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#धमाका_खास_खबर: देश के सबसे बेहतर ट्रैक पर 180 की रफ्तार से दौड़ी ऑटोमैटिक स्लीपर वंदे भारत, गिलास में रखा पानी तक नहीं छलका

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गुरुवार, 6 नवंबर 2025

Kota कोटा। वो दिन दूर नहीं जब सुपर फास्ट ऑटोमैटिक वंदे भारत में आप सफर कर सकेंगे। आज गुरुवार को देश के सबसे बेहतर कोटा के ट्रैक पर इस ट्रेन का ट्रायल किस हद तक सफल रहा ये अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोको पायलेट केबिन की डेस्क पर गिलास में रखा पानी तक नहीं छलका, यानि कि आपको भी झटके नहीं लगेंगे। 
जानकारी के अनुसार स्वदेशी तकनीक से निर्मित ऑटोमेटिक स्लीपर वंदे भारत ट्रेन का आज कोटा में 180 किमी प्रति घंटे की स्पीड से ट्रायल किया गया। बताना होगा कि 2 से 17 नवंबर तक इस ट्रेन की तकनीकी, ब्रेकिंग, स्थिरता, कंपन और बिजली तंत्र की जांच होना है जिसके चलते ट्रायल चल रहा है।
लखनऊ के रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) के निर्देशन में यह ट्रायल किया जा रहा है।
सवाई माधोपुर-कोटा-नागदा रूट पर किया जा रहा ट्रायल
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि ट्रायल सवाई माधोपुर-कोटा-नागदा रुट पर किया जा रहा है। 16 कोच वाली इस ट्रेन को 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जा रहा है। यही नहीं, ट्रेन को 800 टन रैक भार के साथ और 108 टन अतिरिक्त वजन जोड़कर कुल 908 टन भार में टेस्ट किया जा रहा है।
देश के सबसे बेहतर और हाई स्पीड ट्रैकों में आता है कोटा का ट्रैक
कोटा मंडल को यह ट्रायल इसलिए सौंपा गया है, क्योंकि यहां का ट्रैक देश के सबसे बेहतर और हाई-स्पीड ट्रैक में गिना जाता है। इससे पहले भी कोटा में वंदे भारत, एलएचबी, डबल डेकर और हाई कैपेसिटी इंजन के ट्रायल हो चुके हैं।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पूरी तरह से  ऑटोमैटिक
ये ट्रेन पूरी तरह ऑटोमैटिक होगी, कोचों के गेट सेंसर से खुलेंगे-बंद होंगे। प्रत्येक कोच में अग्निशमन उपकरण, टच-फ्री फिटिंग्स, रीडिंग लाइट्स, चार्जिंग पॉइंट और शावर क्यूबिकल्स जैसी सुविधाएं होंगी।
ट्रेन में फर्स्ट, सेकेंड और थर्ड एसी के कोच होंगे
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों के लिए फर्स्ट एसी, सेकेंड एसी और थर्ड एसी के कोच होंगे। फर्स्ट एसी में 24 बर्थ, सेकेंड एसी में 47 बर्थ, थर्ड एसी में 72 बर्थ यानी कुल 16 कोच में 1128 बर्थ होंगी। इनमें से 24 बर्थ स्टाफ के लिए रिजर्व रहेंगी।
















#धमाका_बड़ी_खबर: शिवपुरी झांसी फोरलेन पर NHAI की लापरवाही से अमोला पुल से नदी में जा गिरी कार, 4 लोग थे सवार, मची चीख पुकार, ग्रामीणों ने जान पर खेलकर बचाई माता पिता और दो बेटों की जान, सिंध नदी के अमोला पुल के पास डूब सड़क का नहीं हुआ अब तक निर्माण, वन वे चल रहा ट्रैफिक, इसी सड़क पर ट्रक की टक्कर से नदी में जा गिरी कार, सत्संग में कोटा से उरई जा रही फैमिली की कार नदी में गिरी, video

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रविवार, 5 अक्टूबर 2025

शिवपुरी। जयपुर कानपुर फोरलेन हाइवे के शिवपुरी झांसी खंड के बीच स्थित वन वे सड़क ने रविवार को एक बड़े हादसे को अंजाम दे डाला। NHAI की लापरवाही से निर्माणाधीन सड़क पर जाती वन वे ट्रैफिक के चलते जब एक ट्रक ने कार में टक्कर मारी तो अनियंत्रित कार सीधे सिंध नदी में जा गिरी। कार सवार कोटा से उरई सत्संग में शामिल होने जा रहे थे। कार जैसे ही नदी में गिरी चीख पुकार मच गई। कार में परिवार के लोग सवार थे गनीमत ये रही कि दिन के समय हुए इस बड़े हादसे के दौरान मौके पर मौजूद साहसी ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए नदी में छलांग लगाई और कार में सवार महिला, पुरुष और बच्चों को सकुशल बाहर निकाल लिया। ये हादसा एनएचएआई की गंभीर लापरवाही का नतीजा है जिसकी वजह से फोरलेन का एक हिस्सा निर्माणाधीन है जबकि दूसरा बना दिया गया लेकिन रेलिंग नहीं लगाई है केवल ड्रम रखकर छोड़ दिए है और हेवी ट्रैफिक एकाकी चलाया जा रहा है। जबकि उक्त इलाका पशु बाहुल्य भी है जिसके चलते हैवी ट्रैफिक निकलता है तो हादसे का खतरा है। बता दें कि पहले भी एक कार इसी तरह सड़क छोड़कर नदी में जा गिरी थी जिनको भी ग्रामीणों ने बचाया था।
 (देखिए video किस तरह जान पर बनी)
जानकारी के अनुसार शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र में ट्रक की टक्कर से एक कार सिंध नदी में गिर गई। कोटा से उरई जा रहे चार सदस्यीय परिवार को ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर बचाया। हादसे के बाद पुलिस ने ट्रक चालक की तलाश शुरू की है। एनएचएआई की लापरवाही से हादसा हुआ है। कार को पानी में डूबते देख आसपास के ग्रामीणों ने इस कार में सवार लोगों को बाहर निकाला। इस गाड़ी में कोटा (राजस्थान) का एक परिवार उरई उत्तर प्रदेश बाबा जय गुरुदेव सत्संग में शामिल होने के लिए जा रहा था।
ग्रामीणों ने जान की बाजी लगाकर बचाई जान
जहां पर यह हादसा हुआ वहां सिंध नदी 8 से 10 फीट तक गहरा पानी भरा है। इस दौरान कार को डूबता देख यहां के ग्रामीणों ने कार में सवार परिवार को बचाने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी। ग्रामीणों ने आपस में सहयोग करके इस कार में बैठे कोटा निवासी शैलेंद्र सिंह हांडा, उनकी पत्नी रेखा कंवर और उनके बच्चे नोदिघ हांडा व देवदत्त हांडा को बाहर निकाला। ग्रामीणों ने अपनी जान की बाजी लगाकर इन सभी लोगों को बाहर निकाला। कोटा निवासी शैलेंद्र सिंह हांडा अपने पूरे परिवार के साथ कोटा से उरई बाबा जयगुरुदेव के सत्संग में शामिल होने जा रहे थे।














#धमाका_घोर_कलयुग: ये कैसी मोहब्बत, पुलिस ने पकड़ा तो प्रेमी युगल चढ़ गए पुलिस की जीप पर, प्रेमी के साथ घर से भागकर आई प्रेमिका बार-बार चिल्लाती रही, 'छोड़ दो इसे, यह गलत नहीं है.' पुलिस ने नीचे उतरने की चेतावनी दी तो प्रेमिका रोने लगी और बोली– 'मैं ले आती हूं इसे नीचे.' नशे में धुत प्रेमी लगातार गाली-गलौज करता रहा.बैलेंस बिगड़ने पर दोनों पुलिस की गाड़ी की छत पर ही गिर पड़े कुछ इस तरह, देखिए video

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मंगलवार, 23 सितंबर 2025

Kota कोटा। कोटा में शुक्रवार रात प्रेमी-प्रेमिका का ऐसा हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जिसे देखकर हर कोई दंग रह गया. वायरल वीडियो में एक प्रेमी-प्रेमिका पुलिस की गाड़ी पर चढ़ गए और 10 मिनट तक हाईवोल्टेज ड्रामा करते रहे. इस दौरान युवक ने पुलिसकर्मियों को गालियां दीं, जबकि लड़की पुलिस से रहम की भीख मांगती रही.
22 साल का युवक नशे में था और 17 साल की नाबालिग लड़की को घर से भगाकर लाया था. पुलिस पकड़ने पहुंची तो दोनों जीप की छत पर चढ़ गए और 10 मिनट तक हंगामा करते रहे. युवक ने गालियां दीं, जबकि लड़की रहम की गुहार लगाती रही. पुलिस ने केस दर्ज किया.
दरसअल रामपुरा थाना क्षेत्र के सब्जी मंडी रोड पर देर रात पुलिस गश्त कर रही थी. तभी सरोवर टॉकीज के पास खड़े युवक-युवती पुलिस को देखते ही भागने लगे. शक होने पर पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया. लेकिन अंदर बैठने के बजाय दोनों सीधे पुलिस जीप की छत पर चढ़ गए.
             (देखिए वायरल video)
जांच में सामने आया कि 22 साल का युवक नशे की हालत में था और 17 साल की नाबालिग लड़की को घर से भगाकर लाया था. लड़की के परिवार ने पहले ही नान्ता थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी.
लड़की बार-बार चिल्लाती रही, 'छोड़ दो इसे, यह गलत नहीं है.' पुलिस ने नीचे उतरने की चेतावनी दी तो लड़की रोने लगी और बोली– 'मैं ले आती हूं इसे नीचे.' नशे में धुत युवक लगातार गाली-गलौज करता रहा.
बैलेंस बिगड़ने पर दोनों गाड़ी की छत पर ही गिर पड़े.रामपुरा थाना अधिकारी महेश कारवाल ने बताया कि युवक-युवती की पहचान हो चुकी है. युवक के खिलाफ पुलिस जीप पर चढ़कर हंगामा करने और गाली-गलौज करने का केस दर्ज कर लिया गया है. साथ ही नान्ता थाना पुलिस को भी सूचना दी गई है.
नाबालिग को लेकर भागने पर क्या है सजा जान लीजिए उतर जाएगा प्यार का भूत 
कानून के जानकार कहते हैं कि नाबालिग लड़की को घर से भगाकर ले जाना या अपने पास रखना भारतीय कानून के तहत गंभीर अपराध है. भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 363 के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति नाबालिग लड़की को उसके माता-पिता या अभिभावक की अनुमति के बिना ले जाता है, तो यह अपहरण माना जाता है, जिसकी सजा सात साल तक की कैद और जुर्माने के रूप में हो सकती है. वहीं धारा 366 में यदि लड़की को शादी या यौन शोषण के इरादे से भगाया गया है, तो आरोपी को दस साल तक की कैद और जुर्माने की सजा हो सकती है. इसके अलावा, पॉक्सो एक्ट (POCSO Act, 2012) के तहत नाबालिग के साथ किसी भी तरह का यौन संबंध अपराध माना जाता है, भले ही लड़की ने सहमति दी हो. इस कानून के तहत सात साल से लेकर उम्रकैद तक की सज़ा का प्रावधान है. खासतौर पर यदि लड़की की उम्र 16 साल से कम है, तो उसके साथ किसी भी प्रकार का शारीरिक संबंध सीधे तौर पर बलात्कार की श्रेणी में आएगा और आरोपी को सख्त सज़ा का सामना करना पड़ेगा. कुल मिलाकर, नाबालिग लड़की को भगाने या उसके साथ संबंध बनाने पर आरोपी को जेल, जुर्माना और कई मामलों में उम्रकैद तक की सजा हो सकती है.
कुछ ना समझ युवतियों से अपील
समाज की जो युवतियां नशेबाजों या बिगड़ैल युवकों में अपनी जिंदगी तलाश करती है उन्हें समझना चाहिए कि वे अपनी जिंदगी बर्बाद करने घर से भाग रही हैं. जिसे वे अपना भावी भविष्य समझ रही है वह धोखा है और सिर्फ जिस्मानी भूख शांत होने तक का सफर है. इसकी अपेक्षा थोड़ा इंतजार कीजिए आपके माता पिता जिन्होंने आपको जन्म दिया वे आपके हाथ जरूर पीले करेंगे थोड़ा भरोसा रखिए या फिर कोई अच्छा व्यवहारिक, नौकर पेशा युवक देखकर सपने देखिए और जब बालिग हो जाएं तो अपने घर वालों को बताए फिर वे न माने तो भी आगे जाए क्योंकि अच्छा हम सफर साथ होगा तो जिंदगी बर्बाद नहीं होगी और आगे पीछे परिवारजन मान सकते हैं.
















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