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#धमाका_न्यूज: "जल संरक्षण के लिए जन अभियान", गंगा दशमी के अवसर पर आयोजित हुआ भव्य कार्यक्रम, प्रभारी मंत्री सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों ने किया श्रमदान, दीदी रूठकर चली गईं

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शिवपुरी, 25 मई 2026/ प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के मुख्य आतिथ्य में गंगा दशहरा के पावन पर्व पर शिवपुरी में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान के अंतर्गत जल स्रोतों के संरक्षण और पुनरुद्धार को लेकर व्यापक स्तर पर गतिविधियां आयोजित की गईं।
जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम शहर के गोरखनाथ मंदिर में आयोजित हुआ। जहां प्रभारी मंत्री श्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने श्रमदान किया और सभी को जल संरक्षण की शपथ दिलाई।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा, पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद थे। कलश पूजन और प्राचीन कुंड का जीर्णोद्धार
प्रभारी मंत्री श्री तोमर ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों के साथ विधि-विधान से कलश पूजन किया। इसके पश्चात, अभियान के तहत मंदिर परिसर में प्राचीन बावड़ी की सफाई की गई। प्रभार मंत्री ने स्वयं श्रमदान कर नागरिकों को जल संरचनाओं को स्वच्छ रखने का संदेश दिया।
जल संरक्षण की दिलाई गई शपथ
प्रभारी मंत्री ने जल स्रोतों को बचाने के लिए कार्यक्रम में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर, एसपी सहित सभी नागरिकों को 'पुराने जल स्रोतों की सफाई एवं संरक्षण' की सामूहिक शपथ दिलाई गई। उपस्थित जनसमुदाय ने राष्ट्र हित में पानी बचाने, जल का विवेकपूर्ण व संयमित उपयोग करने, पानी की हर एक बूंद को व्यर्थ बहने से रोकने और इसे प्रकृति की सबसे अनमोल संपदा मानकर आगामी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित करने का संकल्प लिया।
'कैच द रेन' अभियान को बढ़ावा
प्रभारी मंत्री श्री तोमर ने कहा कि पानी ही जीवन का मुख्य आधार है। "कैच द रेन" अभियान को गति देने पर विशेष जोर दिया, ताकि बारिश के पानी का अधिक से अधिक संचयन किया जा सके। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे जल संकट से निपटने के लिए इस जन-आंदोलन का हिस्सा बनें।
​मंदिर भ्रमण और दर्शन
​कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने परिसर स्थित मंदिर का भ्रमण कर देव दर्शन किए। उन्होंने मंदिर में  पूजा-अर्चना कर जिले की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
नगर पालिका सीएमओ को पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के कड़े निर्देश
​प्रभारी मंत्री श्री तोमर ने शहर की पेयजल स्थिति को लेकर भी मुख्य नगरपालिका अधिकारी  को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि शहर के नागरिकों को पानी की कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने गर्मी के मौसम में सुचारू जल प्रदाय सुनिश्चित करने और शहर की पानी की व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त रखने की हिदायत दी।
तुनक कर चली गई दीदी
नगर पालिका अध्यक्ष आज तब चर्चा में आ गई जब उपरोक्त कार्यक्रम से वे मंच छोड़कर चली गई। उनका कहना है कि उनका नाम तक नहीं लिया। दरअसल शिवपुरी के गोरखनाथ मंदिर में गंगा दशहरा पर आयोजित 'जल गंगा संवर्धन अभियान' कार्यक्रम के दौरान एक असहज स्थिति उत्पन्न हो गई। नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा नाराज होकर मंच से उठकर चली गईं।
कार्यक्रम में अतिथियों का माल्यार्पण कर सम्मान किया जा रहा था।
इसी दौरान नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा नाराज दिखीं और कुछ देर बाद मंच से उतरकर कार्यक्रम स्थल से चली गईं। इस घटना के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सीएमओ पर लगाया सुनियोजित अपमान का आरोप
नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने इस घटना के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ईशांक धाकड़ पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम नगर पालिका परिषद द्वारा आयोजित किया गया था, लेकिन सीएमओ ने सुनियोजित तरीके से मंच पर उनके लिए कुर्सी तक नहीं लगवाई।
शर्मा ने आगे बताया कि कुर्सी न होने के बावजूद वह मंच पर बैठीं, लेकिन सम्मान समारोह के दौरान उनका नाम नहीं बुलाया गया, जिससे उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित महसूस हुआ।
बोलीं- महिला जनप्रतिनिधियों का हो रहा अपमान
गायत्री शर्मा ने कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नारी शक्ति और महिलाओं के सम्मान की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर शासकीय अधिकारी महिला जनप्रतिनिधियों का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि वह इस पूरे मामले की शिकायत केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रभारी मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, भाजपा जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव और प्रदेश नेतृत्व से करेंगी।
सीएमओ बोले- कार्यक्रम में उनका नाम लिया गया था
इस मामले पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी ईशांक धाकड़ ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
उनका कहना है कि नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा मंच पर मौजूद थीं और कार्यक्रम के दौरान उनका नाम भी लिया गया था। सीएमओ धाकड़ ने कहा कि इसके बावजूद वह मंच छोड़कर क्यों चली गईं, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, भाजपा जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव, कलेक्टर अर्पित वर्मा और एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया उपस्थित रहे।














#धमाका_बड़ी_खबर: "सेना के जांबाजों ने देवदूत बनकर बचाई जान, धरती के स्वर्ग कहे जाने वाले गुलमर्ग में केबल कार (गोंडोला) अटका, हवा में लटके 300 पर्यटक, अटकी सांसे"

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गुलमर्ग (जम्मू-कश्मीर)। धरती के स्वर्ग कहे जाने वाले गुलमर्ग में सोमवार (25 मई 2026) को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एशिया की सबसे ऊंची और प्रसिद्ध केबल कार (गोंडोला) में अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण करीब 300 पर्यटक हवा में ही फंस गए। इस बेहद संवेदनशील और आपातकालीन स्थिति में भारतीय सेना के जवानों ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर एक बार फिर अपनी वीरता और सूझबूझ का परिचय दिया। जवानों ने विपरीत परिस्थितियों में मोर्चा संभालते हुए सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हवा में अटकी सांसें, फिर पहुंचे सेना के वीर
दोपहर के समय गुलमर्ग गोंडोला के दूसरे चरण (फेज-2) में अचानक एक तकनीकी खराबी आ गई। इसके चलते केबल कार का संचालन पूरी तरह ठप हो गया और दर्जनों केबिन बीच हवा में ही रुक गए। ऊंचाई पर तेज हवाओं और कड़ाके की ठंड के बीच केबिनों में बंद पर्यटकों, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, की सांसें अटक गईं। घटना की सूचना मिलते ही भारतीय सेना की स्थानीय विंग, जम्मू-कश्मीर पुलिस, SDRF और NDRF की टीमें तुरंत एक्शन में आ गईं।देवदूत बनकर पहुंचे जवान
सेना के जवानों ने बिना वक्त गंवाए अत्याधुनिक रेस्क्यू उपकरणों के साथ मोर्चा संभाला।
हवा में जांबाजी:
 जवानों ने अत्यधिक ऊंचाई और दुर्गम रास्तों की परवाह न करते हुए रस्सियों और आपातकालीन सीढ़ियों के सहारे केबिनों तक पहुंच बनाई।
सांत्वना और सुरक्षा:
 फंसे हुए घबराए पर्यटकों का हौसला बढ़ाते हुए सेना के जांबाजों ने एक-एक कर सभी 300 पर्यटकों को सुरक्षित जमीन पर उतारा। पर्यटकों ने जताया सेना का आभारसुरक्षित रेस्क्यू किए जाने के बाद कई पर्यटकों की आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने भारतीय सेना के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। पर्यटकों का कहना था कि अगर सेना के जवान सही समय पर त्वरित कार्रवाई नहीं करते, तो अत्यधिक ऊंचाई और ठंड के कारण उनकी जान पर बन सकती थी। सोशल मीडिया पर भी लोग सेना के इस रेस्क्यू ऑपरेशन के वीडियो साझा कर जवानों की जमकर तारीफ कर रहे हैं। 
मुख्यमंत्री ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश
इस गंभीर घटना पर संज्ञान लेते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रेस्क्यू टीम की सराहना की है। उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर जानकारी दी कि सभी पर्यटक पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसके साथ ही उन्होंने इस तकनीकी खराबी के कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में पर्यटकों की सुरक्षा के साथ ऐसा कोई खिलवाड़ न हो। सुरक्षा ऑडिट पूरा होने और तकनीकी खराबी पूरी तरह ठीक होने तक गुलमर्ग गोंडोला सेवा को अस्थायी रूप से बंद रखा गया है।
भारत के प्रमुख रोपवे हादसे
1. देवघर रोपवे हादसा (10 अप्रैल 2022)
झारखंड के देवघर स्थित त्रिकूट पर्वत पर रोपवे ट्रॉलियां बीच हवा में फंस गई थीं। 3 दिनों के दौरान करीब 48 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। भारतीय वायुसेना ने हेलिकॉप्टर से कई लोगों को निकाला। कुल 47 लोगों का बचाया गया। 3 लोगों की मौत हो गई थी।
2. गुलमर्ग गोंडोला हादसा (23 अप्रैल 2017)
जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग गोंडोला में तेज हवाओं के कारण एक पेड़ गिरकर केबल से टकरा गया, जिससे कई केबिन प्रभावित हुए। एक केबिन में सवार सात लोग करीब 100 फीट नीचे गिर गए। हादसे में सबकी मौत हो गई थी।
3. दार्जिलिंग रोपवे हादसा (19 अक्टूबर 2003)
पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में रंगीत रोपवे की तीन केबल कारें केबल से अलग होकर लगभग 50-60 फीट नीचे घाटी में गिर गईं। इस हादसे में तीन महिलाओं और एक बच्चे सहित कुल 4 पर्यटकों की मौत हो गई थी, जबकि 11 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
गुलमर्ग रोपवे दुनिया का तीसरा सबसे ऊंचा केबल रोपवे
गुलमर्ग रोपवे एशिया का सबसे ऊंचा और सबसे लंबा केबल कार है। यह दुनिया का तीसरा सबसे ऊंचा केबल कार है। इसकी अधिकतम ऊंचाई करीब 3,980 मीटर है।
यह गुलमर्ग से कोंगडोरी होते हुए अफरवात पीक तक जाता है। यह देश के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में गिना जाता है और गर्मियों में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। यहां से बर्फीली चोटियों के शानदार नजारे दिखाई देते हैं।
दुनिया का सबसे ऊंचा गोंडोला चीन का डागू ग्लेशियर गोंडोला है। यह सिचुआन प्रांत के डागू ग्लेशियर नेशनल पार्क में स्थित है और इसकी ऊंचाई करीब 4,860 मीटर है। यह केबल कार कुछ ही मिनटों में पर्यटकों को बर्फ से ढके ग्लेशियर टॉप तक पहुंचाती है।
दूसरे नंबर पर वेनेजुएला का मेरिडा केबल कार आता है, जिसकी ऊंचाई लगभग 4,765 मीटर है। यह मेरिडा शहर को पिको एस्पेजो पर्वत से जोड़ता है और एंडीज पर्वतमाला का नजारा दिखाता है।
गुलमर्ग गोंडोला में 24 घंटे में दूसरी बार तकनीकी खराबी
सूत्रों के मुताबिक, गुलमर्ग गोंडोला में रविवार को भी तकनीकी गड़बड़ी आई थी, हालांकि मरम्मत के बाद सोमवार को सेवा दोबारा शुरू कर दी गई थी। 24 घंटे के भीतर दूसरी बार फिर से तकनीकी खराबी आ गई, जिससे सैकड़ों पर्यटक फंस गए।
इससे पहले गुलमर्ग गोंडोला में 25 जून 2017 को हादसा हुआ था। तेज आंधी के दौरान एक पेड़ गोंडोला की केबल लाइन पर गिर गया। इससे एक केबिन जोर से झूलने लगा और उसके शीशे टूट गए। केबिन में सवार लोग करीब 100 फीट नीचे गिर गए, जिससे सात लोगों की मौत हो गई थी।
अमित शाह ने रेस्क्यू टीमों की सराहना की
घटना को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने X पर पोस्ट के जरिए रेस्क्यू टीमों की सराहना की। शाह ने कहा कि 65 केबल कार केबिनों में फंसे यात्रियों को निकालने के लिए करीब 6 घंटे लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। बचाव दलों के साहस और कौशल पर पूरा देश गर्व करता है।
इससे पहले जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी घटना को लेकर पोस्ट किया था। उन्होंने कहा- सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। सभी केबिन और उसमें फंसे पर्यटक सुरक्षित हैं। घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा था- केबल कार के केबिनों में फंसे पर्यटकों के रेस्क्यू ऑपरेशन पर मैं नजर रख रहा हूं। मैंने DGP को घटनास्थल पर जाने का निर्देश दिया है। पुलिस, सेना, SDRF, डीसी और SSP की जॉइंट टीम मौके पर मौजूद है।
















#धमाका_न्यूज: युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो, शिवपुरी में फूटा गुस्सा

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शिवपुरी। राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन के मुख्य जिला संयोजक शत्रुघ्न सिंह तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि
​NEET धांधली और पेपर लीक के कारण डिप्रेशन में आकर
जान गंवाने वाले होनहार छात्रों को कल रविवार रात 8:00 बजे 'राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन' और शिवपुरी के नागरिकों ने चौराहे पर श्रद्धांजलि दी। युवाओं ने ताली बजाकर इस लचर व्यवस्था के खिलाफ अपना कड़ा विरोध जताया।
आज जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री जी को ज्ञापन सौंपकर ये बड़ी मांगें उठाई गईं:
​1️⃣ परीक्षा में नाकाम रहने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें।
2️⃣ PM मोदी जी 'मन की बात' में आकर देश के करोड़ों परेशान छात्रों और अभिभावकों को न्याय का भरोसा दें।
3️⃣ भर्ती का यह सिस्टम सुधरे— जहाँ भर्ती आज निकलती है, पेपर कब होगा पता नहीं, रिजल्ट 3 साल बाद आता है और जॉइनिंग मिलने में 5 साल लग जाते हैं! एक नौकरी के चक्कर में युवा की पूरी जवानी खत्म हो जाती है। इस कछुआ चाल व्यवस्था को तुरंत बदला जाए।
4️⃣ पीड़ित परिवारों को पूरा न्याय और आर्थिक-मानसिक संबल मिले।
​7-8 सालों में 70 से ज्यादा पेपर लीक होना और एक नौकरी के लिए सालों-साल भटकाना अब बर्दाश्त के बाहर है। युवाओं को न्याय दो!













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