नियमों की धज्जियां: हाईवे से महज 10 मीटर दूर बिक रही शराब
नोटिस में दिए गए विवरण के अनुसार, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट दिशा-निर्देशों को दरकिनार कर शिवपुरी जिले में नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है:
* ए.बी. रोड सतनवाड़ा पर 'श्यामपुर डोंगर' के नाम से संचालित कम्पोजिट शराब दुकान राष्ट्रीय राजमार्ग मार्ग नंबर 46 से मात्र दस मीटर की दूरी पर स्थित है।
* इसी तरह शिवपुरी-कोटा एवं आगरा-बॉम्बे राज्य राजमार्गों (State Highways) पर भी राजमार्ग के बिल्कुल किनारे शराब दुकानें संचालित की जा रही हैं।
* इन दुकानों के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों पर आए दिन गंभीर दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं।
दुकानों की हाईवे से सीधी विजिबिलिटी (दिखावट) पर उठाए सवाल
अभिभाषक संघ के अध्यक्ष ने नोटिस में बताया कि शिवपुरी जिले के सुभाषपुरा, ककरवाया, पड़ोरा, सुरवाया और सेसई में शराब दुकानें राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे से महज दस से तीस फीट की दूरी पर संचालित की जा रही हैं। शासन के स्पष्ट नियम हैं कि राजमार्ग पर स्थित शासकीय दुकानों की न तो सड़क से सीधी विजिबिलिटी होनी चाहिए और न ही वहां किसी प्रकार के संकेतक (साइन बोर्ड) लगे होने चाहिए। इसके बावजूद स्थानीय आबकारी अधिकारियों की मिलीभगत से नियमों का मखौल उड़ाया जा रहा है।
बंद होने के बावजूद सरेआम चल रहे अवैध 'अहाते'
नोटिस में एक और गंभीर मुद्दा उठाते हुए कहा गया है कि राज्य शासन द्वारा संपूर्ण मध्य प्रदेश में अहाता व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। इसके बावजूद शिवपुरी जिले के प्रत्येक शहरी क्षेत्र और मुख्य मुख्यालय पर सरेआम अवैध रूप से अहाते संचालित किए जा रहे हैं। इन अवैध अहातों में शराब पीकर शराबी आए दिन हिंसा की घटनाएं कर रहे हैं, जिससे वहां से निकलने वाली महिलाओं और आम नागरिकों के साथ अश्लील हरकतें होना आम बात हो गई है।
एक महीने में तीसरा नोटिस, 'निजी जिम्मेदारी' की चेतावनी
एडवोकेट विजय तिवारी ने बताया कि जनहित के इस ज्वलंत मुद्दे को लेकर वे पिछले एक महीने के भीतर 15 सितंबर 2026 और 23 सितंबर 2026 को भी नोटिस दे चुके हैं, लेकिन अधिकारियों ने 'स्वहित' के आगे जनहित को नजरअंदाज कर दिया।
08 अक्टूबर 2026 को जारी इस तीसरे और अंतिम नोटिस में उन्होंने साफ कहा है कि यदि इस बार त्वरित कार्रवाई नहीं की गई, तो मामला सीधे सुप्रीम कोर्ट ले जाया जाएगा। साथ ही, यदि इस बीच अवैध या जहरीली शराब से किसी भी नागरिक को कोई क्षति पहुंचती है, तो उसकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।











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