Responsive Ad Slot

Latest

latest

Bhopal

bhopal

Delhi

delhi

Shivpuri

shivpuri

Crime

crime

Politics

politics

VIDEO

video

News By Picture

pictures

#धमाका_डिफरेंट: "शिवपुरी के पुराने रेलवे स्टेशन की उखड़ी पड़ी डामर की सड़क बनवाई जाए", सीनियर एडवोकेट विजय तिवारी जनहित के विषय पर फिर हुए मुखर, जनरज मैनेजर, पश्चिम मध्य रेलवे, क्षत्रपति शिवाजी टर्मिनल, मुम्बई (महा.) के साथ साथ डिवीजनल रेलवे मैनेजर, पश्चिम मध्य रेलवे, हबीबगंज भोपाल को भेजा वैधानिक पत्र

कोई टिप्पणी नहीं
शिवपुरी। दोस्तों जन जन से जुड़े जिन विषय को विधायक, नपाध्यक्ष या स्थानीय अधिकारियों आदि को संज्ञान में लेकर जनता के काम करवाना चाहिए शिवपुरी में उन विषय को कुछ जागरूक एडवोकेट्स उठाते आए हैं और उन्हें अंजाम तक पहुंचाया है। इन एडवोकेट्स में सबसे अग्रणी हैं सीनियर एडवोकेट और जिला अभिभाषक संघ के जिलाध्यक्ष विजय तिवारी जिन्होंने पूर्व में नगर की उखड़ी सड़कें बनवाने हाईकोर्ट से लीगल टीम (Legal Team) गठित करवाकर सड़कों का निर्माण करवाया था। इसी कार्य में पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने भी प्रमुख भूमिका अदा की थी। इसके अलावा खूबत घाटी के फोरलेन निर्माण में भी जब ठेकेदार ने नियम विरुद्ध रोड मोटरेबल किए बिना कार्य किया और गिट्टी, धूल से जनता परेशान हुई तब एडवोकेट तिवारी के साथ धमाका न्यूज ने भी उक्त मामले को अंजाम तक पहुंचाया था। जिसके बाद पुरानी सड़क पर डामरीकरण कर नया कार्य कई महीने में पूरा हुआ। इसी प्रकार रेलवे भूमि से अतिक्रमण हटवाने, विवेकानंद के रेलवे भूमि पर बनाए बगीचों आदि के कब्जों को हटवाया था। 
इसी फेहरिस्त में एक बार फिर जनहित के मसले को लेकर तिवारी जी मुखर हुए हैं। उन्होंने शिवपुरी के पुराने रेलवे स्टेशन की उखड़ी पड़ी डामर की सड़क और उनसे परेशान लोगों का जिक्र करते हुए उस सड़क के नवनिर्माण की मांग की है। 
एडवोकेट तिवारी ने एक रजिस्टर्ड वैधानिक पत्र जनरज मैनेजर, पश्चिम मध्य रेलवे, क्षत्रपति शिवाजी टर्मिनल, मुम्बई (महा.) के साथ साथ डिवीजनल रेलवे मैनेजर, पश्चिम मध्य रेलवे, हबीबगंज भोपाल को भेजा है। जिसमें व्यापक लोकहित से संबंधित पुराने रेल्वे स्टेशन के पास, वार्ड क. 2 स्थित रेलवे कॉलोनी एवं शक्तिपुरम कॉलोनी जाने वाली सड़क के पुर्ननिर्माण की मांग की है। आइए देखिए क्या लिखा है और पत्र में..
रजिस्टर्ड वैधानिक सूचना पत्र
विजय तिवारी एडवोकेट, साकेत शक्तिपुरम कॉलोनी शिवपुरी (म.प्र.)
सूचक
विरूद्ध
1. जनरज मैनेजर, पश्चिम मध्य रेलवे, क्षत्रपति शिवाजी टर्मिनल, मुम्बई (महा.)
2. डिवीजनल रेलवे मैनेजर, पश्चिम मध्य रेलवे, हबीबगंज भोपाल (म.प्र.)
सूचितगण
महोदय
हमारे द्वारा व्यापक लोकहित से संबंधित पुराने रेल्वे स्टेशन के पास, वार्ड क. 2 स्थित रेलवे कॉलोनी एवं शक्तिपुरम कॉलोनी जाने वाली सड़क के पुर्ननिर्माण हेतु। आप सूचितगण के विरूद्ध यह नोटिस प्रचलित किया जा रहा है जो विदाउट प्रीज्यूडिस समझा जावे।
1. यह कि, सूचक विगत 35 वर्षों से जिला एवं सत्र न्यायालय शिवपुरी में अधिवक्ता के रूप में कार्यरत होकर वरिष्ठ अधिवक्ता होकर वर्तमान में जिला अभिभाषक संघ शिवपुरी का निर्वाचित अध्यक्ष है। प्रार्थी द्वारा निरंतर भ्रष्टाचार के विरूद्ध लड़ाई लड़ी जाती रही है। प्रार्थी द्वारा की गई शिकायतों पर से आर्थिक अपराध ब्यूरो एवं लोकायुक्त संगठन ने कई भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किये हैं जो माननीय न्यायालयों में विचाराधीन हैं तथा आप सूचित कमशः पश्चिम मध्य रेलवे में जनरल मैनेजर एवं डिवीजनल मैनेजर के पद पर आसीन हैं तथा शिवपुरी आप सूचितगण के कार्यक्षेत्र में आता है।
2. 3.यह कि, शिवपुरी शहर के हृदयस्थल में पुराना रेलवे स्टेशन स्थापित था। नैरोगेज के ब्रॉडगेज में परिवर्तन होने पश्चात उक्त संपत्ति अब शहर के बीचोंबीच आ गई है तथा उक्त स्थान पर रेलवे विभाग के 20-25 क्वार्टर एवं रेलवे विभाग के ए.ई.एन. का बंगला एवं गोदाम स्थापित है।
यह कि, उक्त क्षेत्र नगरपालिका शिवपुरी के बार्ड क. 2 के अंतर्गत आता है तथा उक्त क्षेत्र में लगभग 15-20 हजार की आबादी निवास करती है। उक्त क्षेत्र में स्थित मटका पार्क (तिकोनिया पार्क) से ए.ई.एम. के बंगले के आउट हाउस तक लगभग 100 मीटर की सड़क का निर्माण कई वर्ष पूर्व रेलवे विभाग द्वारा करवाया गया था वर्तमान में उक्त 100 मीटर के टुकड़े में नाममात्र को भी डामर के चिन्ह दिखाई नहीं देते हैं। डामर पूरी तरह से गायब हो चुका है मात्र सड़क पर गिट्टी ही शेष रह गई है। उक्त गिट्टी में फंसकर कई दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो चुके हैं तथा स्कूल आने जाने वाले बच्चे जो साइकल से अपने विद्यालय जाते हैं वे प्रायः उक्त गिट्टियों में गिरने से चोटिल होते दिखाई देते रहते हैं।
4. यह कि, उक्त 1000 मीटर की सड़क रेलवे विभाग के अधिकारी विश्राम गृह, रेलवे विभाग के कर्मचारियों के आवास तक जाती है तथा उक्त 1000 मीटर सड़क के टुकड़े से उक्त क्षेत्र के हजारो निवासियों का प्रतिदिन आवागमन होता रहता है। सड़क से डामर समाप्त होने के कारण उखड़ी हुई गिट्टियों के कारण नागरिकों का उक्त सड़क पर पैदल अथवा दो पहिया वाहन से चलना कतई सुरक्षित नहीं रह गया है। व्यापक लोकहित में उक्त  सड़क के टुकडे का डामरीकरण शीघतिशीघ्र कराया जाना आवश्यक है।
5. यह कि, पूर्व में भी लोकहित से संबंधित उक्त मुद्दे को लेकर आप सूचित क. 2 को आवेदन पत्र प्रेषित किये थे किंतु आप सूचितगण द्वारा उक्त संबंध में आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है।
अतः वैधानिक सूचना पत्र द्वारा आप सूचितगण से अपेक्षा की जाती है कि नोटिस में उल्लेखित विषय की गंभीरता को ध्यान में रखेते हुये आप सूचितगण उक्त सड़क के पुर्ननिर्माण हेतु तत्काल ठोस कार्यवाही प्रारंभ की जावेगी अन्यथा की दशा में विवश होकर हमें आप सूचितगण के विरूद्ध उक्त संबंध में न्यायालयीन कार्यवाही करने हेतु बाध्य होना पड़ेगा। जिसके समस्त हर्जे खर्चे की जवाबदेही आप सूचितगण की होगी।
इस वैधानिक सूचना पत्र को सम्हाल कर रखें इस सूचना पत्र की एक प्रति हमारे कार्यालय में सुरक्षित है जो वक्त जरूरत यथास्थान प्रस्तुत की जावेगी।
इति दिनांक 11/04/2026
सूचक
एडवोकेट
विजय तिवारी निवासी "साकेत" शक्तिपुरम शिवपुरी (म.प्र.)













#धमाका_बड़ी_खबर: शिवपुरी में भीषण सड़क हादसा: खुशियां मातम में बदलीं, अनाज से भरा ट्रोला ऑटो पर पलटा, दूल्हा-दुल्हन समेत कई हताहत, देखिए video

कोई टिप्पणी नहीं
Shivpuri शिवपुरी। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से एक अत्यंत दुखद और रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। शहर से कुछ ही दूरी पर स्थित टोंगरा के पास शनिवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना हो गई, जिसमें एक ही परिवार की खुशियां चंद सेकंडों में चीख-पुकार में बदल गईं। एक तेज रफ्तार अनाज से भरा हुआ ट्रोला अनियंत्रित होकर दूल्हा-दुल्हन और उनके रिश्तेदारों से भरे ऑटो पर पलट गया।
हादसे का मंजर: पिचक गया ऑटो, अनाज के बोरो में दबे लोग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भयानक था कि भारी-भरकम ट्रोला गिरते ही ऑटो के परखच्चे उड़ गए। ऑटो पूरी तरह लोहे के ढेर में तब्दील हो गया और उसमें सवार लोग अनाज के बोरों और ऑटो में दब गए। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, इस हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि प्रशासन द्वारा आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। हादसे के वक्त ऑटो में सवार नवविवाहित जोड़ा (दूल्हा-दुल्हन) और उनके करीबी रिश्तेदार सवार थे, जो वैवाहिक रस्म या कार्यक्रम से लौट रहे थे।
देवदूत बनकर पहुंचे स्थानीय लोग और समाजसेवी
हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर मदद के लिए दौड़े। स्थानीय समाजसेवी ताजुद्दीन कुरैशी और अन्य ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए राहत कार्य शुरू किया। लोग अपने हाथों से अनाज के भारी-भरकम बोरों को हटाने की कोशिश करते दिखे ताकि नीचे दबे घायलों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके। क्रेन और जेसीबी के आने से पहले ही स्थानीय लोगों ने कई घायलों को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल भिजवाने का प्रयास किया। यह शिवपुरी में हुआ एक बेहद दुखद और हृदयविदारक हादसा है। खुशियों के माहौल का इस तरह मातम में बदलना वाकई विचलित करने वाला है।
 इस घटना की गंभीरता और उसके पीछे के कुछ प्रमुख कारण स्पष्ट रूप से सामने आ रहे हैं:
ओवरलोडिंग और भारी वाहन: अनाज से भरे ट्रोले का छोटे से ऑटो पर पलट जाना यह बताता है कि हाईवे पर भारी वाहनों की अनियंत्रित गति या संतुलन बिगड़ना कितना घातक हो सकता है।
परिवहन के साधनों का अभाव: जैसा कि आपने जिक्र किया, सरकारी रोडवेज बसों की कमी के कारण लोग जान जोखिम में डालकर ऑटो जैसे असुरक्षित साधनों से लंबी दूरी तय करने को मजबूर हैं।
प्रशासनिक ढिलाई: ट्रैफिक और परिवहन विभाग की अनदेखी भी ऐसे हादसों का एक बड़ा कारण है, जहाँ सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के बजाय नियमों की अनदेखी की जाती है।
स्थानीय लोगों की तत्परता: समाजसेवी ताजुद्दीन कुरैशी और स्थानीय लोगों द्वारा मलबे और बोरों के नीचे दबे घायलों को निकालने का प्रयास उनकी मानवता को दर्शाता है। 
उम्मीद है कि प्रशासन इस घटना के बाद जागेगा और छोटे रूट्स पर सुरक्षित परिवहन के पुख्ता इंतजाम करेगा ताकि फिर कभी किसी परिवार की खुशियां इस तरह सड़क पर न बिखरें। मृतकों के प्रति गहरी संवेदनाएं। 
क्या इस मामले में प्रशासन या पुलिस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान या हताहतों की पुष्टि हुई है?




इस हृदयविदारक घटना को विस्तार देते हुए एक विस्तृत समाचार रिपोर्ट नीचे दी गई है:
शिवपुरी में भीषण सड़क हादसा: खुशियां मातम में बदलीं, अनाज से भरा ट्रोला ऑटो पर पलटा, दूल्हा-दुल्हन समेत कई हताहत
शिवपुरी। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से एक अत्यंत दुखद और रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। शहर से कुछ ही दूरी पर स्थित टोंगरा के पास शनिवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना हो गई, जिसमें एक ही परिवार की खुशियां चंद सेकंडों में चीख-पुकार में बदल गईं। एक तेज रफ्तार अनाज से भरा हुआ ट्रोला अनियंत्रित होकर दूल्हा-दुल्हन और उनके रिश्तेदारों से भरे ऑटो पर पलट गया।
हादसे का मंजर: पिचक गया ऑटो, मलबे में दबे लोग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भयानक था कि भारी-भरकम ट्रोला गिरते ही ऑटो के परखच्चे उड़ गए। ऑटो पूरी तरह लोहे के ढेर में तब्दील हो गया और उसमें सवार लोग अनाज के बोरों और ट्रक के नीचे दब गए। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, इस हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि प्रशासन द्वारा आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। हादसे के वक्त ऑटो में सवार नवविवाहित जोड़ा (दूल्हा-दुल्हन) और उनके करीबी रिश्तेदार सवार थे, जो किसी वैवाहिक रस्म या कार्यक्रम से लौट रहे थे।
देवदूत बनकर पहुंचे स्थानीय लोग और समाजसेवी
हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर मदद के लिए दौड़े। स्थानीय समाजसेवी ताजुद्दीन कुरैशी और अन्य ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए राहत कार्य शुरू किया। लोग अपने हाथों से अनाज के भारी-भरकम बोरों को हटाने की कोशिश करते दिखे ताकि नीचे दबे घायलों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके। क्रेन और जेसीबी के आने से पहले ही स्थानीय लोगों ने कई घायलों को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल भिजवाने का प्रयास किया।
सिस्टम की विफलता पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर जिले की बदहाल परिवहन व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है:
रोडवेज बसों का अभाव
सरकारी रोडवेज बसों की कमी और छोटे रूट्स पर बसों का संचालन न होना इस हादसे की मुख्य जड़ माना जा रहा है। मजबूरी में ग्रामीण और गरीब तबका हाईवे (फोरलेन) पर ऑटो जैसे असुरक्षित साधनों से सफर करने को मजबूर है।
ट्रैफिक अमले की लापरवाही
नियमों के मुताबिक ऑटो को हाईवे पर लंबी दूरी तय करने की अनुमति नहीं होनी चाहिए, लेकिन ट्रैफिक पुलिस उन्हें शहर से बाहर जाने से नहीं रोकती।
परिवहन विभाग की सुस्ती
ओवरलोड ट्रकों और अनफिट वाहनों पर परिवहन विभाग की कार्रवाई न होने का खामियाजा आम जनता को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है।
मातम में बदली शादी की रौनक
जिस घर में कुछ देर पहले तक शहनाइयां गूंज रही थीं और मंगल गीत गाए जा रहे थे, वहां अब सिर्फ सन्नाटा और अपनों को खोने का गम है। इस हादसे ने न केवल कई परिवारों को तबाह कर दिया है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
















#धमाका_डिफरेंट: खुद का नाम तक नहीं बोर्ड पर नगर को क्या खाक संवारेगी नगर पालिका

कोई टिप्पणी नहीं
शिवपुरी। नगर विकास के बड़े बड़े दावे करने वाली नगर पालिका खुद अपने आपको बेहतर रखे तब तो विकास की कोई उम्मीद जागे लेकिन नगर पालिका परिषद शिवपुरी के मुख्य द्वार पर लगा बोर्ड खाली है जिस पर नपा का नाम ही हटा दिया गया है। इससे लोगों को कार्यालय ढूंढने में परेशानी होती होगी लेकिन जिम्मेदारों को सुध ही नहीं, उन्हें ये तो ज्ञात हो जाता है कि किस फाइल का भुगतान बिना बताए कर दिया फिर धमकी, झगड़ा होने लगता है लेकिन जरा गर्दन उठाने की फुर्सत नहीं की मुख्य द्वार का बोर्ड बिना नाम वाला नजर आ जाए।













#धमाका_शोक_खबर: दैनिक भास्कर के वरिष्ठ प्रतिनिधि पत्रकार संजीव बांझल के पिता डॉ. एम. के. बांझल का निधन, अंतिम यात्रा निज निवास तारकेश्वरी कॉलोनी से आज सुबह 9.30 बजे नगर के मुक्तिधाम प्रस्थान करेगी

कोई टिप्पणी नहीं
शिवपुरी। दैनिक भास्कर के वरिष्ठ प्रतिनिधि पत्रकार संजीव बांझल के पूज्य पिता और प्रबुद्ध व्यक्तित्व डॉ. एम. के. बांझल का आज शनिवार सुबह 4:50 बजे निधन हो गया है। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे जिनका मेडिकल कॉलेज में इलाज जारी था। उनकी अंतिम यात्रा निज निवास तारकेश्वरी कॉलोनी से आज सुबह 9.30 बजे नगर के मुक्तिधाम प्रस्थान करेगी। 













© all rights reserved by Vipin Shukla @ 2020
made with by rohit Bansal 9993475129