शिवपुरी। जिले में दूधियों द्वारा जो दूध की हड़ताल की गईं हैं, उस अवैधनिक हड़ताल का अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत जिला शिवपुरी आम जनता के पक्ष में विरोध करती है। उक्त बयान जितेंद्र रघुवंशी जिला अध्यक्ष, हरवीर सिंह चौहान कार्य समिति सदस्य ने दिया।
shivpuri शिवपुरी। शहर के कलेक्ट्रेट के समीप स्थित रोटरी चौक बदहाली का शिकार है। रात भर अंधकार में डूबा रहने
वाला ये रोटरी चौराहा पहले ही अपनी हरियाली को खो चुका था और अब बीते रोज आई आंधी में चौराहे के अंदर लगा
एक लोहे का पोल रोटरी स्टैंड पर आकर टिक गया है। जिसे अभी तक न तो किसी रोटेरियन ने हटाया न ही रोटरी क्लब के वरिष्ठ पदाधिकारी समीर गांधी ने जिनकी इसी रोटरी चौक के ठीक सामने दो कोठियाँ मौजूद हैं। उन्हें न तो ये गिरा पोल नज़र आता न रात का अंधकार जिसे नगर पालिका को दूर करना चाहिए।
बड़े जतन से चौराहे लिए थे गोद अब भुला दिए गए
नगर में नामी गिरामी समाजसेवी संस्थाएं वैसे भी कोई ठोस काम कम ही करती हैं। अपने निजी हित या संस्था के ऊपर से थोपे जाने वाले लक्ष्य को पूरा करने के अलावा ये संस्थाएं यदा कदा किसी ठोस काम में शामिल होती हैं और उस काम को भी बाद में भुला देती हैं। आपको याद दिला दें कि उक्त रोटरी चौक को रोटरी क्लब ने नगर पालिका से गोद लिया था जबकि एमएम अस्पताल के पास वाले चौराहे को लायंस क्लब ने गोद लिया था। दोनों चौराहे अपनी साख बचाने को संघर्ष कर रहे हैं।
एक भी चौराहा ट्रैफिक के अनुकूल नहीं
शहर में स्टेटकालीन माधव चौक, अस्पताल चौराहा, कष्टम गेट को छोड़कर कोई भी चौराहा या तिराहा ट्रैफिक नियम के अनुरूप नहीं बना है। यानि कोई एक किनारे पर बना दिया गया है जबकि कोई किसी कोने में या इनके साइज छोटे करने से लोग चौराहे की परिक्रमा ट्रैफिक नियम से नहीं करते बल्कि रोंग साइड आते जाते हैं। उदाहरण के लिए अग्रसेन चौराहा, रोटरी चौक, लायंस चौक, बीटीपी चौक, फिजिकल पर परशुराम चौक, ग्वालियर बायपास स्थित चौक, गुना नाके का चौक, महाराणा प्रताप चौक, गुरुद्वारा चौक सहित जो भी चौराहे हैं उन्हें न्यू ले आउट के साथ बनाने की आवश्यकता है या फिर इनके आसपास स्थाई निर्माण करना या बेरीकेट करके नियम से ट्रैफिक चलाया जा सकता है।
शिवपुरी। यह बेहद चिंताजनक स्थिति है कि शिवपुरी में मड़ीखेड़ा पेयजल परियोजना की मोटरें फिर खराब होने से शहर को एक बार पुनः पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। सबसे गंभीर बात यह है कि कलेक्टर अर्पित वर्मा के निरीक्षण में इस बात की आशंका जताई गई थी कि कोई जानबूझकर (साजिश के तहत) इन मोटरों को नुकसान पहुंचा रहा है।
सचिन चौहान ने कहा
इधर इंजीनियर और मड़ीखेड़ा पेयजल प्रभारी सचिन चौहान ने बताया कि एक मोटर पहले से खराब थी दूसरी मोटर और खराब हो गई।
इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रशासन और नागरिकों के स्तर पर निम्नलिखित कदम उठाए जाने चाहिए:
प्रशासनिक और सुरक्षा कदम, सीसीटीवी निगरानी:
फिल्टर प्लांट और इंटकवेल क्षेत्र में तुरंत सीसीटीवी कैमरे चालू किए जाएं ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
सुरक्षा गार्ड की तैनाती:
संवेदनशील स्थलों पर 24 घंटे कड़े सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएं ताकि उपद्रवियों को रोका जा सके।
मॉक ड्रिल और मेंटेनेंस:
मोटरों के बैकअप (स्पेयर पार्ट्स) की व्यवस्था हमेशा तैयार रखी जाए ताकि खराबी होने पर घंटों में सुधार हो सके।
पुलिस जांच:
इस कथित तोड़फोड़ (Sabotage) के पीछे किसका हाथ है, इसकी जांच के लिए एफआईआर दर्ज कर पुलिसिया कार्रवाई की जानी चाहिए।
तत्काल जल संकट से निपटने के उपायटैंकरों से सप्लाई:
जिन इलाकों में पानी की सप्लाई ठप है, वहां नगर पालिका द्वारा आपातकालीन टैंकरों के माध्यम से निशुल्क पानी पहुंचाया जाना चाहिए।
वैकल्पिक स्रोत: शहर के पुराने कुओं, बावड़ियों और ट्यूबवेल को सक्रिय कर अस्थायी रूप से राहत दी जा सकती है।
नागरिकों के लिए सुझावपानी का संचय: जब भी पानी आए, उसे सीमित मात्रा में और समझदारी से खर्च करें।शिकायत दर्ज करें: यदि आपके इलाके में पानी की गंभीर समस्या है, तो नगर पालिका के हेल्पलाइन नंबर या मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (181) पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
नगर पालिका जल प्रदाय हेल्पलाइन नंबरशिवपुरी कलेक्टर के निर्देशानुसार जल प्रदाय से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत या टैंकर मंगवाने के लिए कंट्रोल रूम का विशेष मोबाइल नंबर 9202140627 जारी किया गया है। आप इसके अलावा सामान्य शिकायतों के लिए इन माध्यमों का उपयोग भी कर सकते हैं।
शिवपुरी। जिले के सीनियर एडवोकेट विजय तिवारी ने शिवपुरी श्योपुर मार्ग पर निर्माणाधीन ओवर ब्रिज के निर्माण में निर्धारित तिथि के उपरांत हो रही देरी और उससे आ रही ट्रैफिक में बाधा को लेकर अनुविभागीय दण्डाधिकारी अनुभाग शिवपुरी मप्र को वैधानिक पत्र भेजा है। जिसमें लिखा है कि इस विषय को लेकर वे कोर्ट में याचिका दायर करने जा रहे हैं। बता दें कि शिवपुरी श्योपुर राज्य मार्ग पर निर्माणधीन फलायओवर पर निर्मात्री कम्पनी द्वारा निर्धारित समयावधि व्यतीत होने उपरांत भी सड़क को वाधित किया जा रहा है। विगत लगभग 4 वर्षों से शिवपुरी श्योपुर स्टेट हाईवे पर रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण का कार्य चल रहा है। निर्माण के कार्य चलते विगत लगभग तीन, चार वर्षों से उक्त मार्ग से प्रतिदिन गुजरने बाले हजारों नागरिक भारी संख्या में शारीरिक व मानसिक पीड़ा झेल रहे है उक्त फलायओवर का निर्माण शुभम कस्टेक्शन कम्पनी द्वारा किया जा रहा है उक्त कम्पनी को जिस समयावधी के भीतर उक्त निर्माण कार्य पूर्ण करना था कम्पनी उक्त समायवधी में निर्माण कार्य पूर्ण करने में असफल सिद्ध हुई है। शुभम कंस्ट्रेक्शन कम्पनी कि लापरवाही के कारण शिवपुरी शहर के प्रसिद्ध मार्गों में शुमार शिवपुरी श्योपूर हाईवे पर नित प्रतिदिन भारी संख्या में जाम लगा रहता है। वर्तमान में भीषण गर्मी का दौर जारी है ऐसी भयंकर गर्मी में महिलायें अपने दुधमुहे बच्चों को लेकर दो पहिया बाहन पर घंटों जाम में फसने को मजबूर है। उल्लेखनिय है कि उक्त मार्ग रेल्वे स्टेशन, बस स्टेंड 26/05/26 जाने का एकमात्र रास्ता है। शिवपुरी जिले का प्रसिद्ध प्राईवेट अस्पताल श्री सिद्धीविनायक अस्पताल एवं अन्य कई अस्पताल भी उक्त मार्ग पर है। यह कि शुभम कस्ट्रेक्शन कम्पनी द्वारा सालों से निर्माण कराये जा रहे उक्त रेल्वे ओवर ब्रिज के निर्माण में भारी पैमाने पर अनियमिक्तायें की जा रही है निर्माण स्थल पर कार्यरत मजदूरों की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है, निर्माण स्थल पर धूल मिटटी को रोकने के लिए हरी मैटी का प्रयोग नहीं किया गया है तथा चौबीसों घंटे उड़ने वाली धूल के कारण सिद्धी विनायक अस्पताल में भर्ती मरीजों कि स्थिति तथा आस-पास में रहने वाले नागरिकों कि स्थिति उक्त धूल व प्रदूषण के कारण गभीर होती जा रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि शिवपुरी के स्थानीय प्रशासन ने अघोषित रूप से शुभम कस्ट्रेक्शन कम्पनी को शिवपुरी के नागरिकों को मारने का लायसेंस दे दिया है।
5. यह कि शुभम कस्ट्रेक्शन कम्पनी द्वारा अवैधानिक रूप से उक्त मार्ग पर प्रत्येक प्रकार के वाहनों का आवागमन बिना किसी प्रशासनिक आदेश के बंद कर रखा है। उक्त कम्पनी के पास वाहनों को उक्त मार्ग से आने-जाने से रोकने के लिए 15 मई 2026 तक की अनुमति थी किंतु उक्त अनुमति समाप्त हुए 11 दिन व्यतीत हो चुके है फिर भी शुभम कस्ट्रेक्शन कम्पनी द्वारा ऐम्बुलेंस एवं शव वाहन जैसेअत्यावश्यक वाहनों को भी उक्त मार्ग से गुजरने नहीं दिया जा रहा है।
5. यह कि शुभम कंस्ट्रेक्शन कम्पनी द्वारा 44 डिग्री सेलशयस तापमान पर रास्ता बंद कर हजारों नागरिकों को व्यापक स्तर पर शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है उक्त कम्पनी के कुकृत्यों से यदि कोई जनहानि घटित होती है तो उसका संपूर्ण उत्तरदायित्व शुभम कंस्ट्रेक्शन कम्पनी पर होगा। ऐसे किसी अपराधिक लापरवाही के लिए कम्पनी का डायरेक्टर व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होगा ।
6.यह कि शुभम कस्टेक्शन कम्पनी द्वारा वरती जा रही लापरवाही के कारण हजारों नागरिक धूल खाने के कारण स्वशंन तंत्र की बीमारी का शिकार हो रहे । उड़ने वाली धूल के कारण वहां से गुजरने वाले नागरिकों की आंखों में जाकर आंख की बीमारी पैदा कर रहे हैं। सर्विस रोड़ का निर्माण न होने के कारण घंटों जाम में फसे रहने के कारण नागरिकगण लू-लपट का शिकार हो रहे है। शुभम कंस्ट्रेक्शन कम्पनी का उक्त कृत्य भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 152 के अंर्तगत दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आता है।अतः अनुरोध है कि जनहित से संबंधित उक्त विषय पर संज्ञान लेकर शुभम कस्टेंक्शन कम्पनी के विरूद्ध कठोर दंण्डात्मक कार्यवाही किये जाने हेतु आज्ञा प्रदान की जावें।
ये लिखा है पत्र
माननीय महोदय,
1. यह कि प्रार्थी जिला अभिभाषक संघ शिवपुरी का निर्वाचित अध्यक्ष होकर वरिष्ठ अधिवक्ता है प्रार्थी द्वारा जनहित से संबंधित कई विषयों को लेकर माननीय उच्च न्यायालय एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय में याचिकायें प्रस्तुत की गई है। जनहित से संबंधित महत्वपूर्ण विषय को लेकर उक्त याचिका आपके समक्ष प्रस्तुत की जा रही है।
2. उपरोक्त विषर्यागत लेख है कि विगत लगभग 4 वर्षों से शिवपुरी श्योपुर स्टेट हाईवे पर रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण का कार्य चल रहा है। निर्माण के कार्य चलते विगत लगभग तीन, चार वर्षों से उक्त मार्ग से प्रतिदिन गुजरने बाले हजारों नागरिक भारी संख्या में शारीरिक व मानसिक पीड़ा झेल रहे है उक्त फलायओवर का निर्माण शुभम कस्टेक्शन कम्पनी द्वारा किया जा रहा है उक्त कम्पनी को जिस समयावधी के भीतर उक्त निर्माण कार्य पूर्ण करना था कम्पनी उक्त समायवधी में निर्माण कार्य पूर्ण करने में असफल सिद्ध हुई है ।
3. यह कि उक्त शुभम कंस्ट्रेक्शन कम्पनी कि लापरवाही के कारण शिवपुरी शहर के प्रसिद्ध मार्गों में शुमार शिवपुरी श्योपूर हाईवे पर नित प्रतिदिन भारी संख्या में जाम लगा रहता है। वर्तमान में भीषण गर्मी का दौर जारी है ऐसी भयंकर गर्मी में महिलायें अपने दुधमुहे बच्चों को लेकर दो पहिया बाहन पर घंटों जाम में फसने को मजबूर है। उल्लेखनिय है कि उक्त मार्ग रेल्वे स्टेशन, बस स्टेंड 26/05/26 जाने का एकमात्र रास्ता है। शिवपुरी जिले का प्रसिद्ध प्राईवेट अस्पताल श्री सिद्धीविनायक अस्पताल एवं अन्य कई अस्पताल भी उक्त मार्ग पर है। यह कि शुभम कस्ट्रेक्शन कम्पनी द्वारा सालों से निर्माण कराये जा रहे उक्त रेल्वे ओवर ब्रिज के निर्माण में भारी पैमाने पर अनियमिक्तायें की जा रही है निर्माण स्थल पर कार्यरत मजदूरों की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है, निर्माण स्थल पर धूल मिटटी को रोकने के लिए हरी मैटी का प्रयोग नहीं किया गया है तथा चौबीसों घंटे उड़ने वाली धूल के कारण सिद्धी विनायक अस्पताल में भर्ती मरीजों कि स्थिति तथा आस-पास में रहने वाले नागरिकों कि स्थिति उक्त धूल व प्रदूषण के कारण गभीर होती जा रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि शिवपुरी के स्थानीय प्रशासन ने अघोषित रूप से शुभम कस्ट्रेक्शन कम्पनी को शिवपुरी के नागरिकों को मारने का लायसेंस दे दिया है।
5. यह कि शुभम कस्ट्रेक्शन कम्पनी द्वारा अवैधानिक रूप से उक्त मार्ग पर प्रत्येक प्रकार के वाहनों का आवागमन बिना किसी प्रशासनिक आदेश के बंद कर रखा है। उक्त कम्पनी के पास वाहनों को उक्त मार्ग से आने-जाने से रोकने के लिए 15 मई 2026 तक की अनुमति थी किंतु उक्त अनुमति समाप्त हुए 11 दिन व्यतीत हो चुके है फिर भी शुभम कस्ट्रेक्शन कम्पनी द्वारा ऐम्बुलेंस एवं शव वाहन जैसेअत्यावश्यक वाहनों को भी उक्त मार्ग से गुजरने नहीं दिया जा रहा है।
5. यह कि शुभम कंस्ट्रेक्शन कम्पनी द्वारा 44 डिग्री सेलशयस तापमान पर रास्ता बंद कर हजारों नागरिकों को व्यापक स्तर पर शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है उक्त कम्पनी के कुकृत्यों से यदि कोई जनहानि घटित होती है तो उसका संपूर्ण उत्तरदायित्व शुभम कंस्ट्रेक्शन कम्पनी पर होगा। ऐसे किसी अपराधिक लापरवाही के लिए कम्पनी का डायरेक्टर व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होगा ।
6.यह कि शुभम कस्टेक्शन कम्पनी द्वारा वरती जा रही लापरवाही के कारण हजारों नागरिक धूल खाने के कारण स्वशंन तंत्र की बीमारी का शिकार हो रहे । उड़ने वाली धूल के कारण वहां से गुजरने वाले नागरिकों की आंखों में जाकर आंख की बीमारी पैदा कर रहे हैं। सर्विस रोड़ का निर्माण न होने के कारण घंटों जाम में फसे रहने के कारण नागरिकगण लू-लपट का शिकार हो रहे है। शुभम कंस्ट्रेक्शन कम्पनी का उक्त कृत्य भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 152 के अंर्तगत दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आता है।अतः अनुरोध है कि जनहित से संबंधित उक्त विषय पर संज्ञान लेकर शुभम कस्टेंक्शन कम्पनी के विरूद्ध कठोर दंण्डात्मक कार्यवाही किये जाने हेतु आज्ञा प्रदान की जावें।
इति दिनांक 26/05/2026
प्रार्थी
विजय तिवारी एडव्होकेट अध्यक्ष जिला अभिभाषक संघ शिवपुरी म०प्र०