*हाई कोर्ट की सख्ती के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर ENCI प्रदीप एस. मिश्रा ने किया शिवपुरी का औचक निरीक्षण
shivpuri शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर में महत्वाकांक्षी सीवर प्रोजेक्ट भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ चुका है। इस प्रोजेक्ट के दौरान जनता खांसी, दमा से पीड़ित हुई, शहर धूलमय हुआ, सड़कें निपटी लेकिन जब फेल हुआ तो मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जांच की कमान संभाल रहे इंजीनियर-इन-चीफ (ENCI) प्रदीप एस. मिश्रा ने शिवपुरी पहुंचकर प्रोजेक्ट का औचक निरीक्षण किया। जांच के बाद उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि "इस लापरवाही में जिसकी भी गलती पाई जाएगी, उसे बख्शा नहीं जाएगा। कई लोग जेल जाएंगे और जनता के पैसे की पाई-पाई वसूल की जाएगी।" बता दें कि योजना का भौतिक सत्यापन केंद्रीय मंत्री द ग्रेट ज्योतिरादित्य सिंधिया ने करवाया था जिसमें योजना फेल मिली और इस तरह घर घर कनेक्शन की एक और बड़ी राशि बच गई लेकिन नगर की जनता खासे गुस्से में है और दोषियों पर केस दर्ज कर रिकवरी की मांग कर रही है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- बजट में भारी उछाल: शुरुआत में यह सीवर प्रोजेक्ट ₹67 करोड़ का था, लेकिन 13 सालों में इसकी लागत बढ़कर ₹111 करोड़ से अधिक हो गई है। यानी ₹44 करोड़ अतिरिक्त खर्च होने के बाद भी जनता को इसका कोई लाभ नहीं मिला।
- झील में समा रही गंदगी: सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) चालू न होने के कारण पूरे शिवपुरी शहर की सीवर की गंदगी सीधे ऐतिहासिक सांख्य सागर (चांदपाठा) झील में मिल रही है, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है।
- दौरे पर सस्पेंस और एक्शन: पहले इस निरीक्षण के लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय दुबे आने वाले थे, लेकिन मुख्यमंत्री के अचानक दिए गए कार्यों के चलते वह नहीं आ सके। उनकी जगह ENCI प्रदीप मिश्रा ने कमान संभाली और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट व मुख्य सीवर लाइनों का जायजा लिया।
- हाई कोर्ट की सख्ती और अगला कदम:











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