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#धमाका_खास_खबर: सौम्य, सरल व्यवहार से लोगों के दिल में उतरते जा रहे कलेक्टर अर्पित वर्मा, नरवर किला देखा, पसर देवी के किए दर्शन, रास्ते में सिंघाड़े बेच रहे किसान के पास पत्थर पर बैठकर खाए सिंघाड़े, देखिए video

शनिवार, 17 अक्टूबर 2026

/ by Vipin Shukla Mama
shivpuri शिवपुरी। किसी भी जिले की तस्वीर या तो अच्छे नेता बदल सकते हैं या जिले के कलेक्टर, ये बात आजमाई जाती रही है और इस मामले में शिवपुरी लक्की है क्यूँकि उसके पास राष्ट्रीय स्तर के शीर्ष नेता यानि केंद्रीय मंत्री द ग्रेट ज्योतिरादित्य सिंधिया मौजूद हैं जिन्हें जनसेवा के लिए राजनीति का प्रणेता माना जाता है। हालाकि बाकी नेताओं के बारे में तारीफ करने जैसी कोई बात नहीं है लेकिन बात कलेक्टर अर्पित वर्मा की करें तो वे अपने सौम्य सरल व्यवहार की दम पर जिले की जनता के दिल में जगह बनाते जा रहे हैं। कभी स्कूल के बच्चों के बीच जाकर, कभी ग्रामीण जनों की चौपाल लगाकर तो कभी सिंघाड़े खाकर। जी हां कल की ही बात है जब नरवर प्रवास पर पहुंचे जिला कलेक्टर नरवर किला देखने पहुंचे। उन्होंने ऐतिहासिक पसर देवी के दर्शन किए। लेकिन उसके पहले जब वे किले की चढ़ाई कर रहे थे तो रास्ते में सिंघाड़े बेचने वाले के पास उसी के पत्थर पर आराम से जाकर बैठ गए। फिर सिंघाड़े खाए और कुछ पैक करवाकर घर भी ले गए।
इस दौरान उन्होंने विक्रेता से सिंघाड़े को लेकर बातचीत भी की। उनकी इस सादगी के सभी कायल हुए बिना न रहे। कलेक्टर अर्पित ने अपनी वाॅल पर लिखा "नरवर के किले की ऐतिहासिक ऊंचाइयों के पास, सिंघाड़े की छोटी-सी दुकान पर रुककर उसके स्वाद का आनंद लेना अपने आप में एक खूबसूरत अनुभव है। ❤️
किले की प्राचीनता, आसपास की मिट्टी की खुशबू और ताजे सिंघाड़ों का देसी स्वाद… मानो बीते हुए समय की कोई मीठी याद सामने आकर बैठ गई हो।"
बाद में किए माता के दर्शन
कलेक्टर अर्पित ने ऐतिहासिक किले पर स्थित ऐतिहासिक प्राचीन पसर देवी के दर्शन किए और लिखा कि 
"आज प्राचीन मां पसर देवी माता मंदिर पहुंचकर माता रानी के दर्शन एवं पूजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा और प्राचीन धार्मिक विरासत ने मन को गहरी शांति और श्रद्धा से भर दिया। 
मां के चरणों में क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और सभी के मंगल की कामना की।
बता दें कि कलेक्टर अर्पित के साथ सीईओ जिला पंचायत विजय राज भी थे।
किले का भी किया भ्रमण
इसके पश्चात ऐतिहासिक नरवर किला पहुंचकर हमारी गौरवशाली विरासत और इतिहास को करीब से जानने का अवसर मिला। पत्थरों में सहेजी गई सदियों पुरानी गाथाएं हमारी समृद्ध संस्कृति और पराक्रम की याद दिलाती हैं।
आस्था की शक्ति और इतिहास की विरासत-दोनों का संगम, एक अविस्मरणीय अनुभव। 













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