गुना 18 सितंबर 2026। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज गुना के शुभ विदाई गार्डन में आयोजित हितग्राही कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लाभार्थियों से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण को विकसित भारत के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया।
सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में महिलाओं को केंद्र में रखकर अनेक ऐसी योजनाएं और पहल की गई हैं, जिन्होंने महिलाओं के जीवन में सुविधा, सम्मान, स्वावलंबन और निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाया है। उनका कहना था कि महिला सशक्तिकरण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह परिवार और समाज की सोच में बदलाव का भी विषय है।
महिला सशक्तिकरण घर से शुरू होता है: सिंधिया
महिला सशक्तिकरण के सामाजिक पक्ष को रेखांकित करते हुए सिंधिया ने परिवार में महिलाओं और पुरुषों की बराबर भागीदारी की बात कही। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि घर में खाना बनाना केवल महिला की जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए- सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को पुरुषों को खाना बनाने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए, जबकि बाकी दिनों में भी घर के काम में महिलाओं के साथ बराबरी से सहयोग करना चाहिए।
12 वर्षों में महिला-केंद्रित योजनाओं का विस्तार
सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में महिलाओं के जीवन के अलग-अलग चरणों और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से महिलाओं को घर के स्वामित्व से जोड़कर उन्हें संपत्ति में अधिकार और सामाजिक सुरक्षा दी गई है। सरकार का लक्ष्य है की 2029 तक 4 करोड़ और पीएम आवास बने। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने महिलाओं को धुएं से मुक्ति और स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने का काम किया है।
सिंधिया ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लागू होने के बाद देश की संसद में महिलाओं की भागीदारी 33% तक सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। उन्होंने इसे महिलाओं को राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रतिनिधित्व देने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया।
इस अवसर पर सिंधिया ने गुना की मंजू से भी संवाद किया। मंजू ने बताया कि वह जिज्जी की पंचायत के संचालन और सामाजिक गतिविधियों में अपनी भूमिका निभा रही हैं। इसी प्रकार बैंक सखी रेखा दीदी ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि बैंक सखी के रूप में कार्य करते हुए वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हुई हैं और लगभग एक लाख रुपये प्रतिवर्ष की आय अर्जित कर रही हैं। लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी रामरती ने भी अपनी प्रेरणादायी कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि योजना से प्राप्त आर्थिक सहायता का उपयोग उन्होंने सिलाई मशीन खरीदने में किया और अब सिलाई का काम करके लगभग 8 से 10 हजार रुपये प्रतिमाह कमाने में सक्षम हैं।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में बोलते उनके नेता बोलते थे “बहन तिजोरी खाली है”। भाजपा की जनकल्याणलरी योजनाओं से आज सरकार बोल सकती है “बहन तिजोरी तुम्हारी है”।
कार्यक्रम में लाभार्थी महिलाओं की प्रेरक कहानियों को सुनते हुए मंत्री सिंधिया ने कहा कि सरकार की योजनाओं की वास्तविक सफलता तब दिखाई देती है, जब किसी महिला के जीवन में बदलाव आता है और वह अपने पैरों पर खड़ी होकर अपने परिवार तथा समाज के लिए प्रेरणा बनती है।
शिवपुरी। शहर में इन दिनों भव्य श्री गणेश महोत्सव की धूम है। जगह-जगह भगवान श्री गणेश की प्रतिमाएं विराजमान होने के साथ ही आकर्षक अचल झांकियां सजाई गई हैं। इसी क्रम में श्री गणेश सांस्कृतिक समिति न्यू ब्लॉक के तत्वावधान में भव्य श्री गणेश महोत्सव मनाया जा रहा है। महोत्सव को लेकर
समिति पदाधिकारियों ने विभिन्न गणेश पांडालों में पहुंचकर आयोजकों को आमंत्रित किया तथा भगवान श्री गणेश के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
समिति पदाधिकारियों ने शहर में स्थापित विभिन्न अचल झांकियों का अवलोकन भी किया। झांकियों में धार्मिक एवं सामाजिक संदेशों को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जिन्हें देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। गणेश महोत्सव के चलते शहर का वातावरण पूरी तरह धर्ममय नजर आ रहा है।
गज कर्णिका समिति की झांकियां बनी आकर्षण का केंद्र
शहर में विभिन्न स्थानों पर लगाई गई अचल झांकियां श्रद्धालुओं और दर्शकों का मन मोह रही हैं। विशेष रूप से गज कर्णिका समिति द्वारा लगाई गई झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इन झांकियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं और धार्मिक वातावरण का आनंद ले रहे हैं।
रात्रि 8 बजे तक दर्शनार्थी हेतु लग जाए अचल झांकियां
समिति ने सभी अचल झांकी निर्माताओं से आग्रह किया है कि वे अपनी झांकियां रात्रि 8 बजे तक जनता के दर्शनार्थ तैयार कर लें, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु एवं शहरवासी इनका अवलोकन कर
सकें। साथ ही झांकी निर्माताओं से आग्रह किया गया है कि झांकियों में जीवित वृक्षों अथवा पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री का उपयोग न करें और आकर्षक झांकियों के माध्यम से धार्मिक, सामाजिक एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दें।
समिति पदाधिकारियों ने किया नगरवासियों से सहभागिता का आह्वान
श्री गणेश सांस्कृतिक समिति न्यू ब्लॉक के अध्यक्ष तेजमल सांखला, महासचिव महेंद्र रावत, संरक्षक एडवोकेट विजय तिवारी, सचिव सौरभ सांखला, रामकुमार शिवहरे, उपाध्यक्ष शीतल जैन, वीरेंद्र जैन (पत्तेवाले), तरुण अग्रवाल, श्याम सुंदर राठौर, गोपाल गौड़, सह स्वागत अध्यक्ष इंजी. पवन जैन, समारोह संयोजक
प्रकाश सोनी, कपिल सहगल, कोषाध्यक्ष कालूराम शिवहरे, राजीव शर्मा, सह सचिव दिनेश गर्ग गुड्डे, मुन्ना लाल कुशवाह, सह कोषाध्यक्ष संजीव गुप्ता (सन्नी ग्राफिक्स), समारोह क्षेत्र व्यवस्थापक किशोर खंडेलवाल, अजय बिंदल, महेंद्र वशिष्ठ, अमित गुप्ता, प्रचार सचिव ब्रज दुबे, वरुण भार्गव, मीडिया प्रभारी राजू यादव ग्वाल तथा विशेष सहयोगी अनिल जैन काका ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से भव्य श्री गणेश महोत्सव में शामिल होने का आह्वान किया है।
समिति पदाधिकारियों ने कहा कि गणेश महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने का अवसर भी है। उन्होंने शहरवासियों से परिवार सहित गणेश पांडालों एवं अचल झांकियों के दर्शन करने तथा महोत्सव में सहभागी बनने की अपील की।