वैज्ञानिकों के शुरुआती अनुमान के अनुसार, हिमालय क्षेत्र में ग्लेशियर से बर्फ और चट्टान का एक बहुत बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे घाटी में गिर गया। इस मलबे (Avalanche) ने ल्हेंदे खोला (Lhende Khola) नदी के रास्ते को रोक दिया, जिसके बाद पानी का भारी दबाव बना और वह अचानक फूट पड़ा।
नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाई
नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाई है। अब तक 157 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। 400 से अधिक लोग लापता हैं, जिनमें 100 से ज्यादा भारतीय पर्यटक और तीर्थयात्री (कैलाश मानसरोवर यात्रा वाले) शामिल हैं। नेपाल के करीब 85 सुरक्षाकर्मी और मिलिट्री जवान भी लापता हैं। नेपाल-चीन सीमा का प्रमुख व्यापारिक केंद्र ग्यिरोंग (रसुवागढ़ी) पोर्ट पूरी तरह मिट्टी और मलबे में दफन हो गया। कई लोहे के पुल, हाईवे और बस्तियां बह गईं। नेपाल विद्युत प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ से कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को नुकसान पहुंचा है, जिससे 430 मेगावाट बिजली का उत्पादन ठप हो गया है।
















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