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#मामा_का_धमाका: जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा ने भूमाफियाओं पर कसा शिकंजा, जिला स्तरीय कॉलोनी सेल गठित, अवैध कॉलोनी काटी तो दर्ज होगा केस, हर महीने होगी समीक्षा

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shivpuri शिवपुरी। अपने खून पसीने की गाढ़ी कमाई लोग अवैध भू माफिया के चंगुल में फंसकर गवां देते हैं बाद में उन्हें प्रशासनिक मदद की जगह फटकार ही मिलती है लेकिन धन ठिकाने लग जाता है लेकिन ऐसा न हो इसकी परवाह जिले के संवेदनशील कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने कर ली है। उन्होंने "जिला स्तरीय कॉलोनी सेल" गठित कर दी है। जो अवैध कॉलोनी काटने से रोकेगी और विस्तृत समीक्षा के बाद ही लोगों को सटीक कॉलोनी होने पर प्लाट खरीदने की अनुमति देगी। आइए समझिए विस्तार से।
अवैध रूप से प्लॉट और मकान बेचकर जनता की गाढ़ी कमाई हड़पने वाले भूमाफियाओं के खिलाफ कलेक्टर अर्पित वर्मा की अगुआई में जिला प्रशासन ने अब आर-पार की जंग छेड़ दी है। राज्य सरकार के सख्त रुख के बाद जिला स्तरीय कॉलोनी सेल को मैदानी स्तर पर कड़ी कानूनी कार्यवाही करने के अधिकार दे दिए गए हैं। नए निर्देशों के तहत अब जहाँ भी बिना अनुमति के अवैध कॉलोनी विकसित होती पाई जाएगी, वहाँ के कॉलोनाइजर के खिलाफ सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी और सुसंगत धाराओं के तहत सख्त केस दर्ज करने का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
प्रशासन अब केवल कागजी कार्यवाही तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसकी 'सतत निगरानी' के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में हर महीने जिला स्तरीय कॉलोनी सेल की विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में जमीनी निरीक्षण रिपोर्ट, अवैध कॉलोनियों की ताजा स्थिति, लंबित मामलों और कॉलोनाइजरों को जारी किए गए नोटिसों पर हुई कार्यवाही की समीक्षा खुद आला अधिकारी करेंगे।
अपर कलेक्टर होंगे प्रमुख भूमिका में 
जिला स्तरीय कॉलोनी सेल का प्रभारी अधिकारी अपर कलेक्टर को बनाया गया है। सेल में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शिवपुरी, संबंधित नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री, विद्युत वितरण कंपनी के महाप्रबंधक, संबंधित उप पंजीयक तथा संबंधित तहसीलदार सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे।
हर प्रस्ताव का पहले होगा परीक्षण
जिले के नगरीय क्षेत्रों के लिए प्राप्त होने वाले समस्त नवीन कॉलोनाइजर लाइसेंस आवेदनों एवं नवीन कॉलोनी विकास अनुमति संबंधी प्रस्तावों का नियमानुसार प्रारंभिक परीक्षण जिला स्तरीय कॉलोनी सेल द्वारा किया जाएगा तथा परीक्षण उपरांत अपने स्पष्ट अभिमत सहित प्रकरण कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। नवीन कॉलोनी विकास अनुमति संबंधी प्रस्तावों पर कॉलोनी सेल द्वारा यह परीक्षण किया जाएगा कि आवेदक द्वारा मध्यप्रदेश नगरपालिका (कॉलोनी विकास) नियम 2021, मध्यप्रदेश कॉलोनाइजर रजिस्ट्रेशन एवं शर्तें नियम 1998 तथा अन्य प्रचलित नियमों के अंतर्गत अपेक्षित समस्त दस्तावेज यथा स्वामित्व संबंधी अभिलेख, प्रस्तावित कॉलोनी क्षेत्र मास्टर प्लान, विकास योजना, क्षेत्रीय योजना अथवा अन्य स्वीकृत नगरीय नियोजन प्रावधानों के अनुरूप है अथवा नहीं। प्रस्तावित कॉलोनी में सड़क, पेयजल, विद्युत, जल निकासी, उ‌द्यान, सार्वजनिक उपयोग की भूमि एवं अन्य आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत किए गए हैं अथवा नहीं, भूमि स्वामित्व, भूमि उपयोग, डायवर्सन की स्थिति, भू-अभिलेखीय प्रविष्टियों तथा किसी प्रकार के न्यायालयीन अथवा राजस्व विवाद का परीक्षण किया जाएगा। विकास हेतु प्रस्तावित कॉलोनी के संबंध में नगरीय निकाय एवं अन्य संबंधित विभागों से आवश्यक तकनीकी अभिमत प्राप्त कर समेकित प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा तथा अंतिम निर्णय हेतु कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
अवैध कॉलोनी नहीं काटी जा सकेंगी
कॉलोनाईजर लायसेंस नवीनीकरण अथवा अनुमति निरस्तीकरण संबंधी समस्त महत्वपूर्ण प्रकरण प्रभारी अधिकारी, जिला स्तरीय कॉलोनी सेल की अनुशंसा सहित अंतिम निर्णय हेतु कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। कॉलोनी सेल यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी कॉलोनी बिना सक्षम अनुमति एवं वैधानिक स्वीकृतियों के विकसित न हो। कॉलोनी सेल द्वारा जिले में विकसित हो रही कॉलोनियों का सर्वेक्षण कराया जाएगा तथा ऐसी कॉलोनियों की सूची तैयार की जाएगी जिनके पास वैध कॉलोनाइजर लाइसेंस, विकास अनुमति, स्वीकृत नक्शा, अधोसंरचना विकास योजना तथा अन्य आवश्यक अनुमतियाँ उपलब्ध हैं अथवा नहीं। जहाँ कहीं भी अनाधिकृत कॉलोनी विकसित होना पाई जाती है, वहाँ कॉलोनी सेल सुसंगत प्रावधानों के तहत कार्यवाही प्रारंभ करने एवं प्रकरण दर्ज करने के प्रस्ताव अनुशंसा सहित प्रस्तुत करगी।
हर महीने बैठक में होगी समीक्षा
जिला स्तरीय कॉलोनी सेल द्वारा प्रत्येक माह समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में प्राप्त शिकायतों, निरीक्षण प्रतिवेदनों, अवैध कॉलोनियों की स्थिति, लंबित कार्यवाहियों, जारी नोटिसों एवं प्रवर्तन कार्यवाहियों की समीक्षा की जाएगी। जिला स्तरीय कॉलोनी सेल द्वारा वैध एवं अवैध कॉलोनियों की अद्यतन सूची तैयार कर विधिवत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से बचाया जा सके।
वैध और अवैध कॉलोनियों की सूची होगी सार्वजनिक
जनता को धोखाधड़ी से बचाने के लिए प्रशासन अब जिले की सभी वैध और अवैध कॉलोनियों की एक अप-टू-डेट (अद्यतन) सूची तैयार कर रहा है। इस सूची को पूरी पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक किया जाएगा। इससे कोई भी नागरिक प्लॉट खरीदने से पहले यह आसानी से जांच सकेगा कि जिस जमीन को वह खरीद रहा है, वह कानूनी रूप से सही है या नहीं। कॉलोनी सेल सबसे पहले टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (T&CP) से स्वीकृत नक्शा, बिजली-पानी-सड़क जैसी अधोसंरचना विकास योजना और डायवर्शन जैसी जरूरी सरकारी अनुमतियों की कड़ाई से जांच करेगा।
आम जनता से विशेष अपील: सस्ते के फेर में न गंवाएं जीवन भर की पूंजी!प्रशासन ने नागरिकों के लिए एक जरूरी चेतावनी और अपील जारी की है:प्रलोभन में न आएं: शहर के बाहरी इलाकों या विकासशील क्षेत्रों में "सस्ते दाम", "आसान किस्तों" या "लोन की सुविधा" के विज्ञापनों और भूमाफियाओं के झांसे में बिल्कुल न आएं।
"अनुमतियां जरूर देखें: कोई भी प्लॉट या मकान बुक करने से पहले कॉलोनाइजर से टीएंडसीपी (T&CP) का स्वीकृत नक्शा, रेरा (RERA) रजिस्ट्रेशन नंबर और स्थानीय प्रशासन की विकास अनुमति की मूल कॉपियां मांगें।
*अवैध कॉलोनियों के नुकसान: अवैध कॉलोनियों में निवेश करने पर न तो आपको बैंक लोन मिलेगा, न ही भविष्य में वहां सड़क, पानी, सीवरेज और बिजली जैसी मूलभूत सरकारी सुविधाएं मिल पाएंगी। इतना ही नहीं, ऐसी अवैध संपत्तियों पर प्रशासन का पीला पंजा (बुलडोजर) भी चल सकता है। सावधान रहें, सुरक्षित रहें! प्लॉट खरीदने से पहले जिला कॉलोनी सेल या संबंधित कार्यालय में जाकर उसकी वैधता की जांच अवश्य कर लें।
















#मामा_का_धमाका: कलेक्टर अर्पित वर्मा ने नगर पालिका शिवपुरी की कमान प्रभारी तहसीलदार अनिल धाकड़ को सौंपी

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shivpuri शिवपुरी। नगर पालिका शिवपुरी के सीएमओ इशाक धाकड़ के ट्रांसफर के बाद अब तक नपा संभाल रहे एसडीएम आनंद राजावत के स्थान पर फेरबदल करते हुए शिवपुरी के प्रभारी तहसीलदार अनिल धाकड़ को नपा की कमान सौंप दी गई है। कार्यालय कलेक्टर (शहरी विकास) जिला शिवपुरी (म.प्र.) की ओर से जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा ने जारी आदेश में लिखा है कि प्रशासनिक कार्य सुविधा की दृष्टि से मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगरपालिका परिषद शिवपुरी का प्रभार श्री आनंद सिंह राजावत, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनुभाग शिवपुरी को कार्यालयीन आदेश क्रमांक/डूडा/2026/524 शिवपुरी दिनांक 08.06.2026 से अपने कार्य के साथ-साथ अन्य आगामी आदेश तक निर्वहन करने हेतु तत्काल प्रभाव से सौंपा गया है।
उक्त आदेश में संशोधन करते हुए कार्य सुविधा के दृष्टिगत मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगरपालिका परिषद शिवपुरी का प्रभार श्री अनिल धाकड, प्रभारी तहसीलदार, तहसील शिवपुरी को अपने कार्य के साथ-साथ अन्य आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से सौंपा जाता है।
















#मामा_का_धमाका: किन्नर समाज ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार

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* धर्म परिवर्तन के लिए दबाव, मारपीट और लूटपाट के आरोप
शिवपुरी। रन्नौद किन्नर समाज से जुड़ी  महिलाओं ने पुलिस अधीक्षक शिवपुरी को आवेदन सौंपकर कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
आवेदन के अनुसार नेहा अहिरवार एवं मुस्कान गुर्जर (किन्नर), निवासी थाना रन्नौद क्षेत्र, जिला शिवपुरी ने बताया कि कुछ लोग लगातार उन पर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बना रहे हैं। आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और लगातार धमकियां दी जा रही हैं।
पीड़िताओं का कहना है कि इस पूरे मामले में कुछ लोगों की मुख्य भूमिका है, जो अपने साथियों के साथ मिलकर उन पर दबाव बना रहे हैं। आवेदन में बताया गया है कि कई बार उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया तथा डराने-धमकाने का प्रयास किया गया, जिससे वे भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
पीड़िताओं के अनुसार 16 जून 2026 को खतोरा क्षेत्र में कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान नेहा अहिरवार और मुस्कान गुर्जर के साथ अभद्रता करते हुए अपमानित किया गया। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद दोनों काफी डरी हुई हैं।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपियों द्वारा उनके बाल काट दिए गए तथा सोने की चेन, मोबाइल फोन और अन्य सामान छीन लिया गया। पीड़िताओं का आरोप है कि आरोपियों ने उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया और भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
दोनों पीड़िताओं ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है, ताकि भविष्य में उनके साथ कोई अप्रिय घटना न हो।
फिलहाल पुलिस को आवेदन सौंप दिया गया है और पीड़िताओं को जांच के बाद न्याय मिलने की उम्मीद है।।आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।














#मामा_का_धमाका: नीट की परीक्षा का केंद्र नहीं बना शिवपुरी, हजारों परीक्षार्थी जाएंगे दूरदराज परीक्षा देने, गुस्साए लोगों ने केंद्रीय मंत्री सांसद द ग्रेट ज्योतिरादित्य सिंधिया को लिखा खत, केंद्र बनाया जाए शिवपुरी

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shivpuri शिवपुरी। देश भर में नीट परीक्षा को लेकर चर्चा हो रही है। पुनः परीक्षा का टाइम टेबिल घोषित हो गया है, परीक्षा केंद्र की सूची भी वायरल हुई है जिसमें शिवपुरी की अपेक्षा कम संसाधन वाले जिलों को परीक्षा केंद्र का सौभाग्य मिला है लेकिन शिवपुरी राजनैतिक रूप से खासा रसूखदार होते हुए भी पिछड़ गया है। यही कारण है कि लोग सोशल साइड और भड़ास निकाल रहे हैं उनका कहना जायज भी है कि केंद्रीय मंत्री द ग्रेट ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसी तोप होने के बाद भी शिवपुरी ने परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया जिसके चलते शिवपुरी के हजारों परीक्षार्थी दूर जिलों में परीक्षा देने जाएंगे और परेशान होंगे। 
यही कारण है कि लोगों ने केंद्रीय मंत्री को विभिन्न माध्यम से पत्र भेजकर शिवपुरी में केंद्र बनाए जाने की गुहार लगाई है।पत्रकार राजवर्धन गौर ने भी द ग्रेट सिंधिया को पत्र भेजा है जबकि कुछ अन्य ने भी यही बात कही। जबकि कुछ लोग फैसबुक पर उलटे सीधे कमेंट्स कर रहे हैं। 
मामा का धमाका न्यूज ने भी रखा पक्ष
स्थानीय नेताओं का फर्ज है कि समय रहते उक्त संबंध में केंद्रीय मंत्री द ग्रेट सिंधिया को अवगत कराए लेकिन वे अजीब तन्द्रा में रहते हैं और जनता परेशान होती है। बताना होगा कि मामा का धमाका न्यूज शिवपुरी ने भी द ग्रेट सिंधिया से शिवपुरी में केंद्र खोले जाने की मांग की है।














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