विद्यालय के प्राचार्य कन्हैयालाल ने बताया कि परिसर में स्थित अतिरिक्त कक्ष लंबे समय से जर्जर हालत में था। सुरक्षा को देखते हुए उसे पहले ही बंद कर दिया गया था और सभी कक्षाएं मुख्य शाला भवन में संचालित की जा रही थी। प्राचार्य ने बताया कि जर्जर भवन की स्थिति से वरिष्ठ अधिकारियों को पहले ही अवगत कराया जा चुका था। भवन की मरम्मत या नए निर्माण के लिए प्रस्ताव भी भेजा गया था। छत गिरने की घटना के बाद एक बार फिर स्कूल भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
















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