मंच से गूंजे सेवा के बोल: किसने क्या कहा?विधायक देवेन्द्र जैन: "भूख से व्याकुल होने पर जानवर भी अपना पेट भर लेता है, लेकिन ईश्वर ने मनुष्य को दूसरों के परमार्थ (भलाई) के लिए बनाया है। हमें इस सक्षम शरीर का उपयोग दूसरों की सेवा में करना चाहिए।" विधायक ने आश्रम की बाउंड्री वॉल के लिए 10 लाख रुपए की विधायक निधि देने की घोषणा की। साथ ही वह सामुदायिक भवन के लिए पहले ही 25 लाख रुपए घोषित कर चुके हैं।
*पूर्व विधायक वीरेंद्र रघुवंशी: "मानव सेवा के लिए 'अपना घर आश्रम' एक बेहतरीन उदाहरण है। जिस ईश्वर ने इस सुंदर पृथ्वी की रचना की है, उसने हमें इस आश्रम के माध्यम से सेवा करने का एक अनूठा अवसर दिया है।"
*डीआईजी आलोक कुमार सिंह: "मैंने अपने जीवन में समाजसेवा का ऐसा अद्भुत कार्य कहीं नहीं देखा। जब मैं पहली बार यहाँ आया था और प्रभुजियों के लिए पानी की किल्लत देखी, तभी मैंने अपने स्तर पर जल संसाधनों की व्यवस्था कराने का संकल्प ले लिया था।"
आश्रम डायरी: 2017 से शुरू हुआ था सेवा का यह सफर
संस्था के सचिव और समाजसेवी राजेन्द्र गुप्ता सेठ ने बताया कि शिवपुरी में 'अपना घर आश्रम' की नींव 30 जुलाई 2017 को दूबे नर्सरी परिसर में रखी गई थी। शुरुआती दिनों में महिला और पुरुष प्रभुजी एक साथ बेहद सीमित जगह में रहते थे। इसके बाद दानदाताओं और समाजसेवियों के सहयोग से ए.बी. रोड स्थित सॉल्वेंट के पास नए 'अपना घर' की स्थापना की गई। वर्तमान में यहाँ 200 प्रभुजी रह रहे हैं, जिनमें 50 महिलाएं और 150 पुरुष शामिल हैं। नए परिसर के चालू होने से अब कुल 350 लोग यहाँ सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे। मध्य प्रदेश में शिवपुरी के अलावा विदिशा, भोपाल, डबरा और इंदौर में भी ऐसे आश्रम संचालित हैं, लेकिन शिवपुरी अब एक बड़ी ताकत बनकर उभरा है।
सहयोग की अपील: अभी इन चीजों की है जरूरत
आश्रम प्रबंधन के अनुसार, तीन बीघा क्षेत्र में बाउंड्री वॉल के साथ छत की रिपेयरिंग का काम होना है, जिसके लिए दानदाताओं की तलाश है। इसके अलावा परिसर के लिए 12.30 लाख रुपए की लागत वाले सोलर प्लांट और पेवर्स ब्लॉक की भी आवश्यकता है, ताकि आश्रम को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।











सच्ची और अच्छी खबरें पढ़ने के लिए लॉग इन कीजिये "मामा का धमाका डॉट कॉम"।
ये है, आपकी अपनी आवाज।
फोन कीजिये। खबर भेजिये वाट्सअप नम्बर 98262 11550 या मेल कीजिये 550vip@gmail.com
कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें