Responsive Ad Slot

Latest

latest

#धमाका_बड़ी_खबर: महाघोटाला: शिवपुरी नगरपालिका में 'भ्रष्टाचार का खेल', जिम के लिए 14 लाख का सामान 33 लाख में खरीदा!

शनिवार, 3 अक्टूबर 2026

/ by Vipin Shukla Mama
* सावरकर पार्क जिम सामग्री खरीदी में फूटा भ्रष्टाचार का गुब्बारा; 4 बड़े अफसरों पर गिरी गाज, ठेकेदार फर्म ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश
शिवपुरी। शिवपुरी नगरपालिका में जनता की गाढ़ी कमाई की लूट का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर के वार्ड 19 में स्थित सावरकर पार्क (बाल भवन) के जिम उपकरणों की खरीदी में करीब 22.50 लाख रुपये की गंभीर वित्तीय धांधली उजागर हुई है। जो सामान बाजार में मात्र 14.20 लाख रुपये का था, उसे नगरपालिका ने नियम-कायदों को ताक पर रखकर 33.24 लाख रुपये में खरीद डाला। पार्षदों की शिकायत के बाद जब कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ विजय राज की संयुक्त जांच टीम ने मामले की परतें खोलीं, तो भ्रष्टाचार की पूरी कहानी सामने आ गई।
अफसरों-ठेकेदार की साठगांठ: 3 पॉइंट्स में समझें पूरा खेल
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, निविदा (टेंडर) प्रक्रिया में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं:
  1. पहली वैध निविदा बिना कारण निरस्त: 09 दिसंबर 2024 को आई पहली वैध निविदा को बिना किसी तकनीकी दर-विश्लेषण के दुर्भावनापूर्ण तरीके से रद्द कर दिया गया।
  2. चहेती फर्म को फायदा: 24 मार्च 2025 को दोबारा टेंडर बुलाए गए। इसमें नियमों के खिलाफ जाकर चहेती फर्म 'शिवम कंस्ट्रक्शन' की अत्यधिक दरों का कोई मिलान या परीक्षण नहीं किया गया और उसे सीधे लाभ पहुंचाया गया।
  3. मंजूरी से पहले ही दे दिया काम (वर्कऑर्डर): सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि सक्षम प्राधिकारी (PIC) की आधिकारिक स्वीकृति मिलने से महीनों पहले ही ठेकेदार को काम शुरू करने का आदेश जारी कर दिया गया था।
  4. भौतिक सत्यापन (Physical Verification) में खुले 4 बड़े राज
    जब जांच टीम ने मौके पर जाकर उपकरणों की जांच की, तो बड़े फर्जीवाड़े पकड़े गए:
    • लापता सामान: वर्कऑर्डर में दर्ज 'लेट पुल डाउन' मशीन मौके से पूरी तरह गायब मिली।
    • कम सामान की डिलीवरी: 'फंक्शनल ट्रेनर' की जगह केवल 1 ही मशीन उपलब्ध कराई गई थी।
    • मॉडल और स्पेसिफिकेशन में हेरफेर: स्वीकृत 'WGTR20' ट्रेडमिल की जगह घटिया और कम कीमत वाले 'WGTR130' व 'WGTR120' मॉडल लगा दिए गए।
    • बेकार पड़ा सामान: स्टेबलाइजर और कनेक्शन न होने के कारण कीमती मशीनें धूल खा रही हैं और बंद पड़ी हैं।
    • इन 4 जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की सिफारिश
    • जांच दल ने वित्तीय अनियमितता के दोषी पाए गए निम्नलिखित अधिकारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक और विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की है:
    • इशाक धाकड़ (पूर्व सीएमओ, वर्तमान सहायक आयुक्त, नगर निगम मुरैना)
    • मनोहर बागोड़ी (कार्यपालन यंत्री, वर्तमान कार्यपालन यंत्री, संभागीय कार्यालय उज्जैन)
    • जितेंद्र परिहार (उपयंत्री, वर्तमान उपयंत्री, जिला शिक्षा केंद्र शिवपुरी)
    • सचिन चौहान (सहायक यंत्री, वर्तमान सहायक यंत्री, नपा दमोह)
    • ठेकेदार फर्म पर बड़ा एक्शन
      भ्रष्टाचार की मुख्य भागीदार रही ठेकेदार फर्म 'शिवम कंस्ट्रक्शन' (प्रो. अर्पित शर्मा) को शासकीय कार्यों से तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट (काली सूची में दर्ज) करने की सख्त सिफारिश की गई है। इसके साथ ही कलेक्टर ने बिना वित्तीय अनुमति के काम की मंजूरी देने पर पीआईसी (PIC) की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।
    • "जांच रिपोर्ट के आधार पर निविदा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। दोषी फर्म को ब्लैकलिस्ट करने और संबंधित अधिकारियों पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए नगरीय प्रशासन आयुक्त को पत्र भेजा गया है।"
      — अर्पित वर्मा, कलेक्टर, शिवपुरी।











कोई टिप्पणी नहीं

एक टिप्पणी भेजें

© all rights reserved by Vipin Shukla @ 2020
made with by rohit Bansal 9993475129