हेलमेट को लेकर बढ़ी सख्ती: पीछे बैठने वाले के लिए भी अनिवार्य
इस बार अभियान में नियमों को लेकर अधिक सख्ती बरती जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार:
- चालक और पिलियन राइडर दोनों के लिए हेलमेट: दोपहिया वाहन चलाने वाले व्यक्ति के साथ-साथ पीछे बैठने वाले (पिलियन राइडर) के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।
- जुर्माना और हेलमेट दोनों जरूरी: चेकिंग के दौरान जिन वाहन चालकों के पास हेलमेट नहीं मिल रहा है, उनका न सिर्फ चालान काटा जा रहा है, बल्कि उन्हें मौके पर या बाद में हेलमेट मंगवाकर दिखाने के बाद ही आगे जाने दिया जा रहा है।
- सिर्फ साथ रखना काफी नहीं: कई लोग हेलमेट को गाड़ी की टंकी पर या हाथ में लटका कर चलते हैं। पुलिस ऐसे लोगों को भी रोक रही है और स्पष्ट कर रही है कि हेलमेट केवल पुलिसिया कार्रवाई से बचने के लिए नहीं, बल्कि सिर की सुरक्षा के लिए सही तरीके से पहनने के लिए है।
- अभियान के पीछे की बड़ी वजह (चौंकाने वाले आंकड़े)शिवपुरी में यातायात पुलिस द्वारा इस स्तर पर अभियान चलाने की मुख्य वजह जिले में तेजी से बढ़ते सड़क हादसे और उनमें होने वाली मौतें हैं। विभागीय समीक्षा के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 19 महीनों में जिले में 633 सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें 128 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। इनमें से एक बड़ी संख्या उन दोपहिया वाहन चालकों की थी जिन्होंने दुर्घटना के वक्त हेलमेट नहीं पहना था और सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मृत्यु हो गई।
- दंडात्मक कार्रवाई के साथ समझाइश पर भी जोरयातायात थाना पुलिस का कहना है कि इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की जेब पर जुर्माना लगाना या चालान काटना नहीं है, बल्कि उनकी कीमती जिंदगियों को बचाना है।
- अभियान के दौरान जिन लोगों के पास गाड़ी में हेलमेट रखा हुआ था लेकिन उन्होंने उसे पहना नहीं था, पुलिस उन्हें बिना चालान काटे सख्त समझाइश देकर और हेलमेट पहनवाकर छोड़ रही है।
- इसके अलावा चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट न लगाने वालों, ओवरस्पीडिंग करने वालों और तीन सवारी बैठाने वाले बाइक चालकों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है।











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