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#mamakadhamakanews: बैराड़ बीजेपी के मंडल महामंत्री बाईस राम चिड़ार जेल में बंद! पदासीन होने से पार्टी के अनुशासन पर उठ रहे सवाल!

शुक्रवार, 21 अगस्त 2026

/ by Vipin Shukla Mama
शिवपुरी। कैडर बेस बीजेपी पार्टी का बैराड़ मंडल एकाएक सुर्खियों में आ गया है। सूत्रों की मानें को बैराड़ बीजेपी के मंडल महामंत्री के पद पर काबिज बाईस राम चिड़ार पुत्र प्रहलाद सिंह चिड़ार को बीते रोज देवास पुलिस मोस्ट वांटेड  फेर में उठा ले गई फिर कोर्ट में पेश किया और अब जेल में बंद है लेकिन पार्टी ने उन्हें अब तक पदासीन रखा है जिसे लेकर बीजेपी की साख पर बट्टा लगता दिखाई दे रहा है। पुख्ता सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक बाईस राम चिड़ार पुत्र प्रहलाद सिंह चिड़ार पर देवास जिले के औद्योगिक क्षेत्र थाना में 364 के तहत देवास जिले के इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस स्टेशन में प्रकरण पंजीकृत है। जो हत्या के उद्देश्य से अपहरण का केस है। पूर्व में भी वे जेल जा चुके लेकिन बाहर आ गये और वर्तमान में दो महीने से देवास जेल में बंद है। सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि भाजपा मंडल महामंत्री बैराड़ को पार्टी का खुला संरक्षण है! हालाकि हम इस बात की पुष्टि के लिए वरिष्ठ नेताओं के कथन के इंतजार में है उसके बाद ही उपरोक्त मामले की हकीकत सामने आएगी तब तक धमाका सूत्रों के हवाले से मिली इस खबर की पूरी तरह पुष्टि नहीं करता!
फिलहाल जानिए क्या है धारा 364
नया आपराधिक कानून (भारतीय न्याय संहिता, 2023 - BNS) 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, पुरानी भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 364 (हत्या के उद्देश्य से अपहरण) को अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140 के अंतर्गत शामिल किया गया है। अपराध और सजा के प्रावधानों में मूल रूप से कोई बदलाव नहीं किया गया है, बल्कि पुराने प्रावधानों को अधिक व्यापक बनाकर एक ही धारा में उप-खंडों के रूप में व्यवस्थित किया गया है। 
नए कानून में क्या है धारा 140 (पुरानी धारा 364 का नया रूप)
  • हत्या के लिए अपहरण (Clause 1): यदि कोई व्यक्ति किसी की हत्या करने या उसे ऐसे खतरे में डालने के इरादे से अपहरण करता है, तो उसे आजीवन कारावास या 10 साल तक की कठोर सजा और जुर्माना हो सकता है। 
  • फिरौती के लिए अपहरण (Clause 2 - पुरानी धारा 364A): फिरौती या सरकार/संगठन को विवश करने के लिए अपहरण करने पर मृत्युदंड या आजीवन कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। 
  • गुप्त रूप से बंधक बनाना (Clause 3): किसी व्यक्ति को छिपाने या अवैध रूप से कैद में रखने पर 7 साल तक की सजा मिल सकती है।
  • गंभीर चोट, गुलामी या दुष्कर्म के लिए (Clause 4): गंभीर शारीरिक नुकसान पहुँचाने, दासता या अनैतिक उद्देश्य से अपहरण पर 10 साल तक की सजा हो सकती है। 
  • मुख्य बातें
  • मामलों की सुनवाई सत्र न्यायालय (Court of Session) द्वारा की जाती है। 
  • यह एक संज्ञेय (Cognizable) और गैर-जमानती (Non-bailable) अपराध है।
















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