मध्य प्रदेश बनेगा दूरसंचार विनिर्माण का ग्लोबल हब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो रहा है। ग्वालियर में देश के पहले TMZ की स्थापना से मध्य प्रदेश अब केवल देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग के बड़े केंद्र के रूप में उभरेगा। यह प्रोजेक्ट राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को पूरी तरह से बदल कर रख देगा।
भारी निवेश और औद्योगिक विकास:
इस विशेष जोन की स्थापना से देश और दुनिया की दिग्गज तकनीकी एवं दूरसंचार कंपनियाँ ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में भारी निवेश करेंगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
रोजगार के हजारों नए अवसर:
इस प्रोजेक्ट के धरातल पर उतरने से स्थानीय युवाओं के लिए हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही, तकनीकी क्षेत्र में 'स्किल डेवलपमेंट' (कौशल विकास) को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
विदेशी निर्भरता होगी कम:
अब तक भारत कई अत्याधुनिक दूरसंचार उपकरणों के लिए आयात पर निर्भर रहता था। इस जोन में अगली पीढ़ी के उपकरणों का स्थानीय स्तर पर निर्माण होने से आयात पर निर्भरता कम होगी और करोड़ों रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत होगी। (देखिए video)
अधिक सुरक्षित होगा देश का नेटवर्क:
भारत में निर्मित उपकरणों के उपयोग से देश का दूरसंचार नेटवर्क पहले से कहीं अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और मजबूत बनेगा।
'आत्मनिर्भर भारत' का नया मील का पत्थर
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्वालियर का यह टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन देश के तकनीकी विनिर्माण क्षेत्र में 'गेम चेंजर' साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा उद्योग-अनुकूल नीतियों के कारण राज्य लगातार बड़े निवेश को आकर्षित कर रहा है। आज का यह समझौता न केवल मध्य प्रदेश के लिए गौरव की बात है, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक अभूतपूर्व मील का पत्थर है।
















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