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#धमाका_न्यूज: शहर के गुरूद्वारा रोड पर लाठी लिए नजर आए आधा दर्जन लोग

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शिवपुरी। शहर के गुरूद्वारा रोड पर आधा दर्जन लोग लाठी लिए नजर आए। वायरल सीसीटीवी के बाद स्थानीय लोगों की माने तो गुरुद्वारा रोड निवासी रमेश कुशवाह और उसके परिवार से झगड़े से जुड़ा मामला है। वायरल सीसीटीवी फुटेज के
अनुसार लाठी डंडों के साथ लोग एकत्रित होकर जाते दिखाई दे रहे हैं। हालाकि उक्त मामले की सच्चाई क्या है, गली में जाकर हमला किया या नहीं साथ ही पुलिस ने क्या करवाई की इसकी जानकारी नहीं मिल सकी।













#धमाका_बड़ी_खबर: शिवपुरी के करैरा में हाई-वोल्टेज ड्रामा, भाई की बाइक का चालान कटा तो पुलिस जीप के बोनट पर चढ़कर बैठ गई बहन, जमकर काटा हंगामा

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शिवपुरी (करैरा): मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में मंगलवार की शाम उस समय एक अजीबोगरीब स्थिति निर्मित हो गई, जब वाहन चेकिंग से नाराज एक बहिन पुलिस की गाड़ी के बोनट पर जा बैठी। भाई की मोटरसाइकिल का चालान काटे जाने से खफा इस युवती, पुलिस वाहन के बोनट पर जाकर बैठ गई और बीच सड़क पर प्रशासनिक अमले के सामने जमकर हंगामा काटा। यह पूरा वाक्या करैरा अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (SDOP) कार्यालय के ठीक सामने मुख्य मार्ग पर घटित हुआ, जिसका वीडियो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है।
रूटीन चेकिंग के दौरान भड़का विवाद
करैरा पुलिस टीम द्वारा क्षेत्र में कानून व्यवस्था और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए रूटीन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इस दौरान पुलिस ने एक युवक को बिना जरूरी दस्तावेजों या नियमों के उल्लंघन के चलते रोका और उसकी बाइक का चालान काट दिया।
पुलिस वाहन के बोनट पर बैठी युवती
भाई की गाड़ी का चालान होने और पुलिस की इस कार्रवाई से युवक के साथ आई उसकी बहन बेहद नाराज हो गई। महिला ने मौके पर ही पुलिसकर्मियों का विरोध करना शुरू कर दिया और अचानक दौड़कर सरकारी पुलिस गाड़ी (जीप) के बोनट पर जाकर जम गई। महिला को गाड़ी के बोनट पर बैठा देख ऑन-ड्यूटी पुलिस अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। महिला ने बोनट पर बैठे-बैठे ही पुलिस प्रशासन के खिलाफ तीखी बहस की और गाड़ी को आगे नहीं बढ़ने दिया। SDOP ऑफिस के सामने व्यस्त सड़क पर महिला के इस हाई-वोल्टेज ड्रामे को देखने के लिए वहां से गुजर रहे राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। मौके पर मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन से इस पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो अब #karera हैशटैग के साथ सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोर रहा है।
पुलिस कर रही वैधानिक कार्रवाई की तैयारी
सरकारी काम में बाधा डालने और सार्वजनिक स्थान पर हंगामा करने के इस मामले को लेकर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने संज्ञान लिया है। पुलिस प्रशासन द्वारा महिला को बोनट से उतारकर मामले को शांत कराया गया, और अब इस मामले में पुलिस नियमों के उल्लंघन और शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने को लेकर उचित वैधानिक कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
#karera

#धमाका_न्यूज: एसपी से मिले महंत, मंदिर में विवाद करने, हमला करने और धमकी देने के मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग

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ऋषि ओजस्व शर्मा की रिपोर्ट 
शिवपुरी। बगीचा सरकार मंदिर के महंत ने बुधवार को एसपी यांगचेन से मुलाकात की। जिसमें राष्ट्रीय गुर्जर स्वाभिमान संघर्ष समिति, जिला शिवपुरी के शिकायत पत्र के माध्यम से  जिला पुलिस अधीक्षक को बताया कि राजेश दुबे
(भोला पंडित) और अन्य लोगों के खिलाफ मंदिर में विवाद करने, हमला करने और धमकी देने के मामले में कानूनी
कार्रवाई की मांग की। 
करैरा गुर्जर समाज का अल्टीमेटम, 10 दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन
करैरा में बगीचा सरकार मंदिर विवाद को लेकर गुर्जर समाज ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर राजेश दुबे उर्फ भोला पंडित और उसके साथियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में मंदिर पर हमला, भय का माहौल बनाने और महंत व भक्तों के साथ मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। समाज ने कहा कि 10 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
श्री बगीचा धाम करैरा 
@gujjarsamaj













#धमाका_बड़ी_खबर: एमपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: नई तबादला नीति 2026 को मिली मंजूरी, 1 से 15 जून तक हट जाएगा ट्रांसफर से बैन

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15 दिनों के लिए खुलेगा तबादलों का बाजार
भोपाल। मध्य प्रदेश के करीब 7 लाख सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में 'तबादाला नीति 2026' के ड्राफ्ट को हरी झंडी दे दी गई है। इस फैसले के बाद प्रदेश में लंबे समय से तबादलों पर लगा प्रतिबंध अस्थाई रूप से हट जाएगा। सरकारी कर्मचारी 1 जून से 15 जून के बीच अपने मनचाहे या प्रशासनिक रूप से आवश्यक स्थानों पर ट्रांसफर ले सकेंगे। 
पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी होगी प्रक्रिया
भ्रष्टाचार और दलाली पर लगाम लगाने के लिए मोहन सरकार ने इस बार बड़ा बदलाव किया है।
डिजिटल माध्यम:
 पूरी तबादला प्रक्रिया को ऑनलाइन रखा गया है।सीधे आवेदन: कर्मचारी सीधे पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकेंगे, जिससे उन्हें किसी बिचौलिए के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।सीमित दायरे में ट्रांसफर:
 प्रत्येक विभाग में कुल कैडर स्ट्रेंथ के अधिकतम 20% कर्मचारियों का ही तबादला किया जा सकेगा, ताकि दफ्तरों का कामकाज प्रभावित न हो।
प्रभारी मंत्रियों और विभागीय मंत्रियों को मिली कमाननई नीति के तहत शक्तियों का स्पष्ट विभाजन किया गया है:
जिले के भीतर तबादले:
 तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के जिले के अंदर होने वाले ट्रांसफर प्रभारी मंत्रियों की मंजूरी और जिला कलेक्टर के समन्वय से होंगे।
जिले के बाहर तबादले:
 एक जिले से दूसरे जिले या राज्य स्तर पर होने वाले ट्रांसफर संबंधित विभागीय मंत्री की अनुशंसा पर तय होंगे।
वरिष्ठ अधिकारी:
 प्रथम और द्वितीय श्रेणी के वरिष्ठ अधिकारियों के ट्रांसफर के लिए मुख्यमंत्री (CM) की अंतिम मंजूरी अनिवार्य होगी।
'पति-पत्नी नीति' और 3 साल वाले नियम पर विशेष फोकस
होम पोस्टिंग:
 सरकार का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि शासकीय सेवा में कार्यरत पति-पत्नी को एक ही शहर या जिले में पोस्टिंग मिल सके।
अनिवार्य तबादला:
ऐसे कर्मचारी जो पिछले 3 साल या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं, उन्हें प्रशासनिक सुदृढ़ता के लिए अनिवार्य रूप से स्थानांतरित (रिमूव) किया जाएगा।
शिक्षा विभाग के लिए अलग नियमावली
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी इस नीति के मूल तत्वों को सभी विभागों को मानना होगा। हालांकि, स्कूल शिक्षा विभाग के लिए कुछ विशेष परिस्थितियों के कारण अलग से विशिष्ट नियमावली (गाइडलाइन्स) जारी की जा सकती है।















#धमाका_न्यूज: बस संचालकों से बोले कलेक्टर अर्पित वर्मा, "सभी बसों में आपातकालीन खिड़की और अग्निशमन यंत्र अनिवार्य, सभी स्लीपर बसों में ड्राइवर पार्टीशन डोर तत्काल हटाया जाए, स्लीपर बर्थ में लगे स्लाइडर नहीं होने चाहिए, स्लीपर कोचों में फायर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम अनिवार्य, बसों में न्यूनतम 10 किलो क्षमता वाले अग्निशमक यंत्र हों, चेसिस में अतिरिक्त एक्सटेंशन न किया जाए

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*सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य
* बस संचालकों को बैठक में दिए निर्देश, सुरक्षा मानकों का पालन न करने पर होगी सख्त कार्यवाही
शिवपुरी, 19 मई 2026। हाल ही में हुई बस दुर्घटना के बाद कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट  अर्पित वर्मा ने बसों में सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। जिला परिवहन अधिकारी को सघन चेकिंग अभियान के निर्देश दिए हैं।  मंगलवार को बस संचालकों के साथ भी बैठक आयोजित की गई और परिवहन नियमों से बस संचालकों को अवगत कराया गया। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट  अर्पित वर्मा ने निर्देश दिए हैं कि बसों में आपातकालीन खिड़की और अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से होना चाहिए।  सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है अन्यथा बस जप्ती सहित बस संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उपस्थित पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने भी बस संचालक को आवश्यक सुरक्षा मानकों का उपयोग करने के निर्देश दिए। 
स्लीपर बसों के लिए विशेष निर्देश
स्लीपर बसों हेतु अतिरिक्त सुरक्षा निर्देश भी जारी किए गए हैं जिसमें ड्राइवर पार्टीशन डोर तत्काल हटाया जाए। सभी स्लीपर बर्थ में लगे स्लाइडर नहीं होने चाहिए। सभी स्लीपर कोचों में फायर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम अनिवार्य रूप से स्थापित हो। सभी बसों में न्यूनतम 10 किलो क्षमता वाले अग्निशमक यंत्र उपलब्ध रहें। चेसिस में अतिरिक्त एक्सटेंशन लगाकर अनाधिकृत बढ़ाव न किया जाए।
नियमों के उल्लंघन पर होगी कार्यवाही
कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने कहा है कि सभी बस संचालकों को वाहन के फिटनेस, परमिट, बीमा, टैक्स एवं वीएलटीडी आदि दस्तावेज अद्यतन रखने होंगे। निर्देशों का पालन न करने एवं किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जाएगी।
यात्रियों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए जिले में संचालित यात्री बसों एवं स्लीपर बसों में फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमक यंत्र एवं इमरजेंसी उपकरण अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहें। अग्निशामक यंत्र कार्यशील स्थिति में हों तथा उनकी वैधता समय-समय पर जांची जाए। इमरजेंसी एग्जिट द्वार सुचारु एवं अवरोध रहित रखा जाए। विद्युत वायरिंग, बैटरी एवं ईंधन प्रणाली की नियमित जांच कराई जाए, जिससे शॉर्ट सर्किट अथवा आग लगने की संभावना न रहे। चालक एवं परिचालक को अग्निशमक यंत्र के उपयोग एवं आपातकालीन स्थिति में यात्रियों की सुरक्षित निकासी की जानकारी होना आवश्यक है। बसों में धूम्रपान एवं ज्वलनशील पदार्थ ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र, बीमा, परमिट, प्रदूषण प्रमाण पत्र, आरसी एवं ड्राइविंग लाइसेंस अद्यतन होना अनिवार्य है। बसों की नियमित तकनीकी जांच एवं साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को न बैठाया जाए। चालक द्वारा यातायात नियमों एवं सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन किया जाए।














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