शिवपुरी। नगर के ऐतिहासिक सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में हर वर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी महाशिवरात्रि का पर्व भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक उल्लास के साथ भव्य रूप से मनाया जाएगा। इस अवसर पर मंदिर परिसर और नगर में चार से पांच दिन तक चलने वाले धार्मिक अनुष्ठानों एवं पारंपरिक आयोजनों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी।
आयोजन की शुरुआत बारह फरवरी को लगन गणेश पूजन एवं लगन संस्कार से होगी। इसके बाद तेरह फरवरी को पारंपरिक हल्दी रस्म, चौदह फरवरी को मेहंदी समारोह एवं महिला संगीत की तर्ज पर भजन, गायन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा। इन दिनों मंदिर परिसर को विवाह वाले घर की तरह सजाया-संवारा जा रहा है, जहां साफ-सफाई, रंग-रोगन और सजावट विशेष रूप से कराई जा रही है।
पंद्रह फरवरी, महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का विधिविधान से आयोजन किया जाएगा। इस दिन का मुख्य आकर्षण शिव बारात होगी, जो नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों और बाजार क्षेत्रों से गुजरते हुए सिद्धेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगी। बारात में बैंड, ढोल-ताशे, धार्मिक झांकियां और भक्तों का उत्साह देखते ही बनेगा। मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा जगह-जगह स्वागत भी किया जाएगा।
मंदिर पहुंचने पर परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ वरमाला, पूजन, आरती एवं विवाह संस्कार संपन्न कराए जाएंगे। आयोजन में बच्चों, युवाओं और महिलाओं की सक्रिय सहभागिता रहेगी, जिससे धार्मिक वातावरण के साथ सामाजिक समरसता भी देखने को मिलेगी।
आयोजकों के अनुसार सिद्धेश्वर महादेव मंदिर राजा नील के समय का प्राचीन एवं ऐतिहासिक मंदिर है और परंपरा के अनुसार भगवान शिव को ही दूल्हा बनाए जाने का विधान है। यह आयोजन पिछले पांच वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है और हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हो रही है।
महाशिवरात्रि के अवसर पर शहर के अन्य शिवालयों में भी दिनभर पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहेगा। देर रात तक भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहेगा।
आयोजन में प्रमुख सहयोगी महिलाएं
















































सच्ची और अच्छी खबरें पढ़ने के लिए लॉग इन कीजिये "मामा का धमाका डॉट कॉम"।
ये है, आपकी अपनी आवाज।
फोन कीजिये। खबर भेजिये वाट्सअप नम्बर 98262 11550 या मेल कीजिये 550vip@gmail.com