लोगों ने बताई oeeshsni
पांच साल पहले जिस जगह से नाला बहता था, वहां मकान बन गए। तेज बारिश में नाला सड़कों पर बहने लगता है। कई कॉलोनियां जलमग्न दिखती हैं। राजस्व नक्शे में बीचों-बीच सिर्फ 80 मीटर नाला बचा है। ऊपर व नीचे 1.50 किमी नाला गायब है। धरातल पर बहने वाले नालों के हिसाब से राजस्व विभाग के नक्शे संदिग्ध हैं। नक्शों के साथ खसरों में भी छेड़छाड़ की आशंका है। राजस्व विभाग ने मामला गंभीरता से नहीं लिया तो मकान बनते जाएंगे। नाले गायब होने से बरसात में हालात और बिगड़ेंगे।
जानकारी के मुताबिक शिवपुरी शहर के पश्चिमी हिस्से में राजस्व विभाग का राजपुरा पटवारी हल्का है। इस हल्के के नक्शे में शासकीय सर्वे नंबर 120, रकबा 0.063 हेक्टेयर, खसरे में नाला दर्ज है। नक्शे के हिसाब से नाला 80 मीटर बहकर खत्म हो जाता है। नीचे जहां नाला बहता है, वह निजी सर्वे नंबर 119 है।
इस सर्वे नंबर में मकान बन जाने से पानी की निकासी बंद है। नाले ने यह मोड़ ली है। वह ऊपर खेत से होकर बायपास रोड के फुटपाथ पर बहने लगा है। रेलवे स्टेशन रोड पूरी तरह नाले की सूरत में बदल गई है। तेज बारिश से 4 सितंबर को बाढ़ जैसे हालात बने थे। रामबाग कॉलोनी के घरों में पानी भर गया था। नगर पालिका ने सड़क खोदकर निकासी की। हालात फिर भी पहले जैसे बने हुए हैं।
बरसात का पानी रुकने से कॉलोनियों में बाढ़ जैसे हालात, बिल्डिंग से नाला हुआ अवरुद्ध, नाले में बहता पानी
रेलवे स्टेशन रोड से पुराने बायपास से होकर बहने वाला नाला गायब हुआ, इससे कॉलोनी में भरा पानी।
तालाब के उद्गम वाला सर्वे नंबर रास्ता व कदीम दर्ज
राजपुरा हल्के में रेलवे रैक पॉइंट किनारे सर्वे नंबर 61 व 46 में तालाब है। तालाब के नीचे राजस्व नक्शे में शासकीय सर्वे नंबर 62 नाले की आकृति में है। खसरे में रास्ता दर्ज है। ठीक इसके नीचे लगे दूसरे शासकीय सर्वे नंबर 41 को कदीम के रूप में दर्ज किया है। इसके नीचे नाला तो बहता है। वह रास्ते की सूरत में तब्दील है। नक्शे में सर्वे नंबर 81/221 नाले की आकृति में दर्ज है। खसरे में सर्वे नंबर 81 शासकीय के साथ अन्य व पुलिस विभाग इंद्राज है। जबकि मौके पर नाला बहता है। यह सर्वे नंबर मौजूदा नाले वाले सर्वे नंबर 120 से जुड़ा है।
मनियर बस्ती: तालाब से निकली पुरानी नहर राजस्व नक्शे से गायब
राजपुरा की तरह मनियर बस्ती में जलभराव के हालात हैं। यहां स्टेटकालीन तालाब से नहर निकली थी। राजस्व के मौजूदा नक्शे से नहर ही गायब है। यदि नहर गायब नहीं होती तो जलभराव के हालात नहीं बनते।
पुलिया से नीचे नाला, राजस्व नक्शे में गायब
सर्वे नंबर 120 नाले के नीचे निजी सर्वे नंबर 119 है। वहां मकान बना है। फिर पुराना बायपास रोड है। नीचे पुलिया है। पुलिया से ठीक नीचे निजी सर्वे नंबर 125 है। नक्शे में नाला गायब है। जबकि सालों से नाला यहीं से बह रहा है। इसके नीचे क्रम से निजी सर्वे नंबर 135 में नाला बह रहा है। रिकार्ड में दर्ज नहीं है। ठीक नीचे निजी सर्वे नंबर 132 है। यह नक्शे में नाले के आकार का है।
पुलिस लाइन से दूर नाला, फिर भी विभाग इंद्राज
सर्वे नंबर 81 लंबाई में नाले की सूरत का है। राजस्व विभाग ने अपने नक्शे में इसे नाला नहीं दर्शाया है। पुलिस विभाग का नाम इंद्राज कर रखा है। यहां सवाल उठे हैं कि राजस्व के ही लोगों ने नाले को जानबूझकर गायब करने के लिए विभाग के नक्शे व खसरे में छेड़छाड़ की है।
पानी निकासी की समस्या का समाधान कराएंगे
नाले के संबंध में सीएमओ से मेरी बात हुई है। पानी जहां से होकर बहता था, उस नाले को किसने बंद किया है, इसकी जांच कराएंगे। यदि राजस्व नक्शे में गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच कराएंगे। पानी निकासी की समस्या का समाधान कराएंगे।











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