नरवर। ये है नरवर का शमसान घाट जहाँ पर गंदगी का अम्बार है, यहां किसी का अंतिम संस्कार करने वालों को बैठना तो दूर खड़े होने को जगह नहीं है, मुख्य दरवाजे पर कीचड़ है। आश्चर्य की बात है कि इस पर अभी तक किसी समाजसेवी, राजनीतिक, मीडिया या नगर परिषद के किसी भी कर्मचारी या अधिकारी का ध्यान नहीं गया। मैं नरवर का मूल निवासी होने के कारण कल यहाँ आया तो इसकी यह दशा देखकर बहुत दुखी हुआ अब 4 - 5 दिन नरवर रुककर इसकी सफाई और लोगों के बैठने कीव्यवस्था का इंतजाम करने का प्रयास करूंगा।
गजेन्द्र सिंह सोलंकी 'समाज सेवी'
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