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#धमाका_बड़ी_खबर: 'धमाका न्यूज शिवपुरी' की खबर का बड़ा असर: कारों की छत पर बैठकर रीलबाजी करने वालों पर ट्रैफिक पुलिस का एक्शन, 6 कारों पर लगा ₹30,000 का जुर्माना, दी चेतावनी

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* 'धमाका न्यूज' की खबर पर पुलिस अधीक्षक का त्वरित संज्ञान
shivpuri शिवपुरी। सोशल मीडिया पर सनसनी फैलाने और चंद लाइक्स-व्यूज के लिए जान जोखिम में डालने वाले हुड़दंगियों के खिलाफ 'धमाका न्यूज शिवपुरी' की पड़ताल और प्रमुखता से दिखाई गई खबर का बड़ा असर हुआ है। कल (8 अक्टूबर) 'धमाका न्यूज' ने वायरल वीडियो के साथ कारों की छत पर बैठकर सरेआम ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने की खबर को बेबाकी से प्रसारित किया था। खबर सामने आते ही पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया और यातायात व कोतवाली पुलिस को तुरंत सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए।
ट्रेस किए गए वाहन नंबर, थाने बुलाकर वसूला जुर्माना
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यातायात पुलिस और कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वायरल वीडियो में दिख रहे वाहनों के नंबर ट्रेस किए और सभी 6 कार स्वामियों को यातायात थाने तलब किया।₹30,000 का कुल जुर्माना: नियमों के उल्लंघन पर पुलिस ने सभी 6 वाहनों पर ₹5,000-₹5,000 का चालान काटकर कुल ₹30,000 का समन शुल्क वसूला।
लिखित में मांगी माफी: थाने पहुंचे वाहन स्वामियों का सारा हुड़दंग हवा हो गया; उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखित में माफी मांगी और भविष्य में ऐसी गैर-जिम्मेदाराना हरकत न दोहराने का भरोसा दिया।
सख्त हिदायत: यातायात पुलिस ने युवकों को स्पष्ट चेतावनी दी कि सड़कों पर रीलबाजी या स्टंट कर दूसरों की जान को खतरे में डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
  • जनहित में 'धमाका न्यूज' की सार्थक पत्रकारिता
    सड़क सुरक्षा और जनहित से जुड़े इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाकर 'धमाका न्यूज शिवपुरी' ने एक बार फिर साबित कर दिया कि निष्पक्ष व असरदार पत्रकारिता से कानून व्यवस्था को मजबूती मिलती है। त्वरित कार्रवाई के बाद शहरवासियों ने भी इस निष्पक्ष पहल की सराहना की है।












#धमाका_अलर्ट: विजयवर्गीय फर्नीचर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स की आज 9 अक्टूबर को भी लगी है होटल पीएस में सेल, देर मत कीजिए झटपट जाइए और ले आइए मन पसंद उत्पाद

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शिवपुरी। शहर के सबसे प्रतिष्ठित और बड़े प्रतिष्ठानों में शुमार विजयवर्गीय फर्नीचर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा न्यू ब्लॉक हंस बिल्डिंग के सामने वाले अपने नए शोरूम की भव्य ओपनिंग से पहले शहरवासियों और व्यापारियों के लिए एक बेहद शानदार और ऐतिहासिक मेगा सेल का आयोजन किया जा रहा है। 7 को दुकानदारों और 8 को होटल पीएस के विशाल सभागार में लगी सेल में उमड़े जन सैलाब को देखते हुए सेल एक दिन बढ़ा दी है। यानि अब 9 अक्टूबर को भी आप खरीद कर सकते है। 
संस्था के संचालक आशीष नितिन विजयवर्गीय और अभिषेक विजयवर्गीय ने बताया कि विजयवर्गीय फर्नीचर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स का विस्तार करते हुए न्यू ब्लॉक शिवपुरी में हँस बिल्डिंग के सामने एक और नया भव्य शोरूम शुरू होने जा रहा है। इस नए शोरूम की ओपनिंग की खुशी में संस्थान द्वारा 7 और 8 अक्टूबर को दो दिवसीय विशेष महा-सेल का आयोजन किया गया था, जहां सामान सीधे फैक्ट्री की कीमतों (Factory Rates) पर उपलब्ध कराया गया। आप सभी के मिले अथाह प्रेम के चलते अब 
9 अक्टूबर को भी होटल P.S. रेसिडेंसी में आम ग्राहकों के लिए 'ग्रैंड सेल' लगाई जा रही है। 
 ग्राहकों की सुविधा के लिए इसका आयोजन होटल P.S. रेसिडेंसी (By Lemon Tree, शिवपुरी) के विशाल प्रांगण में किया जा रहा है। 11,000 स्क्वायर फीट से अधिक के विशाल एरिया में लगने वाली यह सेल केवल (सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक) के लिए होगी, जहां सभी आम ग्राहकों को भी सीधे फैक्ट्री रेट्स पर फर्नीचर और अप्लायंसेज उपलब्ध कराए जाएंगे।
सेल में क्या-क्या रहेगा खास:
  • ऑल फर्नीचर कैटेगरी: आकर्षक सोफा सेट, शानदार बेड सेट, डाइनिंग टेबल, मजबूत अलमारियां (Wardrobes), कुर्सियां आदि।
  • होम अप्लायंसेज: इंडक्शन कुकटॉप, घरेलू आटा चक्की, हाई-क्वालिटी कूलर्स और बहुत कुछ।
  • मैरिज सीजन स्पेशल ऑफर: आगामी शादियों के सीजन को देखते हुए ग्राहकों के लिए प्री-बुकिंग (Pre-Book Now) की 
  • विशेष सुविधा दी गई है, ताकि आप अभी से बुकिंग कर इस ग्रैंड सेल के भारी डिस्काउंट का पूरा लाभ उठा सकें।
  • यह शिवपुरी के इतिहास की सबसे बड़ी फर्नीचर्स और होम अप्लायंसेज सेल होने जा रही है। सीमित समय और एक दिन के इस महा-ऑफर का लाभ उठाने के लिए आज ही नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क करें।
    सम्पर्क सूत्र (Call):
    7225018201, 9425137171, 9977126000











#धमाका_खास_खबर: "सौ में से अस्सी बेईमान, फिर भी मेरा भारत महान!" नहीं रहे नाना पाटेकर

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आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने...
कल शाम तक ये सिर्फ नाना पाटेकर की फ़िल्म का एक डायलॉग था और आज सुबह ये सच्चाई बन गया।
8 अक्टूबर 2026, सुबह 5 बजकर 20 मिनट - डोना पाउला, गोवा में 75 साल के नाना पाटेकर अपने घर में बेहोश मिले। मणिपाल हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने 45 मिनट तक CPR किया, पर वो वापस नहीं आए।
4 दिन पहले ही वो इसी गोवा में मंच पर थे, सफेद कुर्ता, सफेद गमछा पहने बड़ी बेबाकी से कह रहे थे - 
"हम सबको एक न एक दिन जाना ही है। मुझे नहीं पता कि मैं कल यहाँ रहूँगा या नहीं..."
और आज वो नहीं रहे।
नाना का सफर फिल्मी नहीं, असली ज़िंदगी की किताब था।
1951 में मुरुड-जंजिरा में जन्मे विश्वनाथ पाटेकर को बचपन में ही घर की ज़िम्मेदारी मिल गई। पिता का धंधा बंद हो गया तो 13 साल की उम्र में स्कूल के बाद मुंबई की सड़कों पर ज़ेबरा क्रॉसिंग पेंट करने लगे…
फिल्मों के पोस्टर रंगते थे, 35 रुपये महीना और एक वक्त का खाना - बस इतने में ही उनका घर चलता था।ज़्यादा चीज़ें इक्कठे करने के शौक़ीन नहीं थे। 
वहीं से जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट्स, थियेटर, और फिर 1978 में फ़िल्म गमन से शुरू हुआ वो फ़िल्मी सफर जो परिंदा, क्रांतिवीर, अग्नि साक्षी के लिए 3 नेशनल अवॉर्ड और 2013 में पद्मश्री तक ले गया।
उनका एक्टिंग का स्कूल ही अलग था। वो डायलॉग नहीं, दो डायलॉग के बीच के सन्नाटे से एक्टिंग करते थे। वो जब गंभीर और बागी किरदार में पर्दे पर आते थे तो उनका गुस्सा, उनकी सिस्टम की चिढ़ दर्शक ख़ुद महसूस करता था…
क्रांतिवीर का वो सीन आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने आज भी लोगों को थिएटर में ताली बजाने पर मजबूर कर देता है। 
तो यही आदमी वेलकम में उदय शेट्टी बनकर हंसा-हंसा कर लोटपोट कर देता है।
लेकिन नाना सिर्फ रील लाइफ के हीरो नहीं थे। 
वे 1988 में टेरिटोरियल आर्मी में कैप्टन बने, इसके बाद 1991 में अपनी फ़िल्म प्रहार के लिए उन्होंने मराठा लाइट इन्फैंट्री के साथ 3 साल की असली मिलिट्री ट्रेनिंग ली। 
और कारगिल युद्ध में जब दुश्मन हमारे सर पर आ बैठा था तब वे ख़ुद युद्ध मोर्चे पर गए और जाकर जवानों का हौसला बढ़ाया। बाद में लेफ्टिनेंट कर्नल तक पहुंचे और 2013 में रिटायर हुए। 
वो फ़िल्मी दुनिया में रहे लेकिन अंदर से हमेशा एक किसान ही रहे, वो अपने फार्महाउस पर खेती करते और जो उगता उसे बेचकर जरुरतमंद लोगों की मदद कर देते।
उनकी ज़िंदगी का एक किस्सा जो उन्हें सबसे अलग बनाता है… वे 1.5 करोड़ रुपए की लग्ज़री गाड़ी लेने जा रहे थे, लेकिन तभी उन्होंने टीवी पर किसानों की आत्महत्या की ख़बरें देखी, तब वो गाड़ी ख़रीदने शोरूम नहीं गए। 
वहीं पैसों से 15-15 हजार के चेक बनाए और खुद महाराष्ट्र के गांवों में जाकर बांट दिए। 
इतने से भी मन नहीं भरा तो फिर मकरंद अनासपुरे के साथ नाम फाउंडेशन बनाया, जिसके द्वारा आज भी सूखा पीड़ित किसानों को आर्थिक सहायता, हजारों गांवों में पानी पहुंचाया।
उन्होंने करोड़ों, अरबों रुपए कमाए, चाहते तो आलीशान बंगले में रह सकते थे, पर वो अपनी माँ के साथ अंधेरी के एक छोटे से 1 BHK फ्लैट में रहे। ज़मीन पर बैठकर खाना खाया और शूटिंग के दौरान अपने हाथ से सबके लिए खाना बनाया।
नाना पाटेकर बाहर से जितने सख्त, गुस्सैल और अड़ियल थे, अंदर से उतने ही भावुक, संवेदनशील और मददगार थे। 
वे बॉलीवुड के उन गिने-चुने कलाकारों में से थे जो कभी मुखौटा पहनकर नहीं जिए। उनका जो मिजाज पर्दे पर दिखता था, असल जिंदगी में भी वे वैसे ही बेबाक और सीधे मुंह सच बोलने वाले इंसान थे। 
वे फिल्मी पार्टियों से दूर रहते थे और किसी को खुश करने के लिए कभी झूठी तारीफ नहीं करते थे। उनकी इसी बेबाकी के कारण कई बार लोग उन्हें अड़ियल समझ लेते थे
आज ये अड़ियल क्रांतिवीर चला गया, लेकिन नाना का जाना सिर्फ एक एक्टर का जाना नहीं है, एक पूरे दौर का खत्म होना है।
उन्होंने पूरी जिंदगी अपनी शर्तों पर जी, बिना किसी चाटुकारिता के, बिना किसी पीआर एजेंसी के, और बिना किसी बनावट के।
आज वो नहीं हैं, पर जब भी ईमानदारी और सादगी की बात होगी, तो मुरुड-जंजिरा के इस नटसम्राट का नाम सबसे ऊपर लिखा जाएगा।
ॐ शांति, नाना। आप जैसा दूसरा नहीं आएगा। साभार: प्रीति सिंह।
#NanaPatekar  #bollywood











#धमाका_बड़ी_खबर: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले को लेकर भिड़े पुलिस और कांग्रेस नेता, दमकल बुलाई तो भीगी वर्दी और नेता, तीखी झड़प के बीच नहीं फूंक सके पुतला, देखिए video

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* माधव चौक पर जमकर नारेबाजी, पुतला छीनने को लेकर पुलिस और कांग्रेसियों में हुई खींचतान
शिवपुरी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को शिवपुरी शहर में देखने को मिला। शिवपुरी के माधव चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ता ज्ञानेश कुमार का पुतला लेकर पहुंचे और जमकर नारेबाजी करते हुए पुतला दहन करने जा ही रहे थे कि तभी कोतवाली टी आई रोहित दुबे अचानक प्रकट हुए उनके पीछे अन्य साथी भी आए और पुतला छीना जाने लगा। पुलिस ने पुतला छीनने की कोशिश की तो कांग्रेसियों और पुलिस के बीच झड़प और खींचतान की स्थिति बन गई।
                        (देखिए video)
पुलिस द्वारा पुतला छीनने के दौरान भीड़ में से किसी ने पुतले में पेट्रोल होने की बात कह दी। इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने पुतले में आग नहीं लग सके, इसके लिए फायर ब्रिगेड बुला ली।
भीग गई वर्दी और नेताजी
फायर ब्रिगेड ने पुतले पर पानी डाला, जिससे मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी और कांग्रेस नेता तक भीग गए। काफी प्रयास के बावजूद शिवपुरी में कांग्रेसी पुतला दहन नहीं कर सके।
कार्यकर्ता ने पुलिस पर कपड़े फाड़ने के आरोप लगाए
पुतला छीनने को लेकर हुई खींचतान के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता टिंकल रजक ने पुलिस पर उनके कपड़े फाड़ने के आरोप लगाए। इसे लेकर उनकी कोतवाली टी आई रोहित दुबे से जमकर बहस हुई। मौके पर कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने हस्तक्षेप कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को शांत कराया।
इस दौरान कांग्रेसियों ने पुलिस के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी पुतला छीनने का प्रयास करते और फायर ब्रिगेड द्वारा पुतले पर पानी डालते नजर आ रहे हैं।
शशि शर्मा ने पुलिस पर लगाए मनमानी के आरोप
कांग्रेस की नेता प्रतिपक्ष शशि शर्मा ने पुलिस पर अभद्रता और मनमानी करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से पुतला दहन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने जबरदस्ती विवाद की स्थिति पैदा की। उन्होंने पुतले में पेट्रोल होने की बात से भी इनकार किया और कहा कि पुतले में पेट्रोल नाम की कोई चीज नहीं थी।











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