shivpuri शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर में शनिवार को उस समय हड़कंप और अफरा-तफरी मच गई, जब एक आदमखोर हो चुके काले आवारा कुत्ते ने सुबह से लेकर शाम तक शहर की सड़कों पर खूनी तांडव मचाया। इस विक्षिप्त कुत्ते ने राह चलते जो भी सामने आया—चाहे बच्चे हों, महिलाएं या बुजुर्ग—सभी पर जानलेवा हमला कर डाला। महज कुछ ही घंटों के भीतर इस अकेले कुत्ते ने करीब 60 से अधिक लोगों को लहूलुहान कर दिया, जिसके बाद पूरे शहर में दहशत फैल गई।
ढाई साल की मासूम के चेहरे को जबड़े में दबोचा, रूह कांप उठी
सबसे दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना शहर के महल के पीछे स्थित लक्ष्मीबाई कॉलोनी में घटित हुई। यहाँ अपने घर के बाहर खेल रही महज ढाई साल की एक मासूम बच्ची पर इस खूंखार कुत्ते ने अचानक हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुत्ते ने बच्ची के चेहरे को अपने मजबूत जबड़ों में जकड़ लिया था। मासूम की चीख-पुकार सुनकर परिजन और आस-पास के लोग लाठी-डंडे लेकर दौड़े। काफी मशक्कत और जद्दोजहद के बाद बच्ची को कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया जा सका। तब तक कुत्ते ने बच्ची के चेहरे को बुरी तरह नोचकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस खौफनाक मंजर को देखकर वहाँ मौजूद लोगों की रूह कांप उठी। बच्ची को बचाने दौड़े एक अन्य स्थानीय नागरिक को भी कुत्ते ने काटकर घायल कर दिया।
शहर के कई इलाकों में मचाया आतंक, घरों में कैद हुए लोग
लक्ष्मीबाई कॉलोनी के बाद भी इस आवारा कुत्ते का कहर नहीं थमा। वह शहर के अलग-अलग इलाकों में दौड़ता रहा और लोगों को अपना शिकार बनाता रहा। विजयपुरम निवासी बलराम सिंह रावत सहित एक 8 वर्षीय मासूम बच्ची और दर्जनों अन्य नागरिक इसके हमले में गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। इस आतंक के कारण शहर के कई मोहल्लों में लोग डर के साये में जीने को मजबूर हो गए। स्थिति यह थी कि अभिभावकों ने डर के मारे अपने बच्चों को घरों से बाहर निकालना तक बंद कर दिया।
जिला अस्पताल में लगी घायलों की कतार
कुत्ते के इस सामूहिक हमले के बाद शहर के जिला अस्पताल में हड़कंप मच गया। शनिवार शाम तक अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर और ओपीडी में एंटी-रेबीज इंजेक्शन (ARV) लगवाने के लिए 60 से अधिक पीड़ित पहुंच चुके थे। अस्पताल परिसर में घायलों और उनके परिजनों की भारी भीड़ जमा हो गई। कई गंभीर रूप से घायल मरीजों का इलाज शहर के निजी अस्पतालों में भी कराया जा रहा है।
भारी मशक्कत के बाद पकड़ा गया कुत्ता, नेता पहुंचे अस्पताल
घटना की सूचना मिलते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के युवा नेता लवलेश जैन तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से बात कर घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराई और पीड़ितों से मुलाकात कर उनका ढांढस बंधाया। उन्होंने घायलों को जानकारी दी कि नागरिकों के आक्रोश और शिकायत के बाद नगर पालिका की टीम ने सक्रियता दिखाते हुए उक्त खूंखार कुत्ते को पकड़ लिया है।
प्रशासन और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए गंभीर सवाल
इस घटना ने शिवपुरी नगर पालिका की कार्यप्रणाली और शहर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर में आवारा कुत्तों की संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई है, लेकिन प्रशासन मौन है।इसके साथ ही, शहर में एक बार फिर सूअरों का आतंक भी बढ़ने लगा है, जो कुछ समय पहले तक गायब हो चुके थे। पूर्व में इन सूअरों को हटाने के लिए प्रशासन को 'शूट अभियान' तक चलाना पड़ा था। नागरिकों ने मांग की है कि नगर पालिका को केवल औपचारिकता न निभाते हुए आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनके व्यवस्थित वैक्सीनेशन (टीकाकरण) व नसबंदी का निरंतर अभियान चलाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके।










































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