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#धमाका_धर्म: पंडित श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने यजमान पंडित राजेश दुबे भोला महाराज ओर श्रद्धालुओं के साथ खेली क्रिकेट

गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026

/ by Vipin Shukla Mama
*तु रक्षक काहू को डरना.. हनुमान जी है तो सभी को निडर होकर जीना है: पंडित श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री
*गुरु दीक्षा 30अक्टूवर को भी होगी
*30अक्टूवर को बागेश्वर धाम संन्यासी महाराज की वभूति  वितरण एवं विशाल भंडार  होगा
शिवपुरी, करैरा। बगीचा धाम-श्री राम राजा धाम में श्री राम कथा में आए बागेश्वर सरकार पंडित श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने यजमान पंडित राजेश दुबे भोला महाराज ओर श्रद्धालुओं के साथ क्रिकेट खेली। जबकि आज गुरुवार को छठवें दिवस अपराह्न 3.30बजे महाआरती हुई, प्रमुख यजमान पंडित राजेश दुबे "भोला महाराज" धर्मपत्नी श्रीमती सीमा ने परिजनों, साधू- संतों के साथ आर.आर.एस.के प्रचारक मनीष सिंह, विधायक रमेश खटीक, जिला महामंत्री भाजपा लवलेश जेन,युवा नेता मुकेश खटीक, रामस्वरूप रावत,धनिराम रावत,रानी पहलवान इत्यादि ने आरती की ,एक लाख के करीब श्रद्धालू की भीड़ के सामने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने भजन सीता राम हनुमान, सीताराम था हनुमान गाया,...इसके उपरांत जय जय राधे राधे बोल, श्याम श्याम बोल..भी गाय श्रद्धालू आनंद में लीन होते हुए भाव विभोर हो गये.
पंडित श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने प्रवचन में कहा कि तुम रक्षक काहू को डरना.. नेता को कुर्सी, बिजनेस मैन को घाटे की, सम्मानित को असम्मान की, दुनिया में सबको डर है.. सभी को निडर होकर जीना है.. हनुमान जी रक्षक है तो ,काहू को डरना..
आज करवा चौथ का वृत है..इस पर व्याख्यान देते हुए कहा कि सुख दुःख साथ रहे, पुरुषो से कहा कि अपनी पत्नी का सम्मान करना चाहिए इसके बाद आर्शीवाद दिया.. तुम्हारे सिन्दूर और समर्पण का मान रहेगा.
इसके बाद कहा कि घर घरकी एक कहानी है सास-बहु की लडाई.. लड़ाई सिर्फ जीभ की ही है.सास क्रोध में हो तो ,बहु को चुप हो जाना चाहिए,..सास को बहु को बेटी जैसी समझे,बहु सास को मां जैसी समझे.. सास-बहू की लडाई खत्म हो जाएगी.
श्री राम कथा सुनाई मुनि विश्वामित्र जी दशरथ जी से उसके सुपुत्र श्री राम को लेने आये, मुनि वशिष्ठ के समझाने के बाद दशरथ जी अपने सुपुत्र श्री राम एवं लक्ष्मण मुनि विश्वामित्र जी के साथ भेज दिया, मुनि जी के आश्रम में यज्ञ करते समय राक्षस हड्डियां डालते हैं, श्रीराम अपने धनुष बाण चलाकर राक्षसों को मारते है, राक्षस मारीच को मारा.मिथला से मुनि
विश्वामित्र जी को पत्र आया कि धनुष यज्ञ में मिथिला आना है, मुनि के साथ श्री राम ,लक्ष्मण जी मिथिला जाते समय एक कुटिया में गोतम श्री की श्रापित पत्नी अहिल्या का उधार किया, मिथिला पहुंचे,मिथिला घूमा, धनुष यज्ञ आरम्भ हुआ, भगवान शंकर के धनुष को अपने के राजा नहीं छू पाये न तोड़ पाए,
बहुत सुंदर प्रवचन धनुष यज्ञ का दिया.. इसके उपरांत भगवान श्री राम  ने धनुष तोड़..श्रीराम चरित्र मानस के श्लोक सुनाते हुए ,सुन्दर सुन्दर गीत गाये. श्रद्धालूओं भाव भोर हो गये एवं गीत-संगीत पर नाचते, गाते,भाव  आनंदित हुए.श्रीरामचरित मानस की आरती हुई,
 30अक्टूवर को  गुरु दीक्षा सुबह 9बजे श्री राम राजा होटल में प्रदान की जाएगी, बगीचा धाम -श्री राम राजा धाम के परिसर में  विशाल भंडार होगा.
विगत दिवस रात्रि में पंडित श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने यजमान पंडित राजेश दुबे भोला महाराज ओर श्रद्धालुओं के साथ क्रिकेट खेला. 30 अक्टूवर को श्री राम कथा 12बजे से होगी,इसके उपरांत कथा का समापन होगा.












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