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#mamakadhamakanews: शिवपुरी में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ ग्राहक पंचायत ने अपर कलेक्टर शुक्ला को सौंपा ज्ञापन

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शिवपुरी। खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ ग्राहक पंचायत ने अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। 15 जुलाई 2026 को अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत (जिला शिवपुरी, मध्य प्रदेश) द्वारा जिले में खाद्य पदार्थों में बढ़ रही मिलावट की गंभीर समस्या को लेकर जिला कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला को सौंपा गया है। ज्ञापन में संगठन ने चिंता व्यक्त की है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट न केवल उपभोक्ताओं के आर्थिक हितों को नुकसान पहुँचा रही है, बल्कि उनके स्वास्थ्य और जीवन के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रही है। मध्य प्रदेश शासन द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में चलाए जा रहे "मुख्यमंत्री मिलावट से मुक्ति अभियान" का हवाला देते हुए संगठन ने शिवपुरी जिले में भी इसके तहत प्रभावी और निरंतर कार्रवाई करने की मांग की है।अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत द्वारा रखी गई मुख्य मांगें:
* जिले में दूध, मावा, घी, तेल, मसाले, मिठाई और पनीर जैसे खाद्य पदार्थों की नियमित और सघन जांच की जाए।
*आगामी त्योहारों और विवाह सीजन के दौरान विशेष जांच अभियान चलाकर मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई हो।
* खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा बाजारों से नियमित रूप से सैंपल लेकर उनकी समय सीमा में जांच सुनिश्चित की जाए।
* दोषी पाए जाने वाले व्यापारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
आम जनता के लिए खाद्य मिलावट संबंधी शिकायत दर्ज कराने हेतु एक हेल्पलाइन नंबर और जन-जागरूकता अभियान शुरू किया जाए।
साथ ही की गई जांच और कार्रवाई की जानकारी समय-समय पर सार्वजनिक की जाए ताकि आम नागरिकों का विश्वास बढ़े।
ज्ञापन सौंपते समय संगठन के पदाधिकारियों में हरबीर सिंह चौहान, मुरालीलाल कुशवाहा, संदीप मिश्रा, हरीबाबू गुप्ता आदि ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन इस जनहित के मुद्दे पर शीघ्र और ठोस कदम उठाएगा।

















#mamakadhamakanews: शिवपुरी में दूधियों की मनमर्जी: 55 रुपये के दाम की मांग को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, 15 दिन की हड़ताल की चेतावनी, मानसून के मौसम में हरे चारे की उपलब्धता के बावजूद दाम बढ़ाने की जिद, आम जनता को परेशान करने की तैयारी, प्रशासन को अपनाना होगा सख्त रुख, बार-बार की हड़ताल से निजात के लिए ठोस रणनीति की जरूरत, बिना पंजीयन और लाइसेंस के कर रहे दूध का कारोबार

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shivpuri शिवपुरी। नगर में दूध सप्लाई करने वाले दूधियों ने एक बार फिर अपनी मनमर्जी और अड़ियल रवैये का प्रदर्शन किया है। बुधवार को बड़ी संख्या में दूधियों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा को अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। दूधियों का आरोप है कि नगर की दूध डेयरियां उन्हें तय किए गए 55 रुपये प्रति लीटर के बजाय केवल 50 रुपये प्रति लीटर का दाम दे रही हैं। इसके विरोध में उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे आगामी 15 दिनों के लिए दूध सप्लाई बंद कर पूरी तरह हड़ताल पर चले जाएंगे।
दो समय के बजाय सिर्फ एक समय लाते हैं दूध
 बता दें कि शिवपुरी में दूधियों की मनमानी कोई नई बात नहीं है। शहर में दो समय (सुबह और शाम) दूध की सप्लाई सुनिश्चित करने के बजाय, ये दूधिए सिर्फ एक समय ही दूध लेकर आते हैं। अपनी इसी मनमर्जी के चलते ये जब चाहे तब हड़ताल पर चले जाते हैं और शहर की जनता को परेशान करते हैं। बार-बार बिना किसी ठोस वजह के हड़ताल पर चले जाना अब इनकी आदत बन चुका है। जबकि दीगर शहरों में दोनों समय दूध लाने की बात सामने आई है। एक समय दूध लाने से उसकी गुणवत्ता सवालों के घेरे में है। 
मानसून में दाम बढ़ाने की मांग पूरी तरह बेमानी
जानकारों और आम नागरिकों का कहना है कि वर्तमान में मानसून का मौसम आ चुका है। इस सीजन में चारों तरफ पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में हरा चारा मुफ्त या बेहद सस्ते दामों पर उपलब्ध रहता है। जब पशुओं के चारे की लागत कम हो जाती है, तो दूध उत्पादन का खर्च भी स्वतः ही घट जाता है। ऐसे अनुकूल समय में भी दूध के दाम बढ़ाने की जिद करना और हड़ताल की धमकी देना पूरी तरह से बेमानी और आम जनता की जेब पर डाका डालने जैसा है।
प्रशासन को अब अपनाना होगा कठोर रुख
शिवपुरी की जनता को दूध जैसी आवश्यक वस्तु के लिए बार-बार होने वाली इस ब्लैकमेलिंग से बचाने के लिए जिला कलेक्टर को इस बार बेहद कड़ा और कठोर रुख अपनाना होगा। प्रशासन को ऐसी ठोस और दीर्घकालिक रणनीति बनानी होगी जिससे इन दूधियों की मनमानी और बार-बार की हड़ताल से शहर को हमेशा के लिए निजात मिल सके। सांची दुग्ध संघ के माध्यम से वैकल्पिक व्यवस्था को मजबूत करना और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई करना अब समय की मांग बन चुका है।
स्थाई निदान के कुछ टिप्स
सहकारी डेयरी नेटवर्क का विस्तार (सांची व अन्य) 
सरकारी कलेक्टिंग सेंटर:
 शहर के प्रमुख चौराहों और वार्डों में 'सांची' या अन्य सरकारी सहकारी डेयरियों के कलेक्शन और वितरण केंद्र खोले जाएं।
सीधे किसानों से खरीद
बिचौलियों या हड़ताली दूधियों पर निर्भरता कम करने के लिए प्रशासन सीधे उन ग्रामीण पशुपालकों से संपर्क करे जो हड़ताल का हिस्सा नहीं बनना चाहते।
दूध पार्लर की संख्या बढ़ाना:
 शहर में पैकेज्ड दूध की उपलब्धता को दोगुना किया जाए ताकि आम जनता को खुले दूध की कमी महसूस न हो।
आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा / ESMA) का प्रयोग
दूध को आवश्यक सेवा घोषित करना: दूध बच्चों और मरीजों के लिए एक अनिवार्य वस्तु है। प्रशासन इस व्यवस्था को 'आवश्यक सेवा' के दायरे में लाकर हड़ताल को प्रतिबंधित कर सकता है।
कड़े कानूनी कदम
बिना पूर्व सूचना या गैर-कानूनी तरीके से आवश्यक आपूर्ति बाधित करने वाले दूधियों के लाइसेंस बनाने और लिस्टिंग करने के बाद निरस्त किए जाएं।
मूल्य निर्धारण और गुणवत्ता की सख्त निगरानी
त्रिस्तरीय कमेटी का गठन
कलेक्टर की अध्यक्षता में एक कमेटी बने जिसमें दुग्ध उत्पादक, डेयरी संचालक और उपभोक्ता फोरम के प्रतिनिधि शामिल हों। यह कमेटी हर सीजन (जैसे मानसून, गर्मी) के आधार पर दूध के दाम तय करे।
फैट के आधार पर भुगतान
मनमाने दाम वसूलने के बजाय दूध की शुद्धता और फैट (Fat/SNF) के आधार पर दाम फिक्स किए जाएं। मिलावट करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
बाहरी जिलों या समितियों से बैकअप सप्लाई
आपातकालीन आपूर्ति
15 दिन की हड़ताल की धमकी से निपटने के लिए ग्वालियर, गुना या नजदीकी दुग्ध संघों से शिवपुरी शहर के लिए अतिरिक्त दूध टैंकरों की व्यवस्था पहले से आरक्षित की जाए।
बफर स्टॉक
निजी और सरकारी डेयरियों को अगले 15 दिनों के लिए मिल्क पाउडर और टेट्रा-पैक दूध का बफर स्टॉक रखने के निर्देश दिए जाएं।
दूधियों का अनिवार्य पंजीकरण और रूट मैपिंग
पंजीकरण अनिवार्य
शहर में दूध सप्लाई करने वाले हर दूधिया (हॉकर) का प्रशासन के पास अनिवार्य रजिस्ट्रेशन होना चाहिए।
अचानक हड़ताल पर जुर्माना
बिना 30 दिन के एडवांस नोटिस के सप्लाई रोकने पर भारी जुर्माने या शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध का नियम बनाया जाए।इन कदमों से न केवल दूधियों की मनमर्जी पर लगाम लगेगी, बल्कि शिवपुरी के नागरिकों को सालभर सही दाम पर शुद्ध दूध की निर्बाध आपूर्ति भी सुनिश्चित होगी।


















#mamakadhamakanews: सपाक्स पार्टी की मांग पूरी हुई

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shivpuri शिवपुरी। डाक विभाग ने महान स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद तात्या टोपे के नाम से डाक टिकट जारी कर दिया है। याद रहे कि पोस्ट ऑफिस मुद्राओं में तात्याटोपे का चित्र शामिल करने को लेकर सपाक्स पार्टी ने ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में सपाक्स पार्टी के जिलाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह सोलंकी, जिला संयोजक महेन्द्र कुमार दुबे द्वारा संयुक्त रूप से ज्ञापन सौंपते हुए मांग की गई थी कि शिवपुरी जिले के पोस्ट ऑफिस के पत्रों पर 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महान सेना नायक तात्या टोपे के नाम और उनके चित्र को शामिल किया जाए। इसके समर्थन में सरदार वल्लभ भाई बेल के पैत्रिक गांव करमसद (गुजरात) के पोस्ट ऑफिस की सील और वहां के पोस्ट ऑफिस पर मोनो लगा हुआ कार्ड भी मांग पत्र पर चस्पा किया गया है। अब जाकर मांग पूरी हुई है।
















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