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#धमाका न्यूज: प्रयागराज महाकुंभ 2025 में SAM युवा कुंभ ने छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य को किया नमन

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सोमवार, 24 फ़रवरी 2025

प्रयागराज। प्रयागराज महाकुंभ की पावन धरा पर इतिहास और वीरता का अद्भुत संगम देखने को मिला जब दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के युवा जाग्रति अभियान ‘SAM’ ने ‘शेर शिवराय – द लायन अमंग्स्ट किंग्स’ के माध्यम से छत्रपति शिवाजी महाराज जी को श्रद्धांजली अर्पित की। इस  प्रेरणादायक प्रस्तुति में शिवाजी महाराज जी के अद्वितीय साहस, दूरदर्शी नेतृत्व और अमर विरासत को दर्शाया गया, जिसके चलते प्रयागराज के 15,000 से अधिक युवाओं को सन्देश दिया गया| इनमें प्रयागराज के प्रतिष्ठित कोचिंग सेंटर, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्र, सांस्कृतिक प्रेमी और देश-विदेश से आए आध्यात्मिक जिज्ञासु शामिल हुए।
SAM के फ्यूजन रॉक बैंड 'Eternal Bliss' ने शिवाजी महाराज जी को श्रद्धांजली देते हुए अपने जोशीले संगीत से मंच  पर धूम मचा दी। पारंपरिक ढोल और नगाड़ों की गूंज को रॉक संगीत के साथ जोड़कर ब्रह्मनाद बैंड ने एक गगनभेदी ध्वनि-संगीत छेड़ा, जिसने युवाओं के हृदय में गर्व और जोश भर दिया। इसके बाद SAM की बैले ग्रुप 'Eternal Splendour' ने एक शानदार नृत्य नाटिका प्रस्तुत की, जिसमें शिवाजी महाराज जी की वीरता और रणनीतिक कुशलता को जीवंत किया गया। 
साध्वी परमा भारती जी ने अपने ओजस्वी संबोधन में शिवाजी महाराज जी के अद्भुत साहस, अनुशासन और नेतृत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार समर्थ गुरु रामदास जी की आध्यात्मिक प्रेरणा ने शिवाजी महाराज जी को दिशा दी, जो आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शन का काम कर सकती है| प्रसिद्ध कवि अभिजीत मुंडे, उर्फ ‘Psycho Shayar’, ने कविता और कहानी के अनूठे संगम से शिवाजी महाराज जी के संकल्प और उनके आदर्शों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। 
इस भव्य आयोजन का समापन ‘छत्रपति महाराज जी के संकल्प’ समारोह के साथ हुआ, जिसमें हजारों युवाओं ने स्वयं को भारत की प्रगति, संस्कृति के संरक्षण और व्यक्तिगत विकास के प्रति समर्पित होने की शपथ ली। यह संकल्प वाद्ययंत्रों की गूंज और लहराते ध्वजों के बीच लिया गया, जिसने पूरे वातावरण को एक उन्नत एवं सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।
इस कार्यक्रम में प्रतिष्ठित विद्वानों और इतिहासकारों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और इतिहासकार ‘संजीव सान्याल जी’ने सरस्वती नदी की गौरवशाली विरासत पर अपने विचार साझा किए, जबकि प्रख्यात लेखक ‘उदय माहुरकर जी’ ने ‘संस्कृति बचाओ, राष्ट्र बचाओ’ विषय पर ओजस्वी व्याख्यान दिया। उन्होंने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया। विशिष्ट अतिथियों ने भी इस पहल की प्रशंसा की और युवाओं को अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने के लिए ऐसे मंचों की आवश्यकता पर बल दिया।
SAM, दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के अंतर्गत संचालित एक युवा जाग्रति अभियान है, जो संगीत, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रेरणादायक सत्रों के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाता है। SAM का उद्देश्य युवाओं को जागरूक, प्रेरित और रूपांतरित करना है ताकि वे साहस और उद्देश्य के साथ नेतृत्व कर सकें। पिछले 15 वर्षों में SAM ने 15 लाख से अधिक युवाओं तक अपनी पहुँच बनाई है, और यह भारत का सबसे तेजी से बढ़ता हुआ युवा अभियान बन चुका है।










#धमाका धर्म: महाकुंभ में आस्था का सैलाब, स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 60 करोड़ के पार

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शनिवार, 22 फ़रवरी 2025

Pryagraj प्रयागराज। महाशिवरात्रि से चार दिन पहले ही महाकुंभ में आस्था का सैलाब ऐसा उमड़ा कि स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 60 करोड़ के पार हो गया। हर दिन लाखों श्रद्धालु गंगा और त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगा रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू हुए महाकुंभ में अब तक 60 करोड़ से ज्यादा लोगों ने गंगा और त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई है। मेला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 22 फरवरी यानी शनिवार शाम चार बजे तक कुल 1.11 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। जबकि 13 जनवरी से अभी तक कुल 60.42 करोड़ श्रद्धालु गंगा और संगम में स्नान कर चुके हैं। सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक, दुनिया में कुल 120 करोड़ सनातनी हैं। इस लिहाज से महाकुंभ में दुनिया के आधे से अधिक सनातनी गंगा और त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर पुण्य फल प्राप्त कर चुके हैं। शिवरात्रि के अंतिम स्नान पर्व 26 फरवरी तक यह संख्या 65 करोड़ से भी ऊपर पहुंच सकती है।










#धमाका न्यूज: दिव्य ज्योति वेद मन्दिर ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 में बनाया विश्व रिकॉर्ड

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बुधवार, 19 फ़रवरी 2025

दिल्ली। प्रयागराज महा कुम्भ 2025 में दिव्य ज्योति वेद मन्दिर ने दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज के दिव्य मार्गदर्शन में  विश्व का सबसे विशाल रुद्राष्टाध्यायी रिले-पाठ संपन्न कर एक विश्व कीर्तिमान स्थापित किया।
14 जनवरी से 16 फरवरी 2025 तक, 33 दिवारात्रि, अखण्ड रुद्रीपाठ महा दिव्य अनुष्ठानम् का दिव्य निनाद गंगा तट पर अनवरत गूँजा जो अडिग श्रद्धा और समर्पण के साथ सम्पन्न हुआ। इस विश्व रिकॉर्ड में 5 देशों और 191 शहरों से आए 566 ब्रह्म ज्ञानी वेद पाठियों  ने सम्मिलित होकर वैदिक मंत्रों की एकलय गूंज रची, जो अंततः 11,151 संहिता पाठ व 794 घंटों के रूप में अभूतपूर्व उपलब्धि तक पहुँची।
केवल यही नहीं, ब्रह्मज्ञानी वेद पाठियों ने रुद्री पाठ उच्चारण के साथ-साथ 33 दिवा-रात्रि तक अनवरत ब्रह्मज्ञान आधारित अखंड साधना भी की, जिसके माध्यम से सकारात्मक प्राणवायु का विस्तार हुआ जिसने उपस्थित सभी लोगों की आध्यात्मिक ऊर्जा को समृद्ध किया।
यह अनुष्ठान संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (UNSDGs) एवं भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के उद्देश्यों के साथ सम्बद्धता रखें हुए था। इस वृहद अनुष्ठान का एकमात्र उद्देश्य था  पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, सद्भाव एवं विश्व शांति जिसे दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के ब्रह्मज्ञानी वेदपाठी शिष्यों ने कटिबद्धता,  निःस्वार्थ भावना एवं सामूहिक प्रयास द्वारा सफ़लतापपूर्वक जीवंत किया है।
25,61,328 मंत्रों, 11,088 संहिता पाठ एवं  504 ब्रह्म ज्ञानी वेद पाठियों के प्रारंभिक लक्ष्य के मापदंड को पार करते हुए दिव्य ज्योति वेद मन्दिर ने अंततः 2,64,249 मंत्रों,   11,151 संहिता पाठ एवं566 ब्रह्मज्ञानी वेद पाठियों के साथ विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। इस उपलब्धि को 16 फरवरी 2025 को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा आधिकारिक रूप से समादृत किया गया , जिसमें आधिकारिक निर्णायक श्री प्रमिल द्विवेदी जी ने दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के सचिव - स्वामी नरेंद्रानंद जी, अध्यक्ष - स्वामी आदित्यानंद जी, वैश्विक कार्यकारिणी अध्यक्षा - साध्वी दीपा भारती जी, लंदन शाखा प्रमुख साध्वी भक्तिप्रिया भारती जी एवं प्रशासनिक प्रमुख सी.ए गीतांजलि जी, को यह पुरस्कार प्रदान किया।
33 दिन तक चले इस महा दिव्य अनुष्ठानम् में कई प्रतिष्ठित गणमान्य अतिथि जनों ने दिव्य ज्योति वेद मंदिर के परिसर में आकर इस दिव्य प्रयास की भव्यता का साक्षात्कार किया:
🔹 श्री श्री रविशंकर, आध्यात्मिक गुरु
🔹 श्री अनुराग ठाकुर, सांसद, भारत सरकार
🔹 श्री दिनेश शर्मा, विश्व हिंदू परिषद
🔹 श्री बी.एल. संतोश, राष्ट्रीय महासचिव, बीजेपी
🔹 श्री योगेश्वर दत्त, ओलंपिक पदक विजेता
🔹 श्री राजन जी, कथा व्यास
🔹 शास्त्री अक्षर प्रकाश दास, श्री स्वामी नारायण मंदिर, भुज
🔹 श्री सौरभ राज जैन, अभिनेता
🔹 श्री सुनील भारला, राष्ट्रीय परशुराम परिषद
🔹 श्री अभि मुंडे, मनोवैज्ञानिक शायरी कवि
🔹 डॉ. रश्मि सिंह, आईएएस, उत्तर प्रदेश
🔹 श्री हर्षवर्धन बाजपाई, विधायक, उत्तर प्रदेश
🔹 श्री संजीव सान्याल, भारतीय अर्थशास्त्री और प्रधानमंत्री कार्यालय के आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य
🔹 शादानी समाज के सदस्य
रुद्री पाठ के समापन के उपरान्त शंख, घंटा और घंटियों के दिव्य ध्वनियों ने  ऐसे  दैवीय वातावरण का निर्माण किया जिसकी गूंज को सुन सैकड़ों भक्त प्रांगण के समक्ष एकत्रित हुए। इसके बाद, दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी को समर्पित एक वैदिक आरती हुई, जिसने वातावरण को श्रद्धा और भक्ति से भर दिया। इस भव्य समापन के उपरान्त एक महायज्ञ हुआ जिसमें हजारों लोगों ने एकत्रित होकर विश्व शांति और सद्भावना की प्रार्थना की आहुति दी। प्रमुख समाचार चैनल, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने इस दिव्य अनुष्ठान को जनमानस में साँझा किया।
जो इस दिव्य अनुष्ठान के साक्षी बने उनके लिए यह उनके जीवन का अमूल्य अनुभव बना। और वे जो इसे नहीं देख पाए, उनके लिए भी इन पवित्र मंत्रों की गूंज अनंत काल तक ब्रह्मांड में गुंजायमान रह इस शाश्वत सत्य को प्रकाशित करती रहेगी। जब दिव्य प्रयासों के लिए कंठस्वर संगठित होते हैं तब इतिहास लिखा नहीं जाता, वह स्वयं अमर हो जाता है।










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