शिवपुरी। शिवपुरी शहर इन दिनों समस्याओं के चक्रव्यूह में फंसा हुआ है, लेकिन जनता के नुमाइंदे और विधायक देवेंद्र जैन धरातल से नदारद नजर आ रहे हैं। शहर की आवाम बुनियादी सुविधाओं—बिजली और पानी—के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है, वहीं प्रशासन की नाक के नीचे "मौत के सौदागर" खुलेआम घूम रहे हैं।नो-एंट्री में डंपरों का तांडव: कौन है जिम्मेदार?शहर के भीतर भारी वाहनों की नो-एंट्री सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है। थीम रोड और मुख्य मार्गों पर बेखौफ दौड़ते डंपर मासूमों की जान ले रहे हैं। हाल ही में हुए हादसों ने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं, लेकिन ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है। क्या विधायक जी इन मौतों का जवाब देंगे?
बिजली: पत्ते हिलते ही 'गुल', घोषित-अघोषित कटौती ने किया बेहालबिजली विभाग की हालत यह है कि हल्की सी हवा चलते ही शहर घंटों अंधेरे में डूब जाता है। घोषित कटौती तो ठीक, लेकिन अघोषित बिजली कटौती ने व्यापारियों और आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। भीषण गर्मी में पानी की सप्लाई भी बिजली के भरोसे है, जो फिलहाल पूरी तरह चरमरा चुकी है।अधूरा बायपास और विकास के खोखले वादेनया बायपास अभी भी (देखिए video )
अधूरा पड़ा है, जिसके कारण सारा भारी ट्रैफिक शहर के बीच से गुजरने को मजबूर है। निर्माण कार्यों की सुस्त चाल और नगर पालिका की लापरवाही पर विधायक देवेंद्र जैन की चुप्पी अब जनता को खटकने लगी है।जनता का सवाल: "विधायक जी, चुनाव के समय किए गए वादे कहाँ गए? क्या शहर की आवाम को इसी नरक जैसी स्थिति में रहने के लिए छोड़ दिया गया है?"




















































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