* "बाज़ार में रौनक: डिजिटल पेमेंट्स और क्विक-कॉमर्स के दम पर धनतेरस पर टूटा बिक्री का रिकॉर्ड"
नई दिल्ली/देशव्यापी: इस साल 6 नवंबर को धनतेरस का त्योहार सिर्फ पारंपरिक बर्तनों और सोने-चांदी की खरीदारी तक सीमित नहीं रहने वाला, बल्कि इसमें एक बड़ा 'डिजिटल और सस्टेनेबल बदलाव' देखने को मिलने वाला है। भारतीय परिवारों ने इस बार परंपराओं को निभाते हुए अपनी खरीदारी के तरीके और प्राथमिकताओं को पूरी तरह बदल दिया है। बाज़ारों में भीड़ तो है, लेकिन इस बार असली खनक डिजिटल वॉलेट्स और इन्वेस्टमेंट ऐप्स में सुनाई दे रही है।
1. डिजिटल गोल्ड और क्विक कॉमर्स का दबदबा
इस बार लोगों ने ज्वैलर्स की दुकानों पर लंबी लाइनों में लगने के बजाय 10 मिनट में डिलीवरी करने वाले क्विक-कॉमर्स ऐप्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को चुना। सुबह से ही शगुन के लिए ₹100 से लेकर हजारों रुपये तक का डिजिटल गोल्ड खरीदने का ट्रेंड टॉप पर रहा। युवाओं में 'सोवरेन गोल्ड बॉन्ड' (SGB) और गोल्ड ETF के प्रति दीवानगी देखी गई।
इस बार लोगों ने ज्वैलर्स की दुकानों पर लंबी लाइनों में लगने के बजाय 10 मिनट में डिलीवरी करने वाले क्विक-कॉमर्स ऐप्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को चुना। सुबह से ही शगुन के लिए ₹100 से लेकर हजारों रुपये तक का डिजिटल गोल्ड खरीदने का ट्रेंड टॉप पर रहा। युवाओं में 'सोवरेन गोल्ड बॉन्ड' (SGB) और गोल्ड ETF के प्रति दीवानगी देखी गई।
2. 'यूटेंसिल्स' से 'गैजेट्स' की ओर बढ़ता कदम
परंपरा के अनुसार धनतेरस पर धातु खरीदना शुभ माना जाता है। लेकिन इस साल के आंकड़ों के मुताबिक, लोगों ने बाजार से तांबे और पीतल के बर्तनों के साथ-साथ 'स्मार्ट गैजेट्स' को अपनी मेटल-बाइंग लिस्ट में शामिल किया। रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर, स्मार्टवॉच, और पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) होम अप्लायंसेज की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई है।
परंपरा के अनुसार धनतेरस पर धातु खरीदना शुभ माना जाता है। लेकिन इस साल के आंकड़ों के मुताबिक, लोगों ने बाजार से तांबे और पीतल के बर्तनों के साथ-साथ 'स्मार्ट गैजेट्स' को अपनी मेटल-बाइंग लिस्ट में शामिल किया। रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर, स्मार्टवॉच, और पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) होम अप्लायंसेज की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई है।
3. ग्रीन और सस्टेनेबल धनतेरस
इस साल की सबसे बड़ी एक्सक्लूसिव थीम रही—'इन्वेस्टमेंट इन नेचर'। लोगों ने सोने-चांदी के साथ-साथ घर की समृद्धि के लिए इनडोर प्लांट्स, एयर प्यूरीफायर और मिट्टी के पारंपरिक दीयों की जमकर खरीदारी की। प्लास्टिक और सिंथेटिक सामानों की जगह हाथ से बने (Handmade) और रीसाइकिल किए जा सकने वाले प्रोडक्ट्स की मांग 40% तक बढ़ी है।
इस साल की सबसे बड़ी एक्सक्लूसिव थीम रही—'इन्वेस्टमेंट इन नेचर'। लोगों ने सोने-चांदी के साथ-साथ घर की समृद्धि के लिए इनडोर प्लांट्स, एयर प्यूरीफायर और मिट्टी के पारंपरिक दीयों की जमकर खरीदारी की। प्लास्टिक और सिंथेटिक सामानों की जगह हाथ से बने (Handmade) और रीसाइकिल किए जा सकने वाले प्रोडक्ट्स की मांग 40% तक बढ़ी है।







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