षेत्र के ग्रामीणों ने विरोध का एक बेहद अनोखा और कड़ा रास्ता चुना। ग्रामीणों ने सूबे के ऊर्जा मंत्री की तस्वीर लगाकर एक प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली। इतना ही नहीं, पूरे हिंदू रीति-रिवाज और विधि-विधान के साथ उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया।
प्रशासनिक दावों की खुली पोल
लगातार दो दिनों तक हुए इन तीखे आंदोलनों ने शिवपुरी जिले की चरमराई बिजली व्यवस्था को पूरी तरह उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि वादे बहुत किए जाते हैं, लेकिन हकीकत में बिजली न मिलने से खेती-किसानी और आम जनजीवन पूरी तरह ठप हो चुका है। अब देखना यह है कि इस कड़े विरोध के बाद विभाग अपनी कुंभकर्णी नींद से जागता है या नहीं।
 छह घंटे मिल रही बिजली
वहगवां पंचायत के सरपंच गजेंद्र रावत ने बताया कि क्षेत्र में पंप फीडर से पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। 24 घंटे में मुश्किल से छह घंटे बिजली दी जा रही है, वह भी बीच-बीच में बंद कर दी जाती है। आबादी फीडर पर भी लगातार कटौती हो रही है। इसका सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है और खेतों में खड़ी धान की फसल सूखने लगी है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
अगले दिन निकली शवयात्रा
ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों ने पांच दिन में व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिया था, लेकिन बिजली कटौती जारी रही। इसके विरोध में बुधवार को सिरसौद क्षेत्र के ग्रामीणों ने अनोखा प्रदर्शन किया। रामराजा मंदिर से प्रदेश के ऊर्जा मंत्री की तस्वीर लगाकर प्रतीकात्मक अर्थी निकाली गई। अंतिम यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए काली माता मंदिर परिसर पहुंची, जहां विधि-विधान से प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया गया।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बिजली कंपनी मुर्दाबाद के नारे लगाए और कहा कि लगातार बिजली कटौती से खेती-किसानी, घरेलू कामकाज और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उनका आरोप है कि शिकायतों के बाद भी बिजली कंपनी केवल आश्वासन देती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं हो रहा। 
अंतिम संस्कार के बाद सामूहिक स्नान
प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार के बाद ग्रामीण पंचायत के बोरवेल पर पहुंचे और सामूहिक स्नान किया। ग्रामीणों ने कहा कि यह प्रदर्शन व्यवस्था के प्रति उनके आक्रोश का प्रतीक है। उनका कहना है कि यदि जल्द बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली संकट अब उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और खेती दोनों पर भारी पड़ रहा है। धान की फसल सूखने लगी है, सिंचाई प्रभावित हो रही है और बच्चों की पढ़ाई तक बाधित हो रही है। उन्होंने प्रशासन और बिजली कंपनी को चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
















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