* कलेक्टर को शिकायत देकर जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
शिवपुरी। नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 20 के पार्षद विजय बिंदास ने रोड रेस्टोरेशन के स्वीकृत कार्य को दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर सीसी रोड के रूप में कराए जाने को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षद ने जिला कलेक्टर को आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पार्षद विजय बिंदास का आरोप है कि संबंधित ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नियमों को दरकिनार कर स्वीकृत कार्य में बदलाव किया गया। उनका कहना है कि जिस पिताम्बरा कंस्ट्रक्शन कंपनी को रोड रेस्टोरेशन कार्य के लिए करीब 19 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई थी, उसके द्वारा कार्य नहीं किए जाने के बाद नगर पालिका प्रशासन की ओर से फर्म को ब्लैकलिस्ट करने, उसकी एफडीआर राजसात करने और कार्य के पुनः ऑनलाइन टेंडर जारी करने के लिए तीन बार आदेश जारी किए जा चुके हैं।
पार्षद का आरोप है कि इन आदेशों के बावजूद नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा बिना नई टेंडर प्रक्रिया अपनाए और उनकी अनुमति के बिना पीआईसी से प्रस्ताव पास कराए, वार्ड क्रमांक 20 के स्वीकृत रोड रेस्टोरेशन कार्य को वार्ड क्रमांक 5 में शिफ्ट कर सीसी रोड के रूप में कराया गया। पार्षद ने इसे नियम विरुद्ध बताते हुए ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुंचाने और पूरे मामले में भ्रष्टाचार की आशंका जताई है।
उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि पीआईसी में कार्य शिफ्ट किए जाने की प्रक्रिया, स्वीकृति, टेंडर प्रक्रिया और संबंधित ठेकेदार को हुए संभावित लाभ की जांच कराई जाए। साथ ही जांच में अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
आइए समझिए क्या है पूरा मामला
प्रति,
प्रतिलिपि संलग्न
श्रीमान कलेक्टर महोदय जिला शिवपुरी,
उपसंचालक
नगरीय प्रशासन ग्वालियर
आयुक्त
नगरीय प्रशासन भोपाल, प्रमुख सचिव महोदय
नगरीय प्रशासन भोपाल मध्य प्रदेश
भवदीय
दि. 21/10/26
श्रीमान कलेक्टर महोदय
DUDA Put on N/Sheet
जिला शिवपुरी ५०
211126,
विषय में पीतांबरा कंस्ट्रक्शन कंपनी (मुकेश वर्मा ) को नगर पालिका परिषद एवं प्रशासन द्वारा अनुचित लाभ पहुंचाने हेतु कार्रवाई करने विषयक ।
महोदय,
उपर्युक्त विषय में लेख है कि नगर पालिका अध्यक्ष महोदय, पीआईसी, सीएमओ ईशांक धाकड़ और नगर पालिका अधिकारी कर्मचारियों की सांठगाठ से ठेकेदार को निम्नांकित लाभ पहुंचाने हेतु कार्यवाही हेतु बिंदु निम्नानुसार है
1- सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय भोपाल के पत्र क्रमांक एफ 11-28 / 2020/1/9 भोपाल दिनांक 22-9-22 सड़कों का संधारण मरम्मत कर वार्ड क्रमांक 20 में रोड रेस्टोरेशन राशि 18 लाख 80 हजार 663 रुपए की वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई जो सभी वार्डों में स्वीकृति प्रदान अलग-अलग राशि की गई थी।
2- पीआईसी के संकल्प क्रमांक 165 दिनांक 16-11-22, को प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति तथा तकनीकी स्वीकृति 3-1-23 के माध्यम से ऑनलाइन टैडर प्रक्रिया अपनाई गई जिसमें मैसर्स शिवम कंस्ट्रक्शन कंपनी 49.490% कम,
मैसर्स ज्योति इंफा 46.099% कम एवं गैससे संध्या फ्लेक्स 54.020% कम दर प्राप्त हुई, 22-2-23 को निविदा समिति में तथा संकल्प क्रमांक 287 दिनांक 27-2-23 को पीआईसी में वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई
लेकिन फर्म मैसर्स संध्या फ्लेक्स द्वारा नपा द्वारा कई पत्र लिखे जाने के बाद ना अनुबंध किया और ना ही एफडीआर जमा की और ना ही कार्य किया जिसके चलते टैडर निरस्त कर पुनः टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई ।
3- मैसर्स संध्या फ्लेक्स की राशि राजसात कर पुनः 15-6-23 को टेंडर प्रक्रिया मगर पालिका द्वारा अपनाई गई जिसमें तकनीकी चिड खोले जाने के बाद मैसर्स पितृ छाया ट्रेडर्स 5.800% कम एवं मैसर्स पीतांबरा कंस्ट्रक्शन कंपनी 12.570% कम प्राप्त होकर दिनांक 6-7-23 को निविदा समिति में स्वीकृत पश्चात पीआईसी के संकल्प क्रमांक 700 दिनांक 8-8-23 को वितीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई, तथा 16-8-23 को अनुबंध एवं पत्र क्रमांक 311/23 दिनाक 23-8-23 को 2 माह में कार्य पूर्ण करने का कार्यादेश पीतांबरा कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया लेकिन लगातार मौखिक शिकायतें करने के बाद भी ठेकेदार द्वारा अध्यक्ष महोदय के इशारे पर बार्ड 20 में कार्य नहीं किया गया जबकि जनता लगातार परेशान होती रही
नगर पालिका कार्यालय में आवक सहायक यंत्री और कार्यपालन यंत्री 25-7-24 को नपा द्वारा दिया गया 4- जनप्रतिनिधि होने के नाते मैसर्स पीतांबरा कंस्ट्रक्शन कंपनी की लिखित शिकायत क्रमांक 203 दिनांक 24-7-24 को लिखित शिकायती पत्र दिया गया जिसमें उपयंत्री द्वारा और द्वारा उक्त फर्म की सूचना पत्र जारी कर 7 दिवस में कार्य प्रारंभ करने का पत्र जिसमें कार्य न करने पर एफडीआई राजसात करने एवं काली सूचीबद्ध (ब्लैकलिस्टेड) करने का निर्देश पत्र के माध्यम से उक्त फार्म को भी दिया गया लेकिन उक्त फर्म ने तब भी कार्य प्रारंभ नहीं किया गया तत्पश्चात दिनांक 8-8.24 को फर्म की एफडीआर राजसात करते हुए फर्म को काली सूचीबद्ध एवं पुनः टैडर हेतु आदेश तत्कालीन एई सतीश निगम, ईई मनोहर लाल बागडी एवं सीएमओ ईशांक धाकड़ द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।
5- मैसर्स पीतांबरा कंस्ट्रक्शन कंपनी को नगर पालिका परिषद के परिपत्र क्रमांक 3961 दिनांक 23-9-24 का हवाला देकर अनुबंध एवं कार्यादेश की शर्तों के अनुसार जवाब से संतुष्ट न होकर दिनांक 30-9-24 को एफडीआर राजसात करते हुए पुनः टैडर निविदा प्रक्रिया करने की स्वीकृति आदेशार्थ हेतु फर्म की एफडीआर राजसात करने का पत्र सीएमओ द्वारा 3 दिवस का समय देकर पूर्व में ही कर दिया गया था लेकिन फर्म द्वारा कार्य नहीं किया गया तथा झूठे पत्र के द्वारा गुमराह करने का प्रयास नपा को किया गया, जबकि 29-12-25 की उपयंत्री सत्येंद्र गढ़वाल, एई सचिन चौहान सीएमओ ईशांक धाकड़ द्वारा उक्त फर्म की राशि राजसात करने पुनः टैंडर करने का आदेशार्थ नोटसीट पर स्वीकृति प्रदान की गई।
6- दिनांक 22 5.2026 को तत्कालीन सीएमओ इशांग धाकड़ ने जाने से पूर्व ट्रांसफर पश्चात ठेकेदार को लाभ पहुंचाने मौटी रकम लेकर सभी पूर्व दी गई स्वीकृति को शीतल मानते हुए नोट सीट पर उक्त फॉर्म को जीवित करने स्वीकृक्ति प्रदान की गई जिसमें एक बार से अन्य वार्ड में रोड रेस्टोरेशन कर प्रक्रिया को बिना जनप्रतिनिधि के स्वीकृति बिना टेंडर के सीसी रोड वार्ड क्रमांक 5 में महत्वपूर्ण कार्य बढ़कर परिवर्तन किया गया जबकि उक्त कर वार्ड क्रमांक 20 में महत्वपूर्ण ही था जिसे बिना स्वीकृति बदल दिया गया और पीआईसी में स्वीकृत अध्यक्ष महोदय द्वारा दे दी गई
7- अध्यक्ष महोदय द्वारा सीएमओ पर दबाव बनाकर ठेकेदार को लाभ पहुंचाने रोड रेस्टोरेशन के टैडर को बिना निरस्त किए मोटी रकम लेकर वार्ड क्रमांक 5 में सीसी रोड डालने बिना सक्षम जनप्रतिनिधि की स्वीकृति के पीआईसी के संकल्प क्रमांक 1584 दिनांक 17-7-26 को वार्ड क्रमांक 5 में प्रगति बाजार भुरामल मार्केट से टेकरी रंगी चाय वाले तक स्वीकृति प्रदान की गई जिसमें एफडीआर राशि, टेंडर राशि, एसडी राशि, कार्य का प्रकार अलग होने के चलते अलग-अलग कार्यादेश का लाभ ठेकेदार को हुआ एवं शासन को नुकसान हुआ जिसमें पुनः एस्टीमेट रिवाईज एवं कार्यादेश दिनांक 153/26, दिनाक 14-10-26 को जारी किया गया जिसमें पीआईसी के साथ साथ हस्ताक्षरकर्ता नगर पालिका अधिकारी कर्मचारी भी बराबर की दोषी है क्योंकि इन्होंने बिना टेंडर प्रक्रिया के आगामी कार्यवाही की है।
8-अध्यक्ष महोदय द्वारा लगातार बार्ड क्रमांक 20 की उपेक्षा की जा रही है जिसके कारण पिछले 4 वर्षों में बिना नेम प्लेट के केवल लगभग 18 लख रुपए के कार्य वार्ड में किए गए, जबकि अन्य वार्डों में करोड़ों रुपए के कार्य इस परिषद द्वारा स्वीकृत कर पूर्ण किए गए जिसमें वार्ड की फाइल नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा घर रख ली जाती है एवं ठेकेदार से कार्य न करने का अनुचित दबाव बनाना तथा ठेकेदारों से साठ गाठ कर घोटाले कर अन्य वार्डों में कार्य कराए गए जिसका प्रमाण पूर्व में प्रशासन को कई घोटाले में मिल भी चुका है।
अतः श्रीमान जी से विनम्र आग्रह है कि फर्म मेसर्स पीतांबरा कंस्ट्रक्शन कंपनी का भुगतान रोकने के साथ उक्त कार्य में नगर पालिका के समस्त दोषी अधिकारी सहित पीआईसी को निलंबित कर विधि संबत कार्यवाही करने की कृपा करें । जिससे कोई भविष्य में इस तरह का कृत्य ना कर सके।
भवदीय विजय शर्मा बिंदास पार्षद












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