Responsive Ad Slot

Latest

latest

#mamakadhamakanews: ये तो हद हो गई, video देखिए फिर दीजिए कमेंट्स में प्रतिक्रिया, दरअसल लखनऊ में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की रैली के दौरान भगवान हनुमान की वेशभूषा में एक कलाकार का डांस सोशल मीडिया पर चर्चा और भारी राजनीतिक विवाद का विषय बन गया है

मंगलवार, 7 जुलाई 2026

/ by Vipin Shukla Mama
लखनऊ। लखनऊ में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की रैली के दौरान भगवान हनुमान की वेशभूषा में एक कलाकार का डांस सोशल मीडिया पर चर्चा और भारी राजनीतिक विवाद का विषय बन गया है। यह घटना 5 जुलाई 2026 (या उससे ठीक एक-दो दिन पहले) बीजेपी के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के लखनऊ दौरे और भव्य रैली के दौरान की है।
              (देखिए वायरल वीडियो)
यह आयोजन नितिन नवीन के बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनके लखनऊ आगमन और स्वागत रैली से जुड़ा था। 
विवाद का मुख्य कारण
धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक उपयोग: विपक्ष और आलोचकों का आरोप है कि राजनीतिक लाभ और चुनावी प्रचार के लिए भगवान हनुमान जैसे पवित्र धार्मिक स्वरूप का इस तरह इस्तेमाल करना गलत है।
ध्वज और नृत्य:
 वायरल वीडियो में कलाकार को भाजपा का झंडा लहराते और चुनावी रैली के माहौल में थिरकते देखा गया, जिस पर कई यूज़र्स ने आपत्ति जताई है।
ये बोले नेता
AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए एक्स (X) पर लिखा कि बीजेपी ने हिंदू धर्म को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक उद्देश्यों के लिए धार्मिक प्रतीकों का दुरुपयोग किया जा रहा है और बीजेपी को इसके लिए हिंदू समुदाय से माफी मांगनी चाहिए।
संजय सिंह (AAP सांसद): 
उन्होंने बयान दिया कि भगवान हनुमान के वेशधारी व्यक्ति से राजनीतिक जुलूस में पार्टी का झंडा उठवाकर नचवाना देवता का अपमान है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था को राजनीतिक तमाशा नहीं बनाया जाना चाहिए।
पवन खेड़ा (कांग्रेस नेता):
 उन्होंने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निशाना साधते हुए कहा कि खुद को हिंदू बताने वाले राजनीतिक लाभ के लिए पवनपुत्र हनुमान को नचा रहे हैं, जो पूरी तरह पाखंड है।
भाजपा का पक्ष और समर्थकों की राय: सोशल मीडिया पर बीजेपी समर्थकों और कुछ दर्शकों का मानना है कि यह केवल एक सांस्कृतिक अभिव्यक्ति, उत्सव और व्यक्तिगत श्रद्धा का हिस्सा था। उनका कहना है कि रैलियों में इस तरह के सांस्कृतिक रूप और लोक प्रस्तुतियां आम बात हैं।

















कोई टिप्पणी नहीं

एक टिप्पणी भेजें

© all rights reserved by Vipin Shukla @ 2020
made with by rohit Bansal 9993475129