कोलारस अनुविभाग की ग्राम पंचायत दीघोद के ग्रामीणों की शिकायत पर तत्काल कार्यवाही करते हुए ग्रामीणों को राशन वितरण किया गया है। गतदिनों ग्राम पंचायत दीघोद के ग्रामीणों ने कलेक्टर श्री वर्मा से शिकायत की थी कि उन्हें पिछले चार महीनों से राशन नहीं मिल रहा है। शिकायत मिलते ही कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने तहसीलदार और खाद्य विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच के निर्देश दिए। जब तहसीलदार सचिन भार्गव और जिला आपूर्ति अधिकारी तुलेश्वर कुर्रे मौके पर पहुंचे और जांच की तब जांच में शिकायत सही पाई गई और 4 माह से ग्रामीणों को राशन न देने की इस लापरवाही और अनियमितता के लिए राशन दुकान के सेल्समैन श्री दिलीप जाटव पर कार्यवाही करते हुए तत्काल जेल भेजने की कार्यवाही की गई।
इसके साथ ही राशन दुकान के प्रबंधक श्री हार्दिक गुप्ता को मौके पर बुलाया गया और उन 78 हितग्राहियों को जिन्हें राशन नहीं मिला था, उन्हें तत्काल राशन वितरण शुरू कराया गया।
कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने स्पष्ट किया है कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को समय पर राशन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। राशन वितरण में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। जिले के किसी भी ग्रामीण को राशन न मिलने की शिकायत हो तो वे तुरंत जिला प्रशासन को सूचित करें।
कलेक्टर श्री वर्मा के निर्देश पर कड़ी कार्यवाही, आंगनवाड़ी में मिली लापरवाही पर कार्यकर्ता रानी यादव बर्खास्त
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने आंगनवाड़ी केंद्र दबरा-2 का गतदिवस आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र में कई गंभीर खामियां, गंदगी और भारी लापरवाही सामने आई।
निरीक्षण के दौरान आंगनवाड़ी केंद्र में गंदगी पाई गई और अन्य व्यवस्था भी काफी खराब थी। केंद्र में बच्चों की संख्या बहुत कम और उन्हें दी जाने वाली बुनियादी शिक्षा भी नहीं दी जा रही थी। इसके अलावा, पोषण ट्रैकर ऐप पर नियमित रूप से जरूरी जानकारियां दर्ज नहीं की जा रही थीं और कुपोषित बच्चों के खान-पान का सही ध्यान नहीं रखा जा रहा था। सेम बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में नियमित रूप से भर्ती कराने में भी लापरवाही देखी गई।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने भी शिकायत की कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता समय पर केंद्र नहीं आती हैं। पर्यवेक्षक द्वारा बार-बार समझाने के बाद भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती रानी यादव द्वारा कार्य के प्रति लापरवाही बरती जा रही है।
इस लापरवाही पर कलेक्टर श्री वर्मा के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास करैरा के परियोजना अधिकारी अमित यादव ने संबंधित कार्यकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा दिया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद करैरा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के अनुमोदन उपरांत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती रानी यादव को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक किया गया है।
निरीक्षण के दौरान आंगनवाड़ी केंद्र में गंदगी पाई गई और अन्य व्यवस्था भी काफी खराब थी। केंद्र में बच्चों की संख्या बहुत कम और उन्हें दी जाने वाली बुनियादी शिक्षा भी नहीं दी जा रही थी। इसके अलावा, पोषण ट्रैकर ऐप पर नियमित रूप से जरूरी जानकारियां दर्ज नहीं की जा रही थीं और कुपोषित बच्चों के खान-पान का सही ध्यान नहीं रखा जा रहा था। सेम बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में नियमित रूप से भर्ती कराने में भी लापरवाही देखी गई।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने भी शिकायत की कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता समय पर केंद्र नहीं आती हैं। पर्यवेक्षक द्वारा बार-बार समझाने के बाद भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती रानी यादव द्वारा कार्य के प्रति लापरवाही बरती जा रही है।
इस लापरवाही पर कलेक्टर श्री वर्मा के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास करैरा के परियोजना अधिकारी अमित यादव ने संबंधित कार्यकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा दिया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद करैरा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के अनुमोदन उपरांत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती रानी यादव को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक किया गया है।
















सच्ची और अच्छी खबरें पढ़ने के लिए लॉग इन कीजिये "मामा का धमाका डॉट कॉम"।
ये है, आपकी अपनी आवाज।
फोन कीजिये। खबर भेजिये वाट्सअप नम्बर 98262 11550 या मेल कीजिये 550vip@gmail.com
कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें